कोहिनूर पर सरकार ने मारी पलटी


नई दिल्ली। सरकार ने कोहिनूर हीरे के मुद्दे पर पलटी मारते हुए कहा कि वह बेशकीमती हीरे को वापस लाने के लिए पूरा प्रयास करेगी, हालांकि पहले उसने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि इसे ब्रिटिश शासकों द्वारा ‘न तो चुराया गया था और न ही जबरन छीना’ गया था, बल्कि पंजाब के शासकों ने इसे दिया था।

मंगलवार रात जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि कोहिनूर हीरे के संबंध में प्रेस में आई कुछ खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं है। सरकार सौहार्दपूर्ण तरीके से इस हीरे को स्वदेश लाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सरकार ने कहा कि इस संबंध में एक मामला न्यायालय में है। इस बारे में एक जनहित याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर की गई है जिसे अभी न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया है। न्यायालय ने सॉलिसिटर जनरल से इस संबंध में सरकार का पक्ष बताने को कहा था जो अभी बताया जाना है।