गुलबर्ग नरसंहार : 11 दोषियों को उम्रकैद, 1 को 10 और 12 को 7 साल की सजा


अहमदाबाद। गुलबर्ग सोसाइटी दंगा मामले में अहमदाबाद की विशेष एसआईटी अदालत ने 24 दोषियों को सजा सुनाई है। इनमें से 11 दोषियों को उम्रकैद, 12 लोगों को 7 साल की सजा और 1 आरोपी को 10 साल की सजा दी सुनाई गई है। साल 2002 के इस नरसंहार में कुल 69 लोगों की हत्या की गई थी। नरसंहार में 39 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। अहमदाबाद का गुलबर्ग सोसायटी कांड 27 फरवरी 2002 को हुए गोधरा कांड के ठीक अगले दिन यानी 28 फरवरी 2002 को हुआ था। अहमदाबाद शहर में घटित हुए इस कांड में दंगाइयों ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला बोल दिया था, जहां कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी अपने परिवार के साथ रहा करते थे। 2 जून को कोर्ट ने 60 में से 36 आरोपियों को बरी कर दिया था। 24 दोषियों को आज सजा सुनाई गयी।

24 दोषियों का नाम                                       सजा
कैलाश लालचंद धोबी                                      उम्रकैद
योगेन्द्रसिंह उर्फ लालूसिंह शेखावत                  उम्रकैद
जयेश कुमार उर्फ गब्बर जिंगद                        उम्रकैद
कृष्ण कुमार उर्फ कृष्णा मुन्नालाल                  उम्रकैद
जयेश रामजी परमार                                       उम्रकैद
राजू उर्फ मामो कालियो                                   उम्रकैद
नारण सीताराम टांक                                       उम्रकैद
लाखनसिंह उर्फ लाखियो                                   उम्रकैद
भरत लक्ष्मणसिंह राजपूत (विहिप)                 उम्रकैद
दिनेश प्रभुदास शर्मा                                         उम्रकैद
मांगीलाल धूपचंद जैन                                     10 साल की कैद
सुरेन्द्र उर्फ वकील दिग्विजयसिंह चौहान           7 साल की कैद
दिलीप उर्फ कालू चतुरभाई परमार                    7 साल की कैद
संदीप उर्फ सोनू रामप्रकार महेरा(पंजाबी)         7 साल की कैद
मुकेश पुखराज सांखला                                    7 साल की कैद
अंबेश कांतिलाल जिंगर                                   7 साल की कैद
प्रकाश उर्फ काली खेजारजीं पढियार                 7 साल की कैद
मनीष प्रभुलाल जैन                                        7 साल की कैद
धर्मेश प्रहलादभाई शुक्ल                                7 साल की कैद
कपिल देवनारायण उर्फ मुन्नाभाई मिश्रा         7 साल की कैद
सुरेश उर्फ काली डाह्याभाई धोबी                      7 साल की कैद
अतुल इन्द्रवदन वैद्य (विहिप नेता)                 7 साल की कैद
बाबूभाई हस्तीमल मारवाडी                           7 साल की कैद

हमें अधूरा न्याय मिला है। सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा दी जानी चाहिए थी। मेरी लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है।
जाकिया जाफरी, पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी
मेरा भाई निर्दोष है, हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
एक आरोपी की बहन

हम फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन हम निराश हैं, कम सजा पर।

तीस्ता सीतलवाड का बयान