कामचोर नौकरशाहों पर सरकार की नजर


नई दिल्ली। प्रदर्शन नहीं करने वाले १२० से ज्यादा नौकरशाह सरकार की निगरानी में आ गए हैं। ऐसे नौकरशाहों को सेवा की भी समीक्षा की जा रही है। र्कािमक एवं प्रशिक्षण विभाग ने विभिन्न मंत्रालयों से १२२ उपसचिवों पर टिप्पणी मांगी है। इससे ऐसे नौकरशाहों ने अभी तक कितना काम किया है और उनके काम की गुणवत्ता वैâसी है इसका निर्धारण किया जा सकेगा।
जिन उपसचिवों के बारे में राय मांगी गई है उनमें से १७ रक्षा मंत्रालय में, १३ उच्च शिक्षा में, सात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और वाणिज्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, राजस्व और ग्रामीण विकास विभागों में छह-छह कार्यरत हैं। कुल उपसचिवों में से राष्ट्रीय इंटेलीजेंस ग्रिड (नैटग्रिड), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में एक-एक सेवा दे रहे हैं।
मंत्रिमंडल सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा की ओर से जारी निर्देश के तहत यह कदम उठाया गया है। सिन्हा ने संवेदनशील और गैर संवेदनशील पदों पर काम करने वाले अधिकारियों के रोटेशन पर जोर दिया है। सरकारी सेवकों के बीच ईमानदारी सुनिाqश्चत करने के लिए उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों की समीक्षा का आह्वान किया है।
इसके बाद सरकारी विभागों को ऐसे अधिकारियों के मातहत कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए समिति बनाने को कहा गया है। काम में ढिलाई बरतने वालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए मजबूर करने को कहा गया है।