जयललिता ने ली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री पद की शपथ


चेन्नई : अन्नाद्रमुक की नेता जे जयललिता ने सोमवर सुबह लगातार दूसरी बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। कैबिनेट में उनके भरोसमंद ओ पनरीसेलवम सहित कुल 28 मंत्री होंगे। शपथ ग्रहण समारोह मद्रास यूनिवर्सिटी सेनटेनरी ऑडिटोरियम में आयोजित किया, जहां राज्‍यपाल ने उन्‍हें सीएम पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जयललिता के शपथ ग्रहण समारोह के लिए सभागार को पूरी तरह से सजाया गया था। जयललिता ने कुल छठी बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

जयललिता ने बीते दिनों तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैया से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा औपचारिक रूप से पेश किया। अन्नाद्रमुक विधायक दल की नेता चुने जाने के एक दिन बाद जयललिता ने रोसैया से मुलाकात की और अपने नेता चुने जाने की एक प्रति सौंपी।

जयललिता के लिए इस सभागार का विशेष महत्व है। उन्होंने पहली बार 24 जून 1991 को यहीं मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तत्कालीन राज्यपाल भीष्म नारायण सिंह ने उन्हें शपथ दिलायी थी। उन्होंने 2011 में भी वहीं शपथ ली थी। हालांकि 2001 में उन्होंने राज भवन में शपथ ली थी। सभागार के बाहरी और भीतरी दोनों हिस्सों को सजाया गया। इसके अलावा पूरे भवन को आकर्षक रोशनी से भी सजाया गया। सभागार परिसर के अलावा फोर्ट सेंट जार्ज में मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों के कक्षों का भी नए सिरे से रंगरोगन किया गया तथा सचिवालय की ओर जाने वाली सड़कों को भी चमकदार बनाया गया।

राज भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जयललिता ने उन लोगों के नाम दिए हैं जिनको कैबिनेट में शामिल किया जाना है। जयललिता अपने पास गृह, अखिल भारतीय सेवा, लोक एवं सामान्य प्रशासन विभाग रखेंगी। पनीरसेलवम को वित्त, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग दिया जाएगा। पहले भी उनके पास यही विभाग थे।

गौर हो कि इस बार के विधानासभा चुनाव में जयललिता की पार्टी ने 134 सीटें हासिल करके बहुमत हासिल किया है। साल 1984 के बाद तमिलनाडु में पहली बार हुआ कि किसी पार्टी ने लगातार दो बार चुनाव जीता है। विपक्षी द्रमुक ने इस चुनाव में 89 सीट जीती हैं।

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