‘घर वापसी’ कराने वाले राजेश्वर की छुट्टी !


नईदिल्ली । भारत को िंहदू राष्ट्र बनाने का सपना देखने वाले उत्तर प्रदेश के धर्म जागरण समन्वय समिति के संयोजक राजेश्वर िंसह को उनके पद से हटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार राजेश्वर को उनके पद से हटाने का पैâसला संघ नेतृत्व ने किया है। हालांकि राजेश्वर िंसह का कहना है कि खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने खुद छुट्टी ली है। गौरतलब है कि राजेश्वर के नेतृत्व में ही आगरा में ८ दिसंबर इस संगठन ने धर्मांतरण के कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें कई मुाqस्लम परिवार िंहदू धर्म में तब्दील हो गए थे। इसके बाद में इस कार्यक्रम को लेकर जमकर सियासी बवाल मचा। इस कारण से मोदी सरकार को आलोचनाओं को सामना भी करना पड़ा है। आरएसएस के वरिष्ठ कार्यनेता का कहना है कि यह पैâसला आरएसएस नेताओं द्वारा किया गया है। इसके लिए कोई कारण नहीं बताई नहीं गई, लेकिन हम इस घटनाक्रम को मोदी नीत एनडीए सरकार और संघ के बीच खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं। पैâसले से साफ है कि मोदी संघ पर ऐसे नेताओं को हटाने के लिए दबाव बनाने में कामयाब हुए, जो भगवा संगठन को पुराने एजेंडे पर वापस लाने जाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजेश्वर ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि धर्मांतरण वैंâपेन से कुछ दिन तक दूर रहने का पैâसला निजी है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वास्थ्य कारणों से नेतृत्व से छुट्टी की गुजारिश की थी। मुझे ३ महीने की छुट्टी मिली है। आपको बता दें कि १८ दिसंबर को राजेश्वर िंसह ने ऐलान किया था कि वह तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक भारत को िंहदू राष्ट्र न बना दें। उन्होंने कहा था कि हमारा लक्ष्य ३१ दिसंबर २०२१ तक भारत को िंहदू राष्ट्र बनाने का है। मुाqस्लमों और ईसाइयों को यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है। या तो वे िंहदू धर्म को मानें, नहीं तो देश छोड़कर जाना होगा।