खाड़ी देशों के लिए अनाज उपलब्ध करायेगा भारत


नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा वूâटनीति को एक नया आयाम देने की तैयारी है। देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिाqश्चत करने में जुटी वेंâद्र सरकार ने खाड़ी देशों के साथ अनूठी वूâटनीतिक पहल शुरू की है। इसके तहत भारत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत खाड़ी के अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा सुनिाqश्चत करेगा। इसके बदले में कच्चे तेल का अवूâत भंडार रखने वाले ये देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी देंगे। मई में ओमान में होने वाली गल्फ-इंडिया पार्टनरशिप कॉन्प्रेंâस में इस बारे में विस्तार से बातचीत होगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले वर्ष यूएई यात्रा के दौरान ऊर्जा के बदले खाद्य सुरक्षा को लेकर बात हुई थी। अभी यह विचार के स्तर पर है, लेकिन इसमें अपार संभावनाएं हैं। हम यूएई समेत खाड़ी के देशों के लिए खाद्य भंडारण की व्यवस्था कर सकते हैं। जबकि वे हमारे देश में बनने वाले तेल भंडारण में हिस्सा बंटा सकते हैं।
भारत में अभी कच्चे तेल की भंडारण के लिए तीन विशालकाय टैंक तैयार किए जा रहे हैं। इनमें ५० लाख टन कच्चे तेल को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसका इस्तेमाल आपातकालीन परिाqस्थतियों में किया जाएगा।विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस बारे में पिछले दिनों अबूधाबी के िंप्रस शेख मोहम्मद बिन जायद की भारत यात्रा के दौरान इस बारे में बात हुई है। अबूधाबी ने प्रस्ताव किया है कि वह भारत में जमीन के अंदर बन रहे भंडारण टैंकों में अपना तेल रखना चाहता है।
बदले में इस तेल का एक बड़ा हिस्सा भारत बगैर कोई कीमत अदा किए इस्तेमाल कर सकता है। यह एक तरह से दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा होगा। अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत काफी कम है। इसलिए अबूधाबी चाहता है कि कच्चे तेल को भारतीय क्षेत्र में सुरक्षित रखा जाए और जब कीमत बढ़े तो वह इसकी बिक्री करेगा। इससे भारत को आसानी से तेल मिलेगा। इतना ही नहीं यह भारत के कृषि उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार पैदा कर सकता है।