क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों पर भी ध्यान दें युवा : मोदी


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात रेडियो कार्यक्रम में कहा कि युवाओ को व्रिकेट के अलाव अन्य खेलों में भी रूचि रखनी चाहिये। उन्होंने कहा कि अब देश में ऐसा हो भी रहा है। मोदी ने कहा, ‘भारत में क्रिकेट की तरह अब पुâटबॉल, हॉकी, टेनिस और कबड्डी का भी एक मूड बनता जा रहा है। अगले वर्ष २०१७ में भारत फीफा अंडर १७ विश्व कप की मे़जबानी करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि फीफा में हमारी रैंिंकग इतनी नीचे है कि मेरी बोलने की हिम्मत ही नहीं हो रही है। ऐसे में मेरा सपना है कि हर नौजवान विश्व कप का एम्बेसेडर बने। हम सब की कोशिश है कि पुâटबाल को गांव.गांव, गली.गली तक पहुंचाया जाए। जो काम पर्यटन और संस्कृति विभाग नहीं कर सकते, वो काम देश के करोड़ों प्रवासियों ने कर दिया। जब मैं मुख्यमंत्री नहीं था, प्रधानमंत्री नहीं था और आप ही की तरह छोटी उम्र थी, मैंने बहुत भ्रमण किया, शायद हिन्दुस्तान का कोई जिला नहीं होगा, जहां मुझे जाने का अवसर न मिला हो।
़िजन्दगी को बनाने के लिए प्रवास की एक बहुत बड़ी ता़कत होती है और अब भारत के युवकों में, प्रवास में साहस जुड़ता चला जा रहा है। हमारा युवा साहसिक हो, जहां कभी पैर नहीं रखा है, वहां पैर रखने का उसका मन होना चाहिए। नागपुर के पास सावनेर में इको प्रेंâडली माइन टूरिज्म र्सिकट का विकास करने के लिए कोल इंडिया को एक विशेष बधाई। आप भी एक टूरिस्ट (पर्यटक) होने के नाते पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता पर आप बल दे सकते हैं। आप अपनी छुट्टियों का समय अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपने पास कोई एक नये हुनर के लिए, अपने कौशल-विकास के लिए अवश्य करें। महादेवी वर्मा ने पक्षियों के लिए लिखा था तुझको दूर न जाने देंगे, दानों से आंगन भर देंगे और हौद में भर देंगे हम, मीठा-मीठा ठंडा पानी।
उन्होंने कहा है कि हमारे पास दूध बेचने वाले, अ़खबार बेचने वाले, पोस्टमैन आते हैं। क्या कभी हमने उनको पानी के लिए पूछा है? बात छोटी होती है, लेकिन गर्मी के बीच अगर पोस्टमैन घर के पास आया और हमने पानी पिलाया, कितना अच्छा लगेगा उसको।
कुछ लोगों को लगता है कि डिजिटल इंडिया शहरी नौजवानों की दुनिया है। जी नहीं, `किसान सुविधा ऐप’ आप सब की सेवा में प्रस्तुत है। `किसान सुविधा ऐप’ के माध्यम से कृषि सम्बन्धी, मौसम सम्बन्धी जानकारियां हथेली में ही मिल जाएंगी। इस ऐप को डाउनलोड करें।
हमें भी सोचना होगा कि पानी के बिना क्या होगा? क्या हम पुरानी जगहों को फिर से खुदाई, स़फाई करके जल-संचय के लिये तैयार कर सकते हैं? बारिश में बूंद-बूंद पानी वैâसे बचाएं। गांव का पानी गांव में रहे, ये अभियान वैâसे चलाएं। आप योजना बनाइए, सरकार की योजनाओं से जुड़िए। – कृषि क्षेत्र में तकनीक आई है, बदलाव आया है,लेकिन अभी खेतों तक उसे पहुंचाना है, किसान कहने लगा है कि अब र्फिटलाइजर कम करना है।
अधिक खाद के दुरुपयोग ने हमारी धरती मां को बीमार कर दिया है।
इस बार ५ लाख तालाब, खेत-तालाब बनाने का बीड़ा उठाया है। मनरेगा से भी जल-संचय के लिए ऐसेट क्रिएट करने की तरफ बल दिया है।
हर ची़ज संतुलित होनी चाहिये। हमारा तो मत है- कम कॉस्ट, ज्यादा आउटपुट। वैज्ञानिक तौर-तरीकों से हमें कृषि को आगे बढ़ाना चाहिए।
२०१४ में भारत में ़करीब साढ़े छह करोड़ मधुमेह के मरीज थे। ७ अप्रैल को वल्र्ड हेल्थ डे है। क्या हम ७ तारीख से कुछ प्रेरणा लेकर अपने निजी जीवन में डायबिटीज को परास्त करने के लिए कुछ कर सकते हैं क्या? हम सब जानते हैं कि हमारी जीवनशैली उसके लिए सबसे बड़ा कारण है। शारीरिक श्रम कम हो रहा है। योग में रुचि है, तो योग कीजिए, दौड़ने-चलने के लिए जाइए। २४ मार्च को दुनिया ने टीबी डे मनाया। दुनिया की तुलना में टीबी के मरीजों की संख्या हमारे यहां बहुत है। इसे भी कम करना है। अगर देश का नागरिक स्वस्थ होगा, तो मेरा भारत भी स्वस्थ होगा। इसके अलावा मन की बात में पीएम मोदी ने सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं दी।