कानपुर में जुटे प्रांत प्रचारक : UP चुनावों पर हो सकता है मंथन


कानपुर . आज यहां राष्‍ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारकों की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया है. वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिये संघ प्रमुख मोहन भागवत और सर कार्यवाह भैय्या जी जोशी समेत करीब 41 प्रांतों के प्रांत प्रचारक कानपुर पहुंच चुके हैं. रविवार सुबह से ही बैठकों का दौर जारी है. लेकिन प्रांत प्रचारक वर्ग की औपचारिक बैठक की शुरूआत 11 से 15 जुलाई तक कानपुर में होगी. उत्तर प्रदेश सहित चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संघ की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गंगा किनारे आरएसएस के इस बड़े शिविर में प्रांत प्रचारकों का 6 दिनों का प्रशिक्षण शिविर चलेगा. इस कार्यक्रम में संघ के सभी प्रांत प्रचारक और सह प्रांत प्रचारक हिस्सा ले रहे है. प्रांत प्रचारकों की ये बैठक हर 5 साल पर होती जो इस बार तीन दिनों के इस समर ट्रेनिंग कैंप के साथ ही हो रही है.

गंगा किनारे आरएसएस के इस बड़े शिविर में प्रांत प्रचारकों का 6 दिनों का प्रशिक्षण शिविर चलेगा. इस कार्यक्रम में संघ के सभी प्रांत प्रचारक और सह प्रांत प्रचारक हिस्सा ले रहे है. प्रांत प्रचारकों की ये बैठक हर 5 साल पर होती जो इस बार तीन दिनों के इस समर ट्रेनिंग कैंप के साथ ही हो रही है. बैठक का एजेंडा अभीतक स्पष्ट नहीं है. माना जा रहा है कि पिछले दो सालों से संघ में छुट्टी पर चल रहे सर कार्यवाह सुरेश सोनी का वनवास खत्म हो सकता है और उन्हें कोई अहम जिम्मेवारी दी जा सकती है. गौरतलब है कि 2014 में आम चुनावों के परिणाम तक सुरेश सोनी संघ के सबसे सक्रिय अधिकारी थे, लेकिन मोदी सरकार बनने के बाद उन्होंने संघ से तो छुट्टी ले ली लेकिन सह कार्यवाह के पद पर बने रहे.

ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने पूछा सवाल 

संघ की बैठक से पूर्व  प्रचारक बैठक में शामिल होने आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने मिलने का समय मांगा था. ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के लोगों ने रविवार शाम को आरएसएस के बैठक स्थल पर पहुंचकर भागवत जी मिलने का समय देने के लिए एक पत्र भी उनके कार्यकर्ताओ को दिया. इस पत्र के माध्यम से काउंसिल ने आरएसएस प्रमुख से कुछ सवाल पूछे हैं. वे सवाल हैं –

आप हम मुसलमानों से कैसा राष्ट्र प्रेम चाहते हैं?

धर्म परिवर्तन पर आरएसएस का विचार क्या है?

आप इस्लाम के बारे में क्या जानते-समझते है?

आरएसएस क्या देश को हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है?

इस्लाम से संघ क्या चाहता है?

आरएसएस भारत को हिंदू राष्ट्र मानता है तो क्या वो हिंदू धर्मग्रंथ के अनुसार देश चालान चाहते हैं?

राजनाथ भी हो सकते हैं बैठक में शामिल 

इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी आ सकते हैं. हालांकि इनके आने की पुष्टि संघ से जुड़े लोग नहीं कर रहे हैं. बैठकों का अनौपचारिक दौर रविवार सुबह 10 बजे से ही शुरू हो गया है. 11 से 13 जुलाई तक प्रांत प्रचारकों की बैठक में शारीरिक, बौद्धिक सामाजिक सरोकार और सामूहिक चर्चा के कार्यक्रम होंगे. दूसरे चरण की बैठक 14 और 15 जुलाई हो होगी जिसमें संघ के प्रांत प्रचारकों के अलावा संघ से जुड़े अन्य संगठनों जैसे विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, विद्या भारती, भारतीय मजदूर संघ, आरोग्य भारती जैसे 40 सहयोगी संगठन के पदाधिकारी भाग लेंगे. तीसरे चरण की बैठक में केवल आरएसएस के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे जो दोनों चरणों की बैठको की समीक्षा करेंगे. खासकर उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर इस बैठक को अहम माना जा रहा है. हालांकि संघ के सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में केवल संघ से संबंधित बातों पर ही चर्चा की जाती है.