गरीबी पर बैठक में राज्यों ने मांगा पानी


नई दिल्ली। लगातार दो साल मानसून सामान्य से कम रहने के कारण देश के कई भागों में पीने के पानी का जबर्दस्त संकट खड़ा हो गया है। हाल यह है कि नीति आयोग की एक टास्क फोर्स ने गरीबी पर चर्चा के लिए दक्षिणी राज्यों की बैठक बुलाई तो कई प्रदेशों ने पेयजल मुहैया कराने की गुहार लगा दी। राज्यों ने कहा कि उनके यहां पेयजल का बड़ा संकट है। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराने में नीति आयोग मदद करे। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरिंवद पानागढ़िया की अध्यक्षता में १३ अप्रैल को हुई इस बैठक में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और लक्षद्वीप के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। पानागढ़िया गरीबी पर नीति आयोग की टास्क फोर्स के अध्यक्ष हैं। इसलिए वह गरीबी उन्मूलन पर दक्षिणी राज्यों से परामर्श के लिए हैदराबाद गए थे। इस बैठक में मुख्य तौर पर जिन चार िंबदुओं पर चर्चा की गई, उनमें सबसे अहम यह है कि गरीबी का मापन और लाभार्थी परिवारों की पहचान वैâसे की जाए।
गरीबी घटाने की दिशा में कितनी प्रगति हुई है, यह वैâसे आंका जाए, इस बारे में भी विचार हुआ। एक सुझाव यह भी आया कि लाभार्थी परिवारों की पहचान के लिए २०११ की सामाजिक र्आिथक और जातिगत जनगणना के आंकड़ों का सहारा लिया जाए। राज्यों ने यह भी कहा कि नीति आयोग गरीबी की परिभाषा का इस्तेमाल सिर्पâ गरीबी घटाने की दिशा में प्रगति का आकलन करने के लिए करे। गरीबी रेखा को सरकारी योजनाओं के लाभ से अलग किया जाए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवा\नग काउंसिल की आठ फरवरी, २०१५ में हुई बैठक में गरीबी उन्मूलन पर टास्क फोर्स गठित करने का पैâसला किया गया था। इसके बाद १६ मार्च, २०१५ को आयोग के उपाध्यक्ष अरिंवद पानागढ़िया की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया। नीति आयोग की तर्ज पर राज्यों में भी समानांतर टास्क फोर्स का गठन किया गया।