गंगा सफाई हेतु बनाई योजनाएं को नहीं मिल रही मंजूरी


नई दिल्ली । वेंâद्र सरकार ने बीते दो सालों से गंगा नदी की सफाई हेतु बनाई गई योजनाओं को मंजूरी नहीं दी है। राज्यसभा में इस बात को लेकर कई सवाल खड़े किए गए। सांसदों द्वारा गंगा नदी पर विभिन्न प्रोजेक्ट को लेकर पड़ने वाले प्रभाव पर िंचता जताई गई। पर्यावरण तथा वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सदन में अपने बयान में कहा कि ‘हमारे मंत्रालय ने बीते दो सालों में गंगा पर लगने वाली किसी भी नई योजना को मंजूरी नहीं दी है’। उन्होंने कहा कि गंगा नदी का अविरल प्रवाह हमारी प्राथमिकता है। जावड़ेकर ने कहा कि नदी पर किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी उसी सूरत में मिलेगी जिससे की जल प्रवाह में किसी तरह की बाधा न आए। सदन में जानकारी देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि मंत्रालय में इस बात पर चर्चा की गई कि नदी में पानी का प्रवाह न्यूनतम एक हजार क्यूसेक पानी का हो। इसी शर्त पर किसी भी परियोजना को मंजूरी दी जाएगी। ये मानक गंगा के सभी सहायक नदियों पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि १९१६ में हरिद्वार में हुई एक बैठक में इस पर पैâसला लिया गया था। वेंâद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गंगा नदी पर प्रस्तावित २४ प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी गई है। साथ ही गंगा की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है।