चार सालों में पूरी तरह बदल जाएगी भारतीय रेल: सिन्हा


मथुरा। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को यहां केंद्र सरकार के पिछले दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों और आने वाले अगले तीन-चार सालों की रूपरेखा पेश करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार के कार्यकाल में रेलवे की स्थिति काफी कुछ बदल जाएगी।
सिन्हा यहां मथुरा जंक्शन पर बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों व बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से बनाई गई स्वचालित सीढ़ियों का लोकार्पण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

राज्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं पर रेलवे सालाना 48 हजार करोड़ तक खर्च कर रही थी। लेकिन इस सरकार ने पिछले साल एक लाख करोड़ रुपए और इस साल सवा लाख करोड़ व्यय करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि 2020 तक रेलवे आरक्षण में प्रतीक्षा सूची को खत्म कर उसे मांग के अनुरूप कर दिया जाए। यात्री जब चाहें, सुनिश्चित सीट पा सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि मथुरा के निकट रेलवे बाइपास बनाने की एक योजना तैयार की जा रही है। इस पर सौ करोड़ रुपए खर्च होगा। इस योजना के पूूरी होने पर तेज गति की ट्रेनों को चलाना आसान हो जाएगा।

रेलवे 12 जून के बाद मथुरा-पलवल के बीच दो सौ किमी गति से चलने वाली टैल्गो ट्रेनों शुरू करने जा रहा है। उन्होंने मथुरा से वृंदावन के बीच चलने वाली रेल बस को जल्द ही फिर से पटरी पर लाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगले दो महीने में वृंदावन की रेल बस इज्जतनगर के वर्कशॉप से तैयार होकर आ जाएगी।