केजरीवाल से पार्टी के झाडू वाले मोनो वापस मांगा


नईदिल्ली। ‘आप’ की अंदरूनी कलह से नाराज लोगों ने पहले कार और अब ‘लोगो’ वापस करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी (आप) से लोगों की नाराजगी बढ़ती ही जा रही है। ‘आप’ पार्टी का ‘लोगो’ डिजाइन करने वाले शख्स ने कहा कि अब उन्हें यह ‘लोगो’ वापस चाहिए। ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिंवद केजरीवाल को अपनी पार्टी को लोगो बदलना पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी का ‘लोगो’ सुनील कुमार ने डिजाइन किया था। अब सुनील इस ‘लोगो’ को वापस मांग रहे हैं। आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिंवद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर उन्होंने यह मांग की है। सुनील ने ‘आप’ की अंदरूनी कलह से नाराजगी जताते हुए अपने पत्र में लिखा है कि उनके द्वारा बनाए गए लोगो को झंडों, पोस्टरों, बिल इत्यादि में इस्तेमाल न किया जाए। सुनील का दावा है कि लोगो को उन्होंने पार्टी के नाम ट्रांसफर नहीं किया था और अब वो नहीं चाहते हैं कि पार्टी इसका दुरूपयोग करें। गौरतलब है कि इससे पहले केजरीवाल को अपनी कार गिफ्ट करने वाले शख्स ने भी इसे वापस मांगा है।

राष्ट्रीय प्रतीक का दुरुपयोग आप के विधायक को कोर्ट का नोटिस
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आज उस याचिका पर आम आदमी पार्टी (आप) और उसके विधायक रितुराज गोविंद से जवाब मांगा जिसमें उनके खिलाफ कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय चिह्न मुद्रित पहचानपत्र जारी करने के आरोप में कार्यवाही की मांग की गई है। अदालत ने एक पूर्व पत्रकार और वर्तमान समय में कांग्रेस के सदस्य की याचिका पर केंद्र और दिल्ली पुलिस से भी ११ अगस्त से पहले जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय चिह्न के दुरूपयोग का आरोप लगाया है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने विधायक और अन्य को नोटिस जारी करने के साथ ही उत्तर पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी विधानसभा सीट से विधायक गोविंद पर पार्टी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय चिह्न वाले और पहचानपत्र जारी करने पर रोक लगा दी। न्यायाधीश ने कहा सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किये जायें। इस बीच प्रतिवादी नम्बर पांच (गोविंद) पर प्रतिवादी नम्बर चार (आप) के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय चिह्न वाले पहचान पत्र जारी करने से रोक लगायी जाती है। अदालत ने सभी प्रतिवादियों को ११ अगस्त से पहले जवाब दायर करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरंग कांत ने दलील दी कि आप विधायक द्वारा ऐसे पहचान पत्र जारी करना भारत के राष्ट्रीय चिह्न कानून २००५ के तहत राष्ट्रीय चिह्न का दुरूपयोग है। याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कानून के तहत प्रतिवादी नम्बर चार (आप) और पांच (गोविंद) के खिलाफ अभियोजन के लिए अनुमति प्रदान करे। याचिका में इसके साथ ही आप और गोविंद को राष्ट्रीय चिह्न के दुरूपयोग से तत्काल रोकने की मांग भी की गई है।