जाट आंदोलन के मद्देनजर स्कूल रहेंगे बंद


-पानी, दूध और फल-सब्जियों से लेकर परिवहन हुआ वाधित, मुनाफाखोरों की चांदी
नई दिल्ली। हरियाणा में जहां जाट आरक्षण आंदोलन हिंसक हो चुका है तो वहीं इसकी आंच अब दिल्लीवासियों को भी परेशान करती नजर आ रही है। जाट आंदोलन के चलते रोजमर्रा की चीजों के लिए दिल्लीवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कुछ मुनाफाखोर व्यापारी मन माफिक दाम में खाद्पदार्थ बेंचकर चांदी काट रहे हैं। वहीं आंदोलनकारियों द्वारा मुनक नहर से पानी की सप्लाई रोक देने के कारण पहली बार दिल्ली के ७ प्लांट बंद हो गए हैं।
दिल्ली के पर्यटन मंत्री और जल बोर्ड के मुखिया कपिल मिश्रा ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि राजधानी में रविवार सुबह के बाद एनडीएमसी सहित ६० फीसदी इलाकों में पाइप्ड वॉटर की सप्लाई संभव नहीं है। शनिवार को इस मसले पर मुख्यमंत्री अरिंवद केजरीवाल ने फोन पर और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री कपिल मिश्रा ने वेंâद्रीय गृह मंत्री राजनाथ िंसह के आवास पर जाकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद वेंâद्र और हरियाणा सरकार ने जल्द मुनक नहर से पानी आर्पूित शुरू कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मुनक नहर की सुरक्षा के लिए सेना को भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के कारण प्रभावित परिवहन व्यवस्था से दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साqब्जयों के थोक बिक्री मूल्य वृद्धि सहित दूध की आर्पूित प्रभावित हुई है। आजादपुर मंडी के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन जारी रहता है, तो राष्ट्रीय राजधानी में साqब्जयों की आर्पूित आगे और प्रभावित होगी। प्रमुख दूध उत्पादक वंâपनी अमूल ने पहले ही अपने रोहतक संयंत्र में परिचालन को बंद कर दिया है, जहां पांच लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन क्षमता है, जबकि क्वालिटी लिमिटेड ने कहा है कि उसने अपने सिरसा और फतेहाबाद चििंलग सेंटर से दूध संग्रहण का काम रोक दिया है। प्रदर्शन के कारण परिवहन व्यवस्था बाधित होने से मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर में दूध की मांग को उत्तर प्रदेश की बढ़ी हुई आर्पूित से पूरा किया जा रहा है, जबकि साqब्जयों की मांग को पड़ोसी राज्य राजस्थान से पूरा किया जा रहा है। टमाटर, पूâलगोभी, गाजर और हरी पत्तियों वाली साqब्जयों की थोक कीमत शनिवार को आजादपुर मंडी में १०० रुपये प्रति िंक्वटल बढ़ गई, जो फलों और साqब्जयों की एशिया में सबसे बड़ी मंडी है। हालांकि, मांग को राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों से पूरा किया जा रहा है। गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने कहा, कि हम रोहतक संयंत्र से राष्ट्रीय राजधानी को दूध की आर्पूित करते हैं। लेकिन विगत तीन दिनों से हमने वहां परिचालन बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रोहतक संयंत्र में प्रोसेस्ड दूध को दिल्ली-एनसीआर नहीं लाया जा सका और इन्हें स्थानीय स्तर पर ही वितरित करना पड़ा। हालांकि एनसीआर क्षेत्र के लिए स्टॉक की कोई कमी नहीं है। सोढी ने कहा, अगर ाqस्थति इसी तरह बनी रही, तो यह िंचता का विषय है।
उधर दिल्ली सरकार ने बढ़ते जल संकट को देखते हुए सोमवार को सभी स्वूâल बंद रखने का निर्देश दिया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सोमवार को सभी स्वूâलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली में रविवार सुबह तक का ही पानी है। हमारे पास पानी उपलब्ध नहीं है और इसे पाने का तुरंत कोई रास्ता भी नहीं दिख रहा। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। सोमवार को जिन स्वूâलों में परीक्षाएं होनी थीं, वो भी रद्द कर दी गई हैं।