किसानों को सही मुआवजा दें, वरना बिल पास नहीं होगा : सोनिया


० भूमि बिल के खिलाफ सड़क पर एकजुट हुआ विपक्ष
० संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाला मार्च
० सोनिया के साथ आए ११ दलों के सांसद
० बसपा सांसदों ने नहीं किया विरोध
नईदिल्ली। मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने मोर्चा खोला दिया है। संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक ११ दलों के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकला, और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सोनिया ने कहा कि सरकार किसानों को उसकी जमीन का उचित मुआवजा दे वरना इस बिल को संसद में पास नहीं होने दिया जाएगा। मार्च में लगभग १०० से ज्यादा सांसद शामिल हुए। इसमें वाम दलों के साथ लगभग समूचा विपक्ष शामिल था। ये सांसद ताqख्तयां लिए हुए और भूमि बिल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन िंसह ने भी शिरकत की।
इस मार्च का समन्वय जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने किया। मार्च में कांग्रेस के अलावा सीपीएम, सीपीआई, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी और डीएमके ने हिस्सा लिया। बीएसपी इस मार्च में शामिल नहीं रही। इस मार्च में कांग्रेस के अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, जेडीएस चीफ एचडी देवेगौड़ा, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, डी.राजा, टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी, सपा के रामगोपाल यादव, डीएमके की कनिमोई, आईएनएलडी के दुष्यंत चौटाला भी शामिल हुए। डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि हम इस बिल के खिलाफ हैं। बिल को कानून बनने के खिलाफ अपनी मजबूत लड़ाई की प्रक्रिया में हम रैली में हिस्सा लेंगे और राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस चाहती है कि देश उसके रास्ते पर चले, लेकिन देश विकास के रास्ते पर चलेगा। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान जख्मी यूथ कांग्रेस के नेताओं से सोमवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुलाकात की। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर युवा कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठी चार्ज में यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई थीं। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल में कुछ संशोधन किए हैं, जिनका विपक्ष संसद में कड़ा विरोध कर रहा है।
० बसपा ने नहीं किया विरोध
बहुजन समाजवादी (बसपा) पार्टी ने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही इंकार कर दिया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि हम भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ हो रहे विरोध के एजेंडे के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम पार्टी के हित चलते इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने नहीं होंगे। हालांकि कांग्रेस नेता माqल्लकार्जुन खड़गे ने कहा कि भूमि बिल पर यह सभी र्पािटयों का विरोध है। हम चाहते हैं कि २०१३ भूमि बिल ही बना रहे।
० तो नहीं पास होने देगें बिल
कांग्रेस के मुताबिक पार्टी ने तय कर लिया कि मौजूदा सत्र में वह भूमि अधिग्रहण विधेयक को पास नहीं होने देगी। पार्टी की मंशा इस सत्र के बाद इसको लेकर जनता के बीच जाने की है। सत्र के दौरान आत्मिंचतन की छुट्टियों पर चल रहे राहुल की अगुवाई में कांग्रेस इस मुद्दे पर लंबे आंदोलन की तैयारी में है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में भट्टा परसौल से चलकर जंतर-मंतर व वहां से संसद घेरने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच तीखी नोक-झोक हुई।
० पुलिस ने की बर्बर कार्रवाई
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई को बर्बर करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु िंसघवी ने कहा कि पुलिस ने पार्टी के शांतिपूर्ण मार्च पर जो बर्बर कार्रवाई की है पार्टी इसकी भत्र्सना करती है। गौरतलब है कि इस संघर्ष में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई थीं। भूमि अधिग्रहण बिल पर संशोधन लोकसभा में पास हो चुके हैं। बिल में ९ नए संशोधनों को जगह दी गई है। वहीं राज्य सभा में सरकार के अल्पमत में होने के चलते सरकार को विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।