क्या प्रियंका कांग्रेस की दयनीय दशा पर पिघलेंगी ?


लखनऊ. यूपी में प्रियंका गांधी को तुरुप के इक्के की तरह मुख्यमंत्री पद की प्रत्याशी घोषित करने की मांग कांग्रेस ने भले ही ठन्डे बस्ते में डाल दी हो किन्तु विश्लेषकों का मन्ना है कि प्रियंका को वेंâद्र में रखकर लड़ाई लड़े तो कांग्रेस यूपी ही नहीं पूरे भारत में पुनर्जीवित हो सकती है.
१३ मार्च को कांग्रेस नेता दिाqग्वजय िंसह ने अपने लखनऊ दौरे में कहा था कि अगर प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में आती हैं तो इससे पार्टी को बड़ा लाभ होगा. उन्होंने ये भी कहा था कि कांग्रेस के हर ़जमीनी कार्यकर्ता की यही इच्छा है. यहां तक की यूपी कांग्रेस के नेता भी लगभग हाथ जोड़े इसकी मांग कर रहे हैं. नौ मार्च को यूपी कांग्रेस के नेताओं ने एक यज्ञ किया ताकि सोनिया गांधी प्रियंका को सक्रिय राजनीति में आने दें. इस यज्ञ में `प्रियंका लाओ देश बचाओ. देश में राहुल, प्रदेश में प्रियंका’ के मंत्र पढ़े गए.
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को इस बात का पूरा भरोसा है कि प्रियंका के आने से कांग्रेस के चुनावी कार्यक्रमों में लोगों को जुटाने में मदद मिलेगी. लेकिन ये लोग वोट देंगे या नहीं इसको लेकर इन नेताओं में अनिाqश्चतता की ाqस्थति है. अगर कांग्रेस प्रियंका को यूपी के संभावित सीएम के रूप में पेश करेगी तो भी उसके लिए मुकाबला काफी कठिन होगा. गांधी परिवार के प्रभाव वाले कुछ विधान सभाओं के छोड़कर शेष प्रदेश में पार्टी की हालत बहुत खराब है. कांग्रेसी नेता जो भी सोचें विपक्षी दलों के नेताओं का मानना है प्रियंका को प्रत्याशी बनाने या सक्रिय भूमिका में उतारने की बात केवल चुनावी पैंतरा है. चुनावी नतीजों से जिसकी हवा निकल जाएगी.