चीनी राष्ट्रपति ने सुषमा के लिए तोड़ा प्रोटोकॉल


– सुषमा से मुलाकात करने हुए राजी
पेइिंचग। चीनी राष्ट्रपति शी चिनिंफग भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सोमवार को मुलाकात करने पर तैयार हो गए हैं। चीनी राष्ट्रपति अपने देश में आए किसी विदेश मंत्री से बहुत कम मिलते हैं। कभी-कभी वे स्वेच्छा से मिलने के लिए हां कहते हैं। शी चिनिंफग का सुषमा स्वराज से सीधे मिलना कई मामलों में अहम है। चीनी राष्ट्रपति के इस कदम को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की दिल्ली यात्रा से भी जोड़कर देखा जा सकता है।
ओबामा के दिल्ली दौरे को एशिया-प्रशांत और हिन्द महासागर पर भारत-अमेरिका के संयुक्त रणनीतिक दृाqष्टकोण के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जाहिर है भारत-अमेरिका के इस गठजोड़ से चीन खुद को असहज ाqस्थति में पा रहा है। इसके अलावा नए शासन में चीन के कट्टर प्रतिद्वंद्वी जापान के साथ भारत की बढ़ती निकटता से भी चीन परेशान है।
सुषमा स्वराज की रूसी विदेश मंत्री सेर्गेइ लारोव से भी बेहद अहम मुलाकात होनी है। सोमवार को चीन, भारत और रूस के विदेश मंत्रियों की तय बैठक से पहले सेर्गेइ लारोव सुषमा से प्रारंभिक बातचीत के लिए होटेल पहुंचेंगे। सुषमा तीनों विदेश मंत्रियों की शिखर बैठक से पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात करेंगी।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हु चुिंन्यग ने कहा कि चीन को सुषमा की यात्रा से दोनों देशों के बीच कई मसलों पर व्यापक सहमति बनने की उम्मीद है। दोनों देश अपने मतभेदों पर बातचीत के लिए तैयार हैं। हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच इस बैठक में व्यापक सहमति बन सकती है। हम इस बातचीत से राजनीतिक भरोसे और व्यावहारिक सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं। हमारे आपसी सहयोग को कुछ गति मिलेगी। हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वय और सहयोग की राह पर बढ़ेंगे। चीन, रूस और भारत की इस शिखर बैठक से आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसे ग्लोबल मुद्दों पर जॉइंट स्टैंड की उम्मीद की जा रही है। हु ने कहा, ‘हमलोगों की बड़े इंटरनैशनल और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक तरह की सोच है। ऐसे में बैठक के दौरान हम समान हितों पर अपने विचार साझा कर व्यवहारिक सहयोग की बात करेंगे।’