चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने पर दो साल जेल की सजा


हैदराबाद। भारत सरकार ने यदि निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव को मान लिया, तो चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने वाले उम्मीदवारों को दो साल तक जेल की सजा हो सकती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने शनिवार को कहा, ’’हमने प्रासंगिक जानकारी छिपाने के किसी भी प्रयास को अपराध मानने का प्रस्ताव रखा है। हमने यह भी कहा है कि चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने या कोई जानकारी छिपाने में दो साल की सजा का प्रावधान किया जाए।’’
चुनाव और राजनीतिक सुधारों पर र्वािषक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जैदी ने बताया कि आयोग के प्रस्ताव पर फिलहाल कानून मंत्रालय विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, ’’हम यह सुनिाqश्चत करना चाहते हैं कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अपने पिछले रिकॉर्ड खासतौर से आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी जनता को दें। यदि कोई उम्मीदवार आपराधिक रिकॉर्ड की आधी-अधूरी जानकारी देता है, तो यह ज्यादा नुकसानदेह है।’’
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव वाले पांचों राज्यों के अधिकारियों से उन इलाकों की निशानदेही करने को कहा है, जहां कमजोर तबकों की ज्यादा आबादी है। आयोग का उद्देश्य निर्वाचन प्रकिया में इन लोगों की भागीदारी सुनिाqश्चत करना है। आयोग ने कहा है कि कमजोर तबके के लोगों को उन इलाकों में वोट डालने न जाना पड़े, जहां उनको रोके जाने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि असम, पाqश्चम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पांडिचेरी में चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।