जनता परिवार एक, मुलायम को कमान


० जनता परिवार के ६ दलों ने मिलाए हाथ
० आगामी चुनाव में भाजपा के खिलाफ साथ
नईदिल्ली। अब आगामी चुनावों में भाजपा और मोदी का विजयी अभियान रोकने के लिये जनता परिवार एक जुट हुआ है। बिहार चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए एक होने की राह पर चल रहा समाजवादी कुनबा बुधवार को एक हो गया। इसका फैसला सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के घर पर चली मैराथन बैठक में लिया गया है। बैठक में जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने एका का ऐलान करते हुए कहा कि एका का फैसला सभी दलों की आम सहमति से हुआ है। नए दल के अध्यक्ष तथा संसदीय समिति के अध्यक्ष मुलायम ंिसह यादव होंगे। यादव ने कहा कि पार्टी का नाम और झंडा के बारे में अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं इसमें एच.डी.देवगौड़ा, लालू प्रसाद, शरद यादव और रामगोपाल यादव सहित ६ सदस्यीय समिति बनाई है जो पार्टी के नाम और झंडा जैसे मुद्दों का फैसला करेगी। जिन दलों का विलय हुआ, उनमें सपा, राजद, जदयू, जेडीएस, आइएनएलडी और कमल मोरारका की पार्टी शामिल हैं।

० हम एकजुट होकर भाजपा का सामना करेंगे- मुलायम
एका के मुखिया चुने जाने के बाद मुलायम ंिसह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार विपक्षी दलों की राय नहीं लेती है। इस अहंकार शासन को समाप्त करना जरूरी है। अब हम एकजुट होकर भाजपा का सामना करेंगे। उन्होंने कहाकि भाजपा अपने वादों पर खरे नहीं उतरी है। सरकार ने कोई काम नहीं किया है। मुलायम ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की अहम भूमिका होती है, ऐसे में मीडिया वालों को इस नये दल के संदेशों को जनता तक पहुंचाना चाहिए।
० हमारे बीच कोई अहम नहीं- लालू
एकता की घोषणा के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि अभी देश मेें सांप्रदायिक शक्तियों को देखते हुए हमने इसका फैसला किया है। हमारे बीच कोई अहम नहीं है।

० एकजुट की पहल में सफल हुए- नीतीश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह जनता परिवार के सभी सदस्यों को एकजुट करने की पहल है और हम इसमें सफल हुए हैं। उन्होंने इस पहल के लिए मुलायम ंिसह को धन्यवाद दिया। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने इस पहल को एक अहम कदम बताया। इससे पहले, नीतीश ने कहा था कि फायदे-नुकसान की बात नहीं है। विलय होना चाहिए ये हम सब की इच्छा थी। हम देश में सशक्त विपक्ष बनकर आएंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हो रहे इस विलय को बिहार में मोदी रथ को रोकने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी यह गठजोड़ अहम माना जा रहा है।

० इस धर्मनिरपेक्ष दल मजबूत होंगे- अभय
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने पुत्र अभय चौटाला ने भी इसे देश की जरूरत बताते हुए कहा कि इस धर्मनिरपेक्ष दल मजबूत होंगे।

० बिहार चुनाव पर टिकीं निगाहें
विलय का सबसे बड़ा सियासी फायदा राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड को बिहार चुनाव में होता दिख रहा है। अब तक चुनाव में दोनों ही पार्टियों आपस में भिड़ती रहीं, कई बार एक दूसरे के वोट बैंक को नुकसान भी पहुंचाया। विलय होने के साथ दोनों पार्टियों के वोटबैंक का साथ अब तय माना जा रहा है। अब राज्य में अगर भाजपा चुनाव में हारी तो इसका असर उत्तर प्रदेश चुनावों में भी दिखेगा।
० जनता परिवार होगी राष्ट्रीय पार्टी
नई पार्टी को लोकसभा में कुल १५ सांसद हैं और राष्ट्रीय वोट का ७.०६ फीसदी. ये आंकड़े तो यही बताते हैं कि जनता परिवार को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा. मौजूदा कानून के मुताबिक कोई भी राजनीतिक पार्टी जो जनता के सदन यानी लोकसभा के कुल सीटों का २ प्रतिशत जीतने में कामयाब रहे और उसके सदस्य कम से कम ३ अलग राज्यों से चुनकर आए हों, ऐसी स्थिति में इस पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता दी जाएगी। तकनीकी तौर पर नई पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी माना जाएगा। हालांकि, इस पर फैसला चुनाव आयोग को करना होगा क्योंकि यह विलय चुनाव के पहले नहीं, इसके बाद हो रहा है।
सदन में पार्टियों की स्थिति
दल लोकसभा राज्यसभा
एसपी ०५ १५
आरजेडी ०४ ०१
जेडी(यू) ०२ १२
जेडी(एस) ०२ ०१
आईएनएलडी ०२ ०१
कुल १५ ४०