कालाधन मामले में 60 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू : जेटली


नईदिल्ली। विदेशों में जमा काला धन के मामले में वेंâद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि ६० अवैध खाताधारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जेटली ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा कि शुरुआती दौर में सरकार के पास ६२८ नाम थे जिनमें से ३५० खातों की जांच पूरी हो चुकी है और बाकी खातों की जांच ३१ मार्च तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में सरकार को ६२८ नाम मिले थे। ये नाम सभी ाqस्वस बैंकों के नहीं थे बाqल्क केवल एचएसबीसी के थे। उस बैंक ने यह जानकारी किसी देश को दी थी जहां से यह भारत पहुंची। तत्कालीन सरकार ने ाqस्वटजरलैंड की सरकार से संपर्वâ किया था। पिछले ७-८ महीने में मामले में तेजी आयी है। अधिकांश नामों की पहचान की गई है।
० होगें ६० खाताधारकों के नाम सार्वजनिक
वेंâद्र सरकार दूसरे देशों में गैर कानूनी तरीके से कालाधन जमा करने वाले लगभग ६० खाताधारकों के नाम सार्वजनिक कर सकती है। सूत्रों के अनुसार इन खाताधारकों में कई बड़े कॉर्पोरेट घरानों के लोग हैं। इनके खातों में करीब १५००-१६०० करोड़ रु कालाधन के रूप में होने की उम्मीद है। आयकर विभाग की जांच के बाद सरकार ने इस मसले पर कार्रवाई करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन कॉर्पोरेट घरानों और अन्य लोगों के नाम उजागर हो सकते हैं जिनके खिलाफ आयकर विभाग की विशेष जांच टीम ने जांच पूरी कर आरोप पत्र दायर किया हैं। गौरतलब है कि इस टीम का गठन विदेशों में जमा भारतीयों के कालेधन को वापस लाने के लिए ही किया है। इसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जाqस्टस एमबी शाह हैं। जाqस्टस एमबी शाह ने दिसंबर २०१४ में सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा था कि एचएसबीसी बैंक की जिनीवा शाखा की सूची में जिन खाताधारकों के नाम हैं, उन पर जल्द कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
० मदद को तैयार ाqस्वट्जरलैंड
कालेधन के खिलाफ कार्रवाई के मामले में ाqस्वट्जरलैंड ने साफ किया है कि वह भारत के साथ सक्रियता से सहयोग कर रहा है। इससे पहले ाqस्वट्जरलैंड सरकार सूचना के आधार पर भारतीयों के ाqस्वस खातों की जानकारी देने से इनकार कर चुका है। भारत ने अब स्वंत्रत रूप से जुटाई गई जानकारी के आधार पर बैंक खातों का ब्यौरा मांगने का निर्णय लिया है। ाqस्वटजरलैंड ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कर मामलों पर अपनी हालिया सालाना रिपोर्ट में भारत को अपने चार अहम भागीदारों में से एक करार दिया है। भारत के साथ प्रâांस, इटली और अमेरिका भी हैं।