चौथे दौर की कोयला ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया रद्द


नई दिल्ली। वेंâद्र सरकार ने चौथे दौर की कोयला ब्लॉक नीलामी की प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह नीलामी अगले महीने होने वाली थी। नीलामी के लिए बिड भरने वालों में स्टील सेक्टर की बेरुखी और कोयले के मूल्य में सुस्ती के साथ प्रतिवूâल बाजार ाqस्थतियों के चलते प्रक्रिया रद्द की गई है। सरकार ने पिछले महीने आयरन व स्टील, सीमेंट और कोqप्टव पावर को नौ ब्लॉक आवंटित करने के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने संवाददाताओं को बताया कि हमें कोयला ब्लॉकों की नीलामी के लिए पर्याप्त बिड नहीं मिली हैं। हमें ९ ब्लॉकों के लिए सिर्पâ १५ बिड मिली हैं। इस वजह से नीलामी प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि ये कोयला खदानें नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर जैसे आयरन स्टील, सीमेंट व कोqप्टव पावर को नीलामी में देने का पैâसला किया गया था। इन उद्योगों पर बाजार की प्रतिवूâल ाqस्थतियों का असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मांग की कमी और स्टील व अल्यूमीनियम उद्योग पर दबाव के कारण ज्यादा बिड नहीं मिल पार्इं। ये सेक्टर सबसे ज्यादा कोयले का इस्तेमाल करते हैं। लगता है कि इस समय स्टील और दूसरे सेक्टर कोयला ब्लॉक खरीदने के लिए वित्तीय प्रतिबद्धता लेने की ाqस्थति में नहीं हैं क्योंकि बाजार की ाqस्थति ठीक नहीं है। ऐसे में सरकार ब्लॉकों की नीलामी के लिए सही समय का इंतजार करेगी।
स्वरूप के अनुसार हम बाजार की ाqस्थति पर नजर रखेंगे और सही समय पर दुबारा प्रक्रिया शुरू करेंगे। मोटे तौर पर कमोडिटीज के मूल्यों में दबाव है इसलिए कोयले में भी सुस्ती है। इस समय वंâपनियां वित्तीय दृाqष्ट से पर्याप्त मजबूत नहीं हैं। चौथे दौर की नीलामी १८ से २२ जनवरी के बीच होनी थी। इससे पहले तीन चरणों में कोयला ब्लॉकों की नीलामी से तीन लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। इस राजस्व का बड़ा हिस्सा उन राज्यों को अगले तीस साल के दौरान मिलेगा, जहां ब्लॉक ाqस्थत हैं