कश्मीर एजेंडे को आगे बढ़ाने सईद की नजर भारतीय पत्रकारों पर


नई दिल्ली। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई इस समय जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद का ट्टिवर अकाउंट हैंडल कर रही है। वहीं सईद ने कश्मीर एजेंडे के लिए एक खास साइबर सेल तैयार कर ली है। इसका मकसद कुछ भारतीय पत्रकारों की मदद अपने एजेंडे के लिए लेना है। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ाqट्वटर अकाउंट के हैंडलर्स की ओर से हाल ही में जेएनयू विवाद पर िंहदी में ट्वीट किया गया था। पाकिस्तान के ‘बड़े अंकल’ हाफिज सईद आईबी अब इन कोशिशों में लगी हुई है कि एक बार फिर से हाफिज सईद के ाqट्वटर अकाउंट के साथ ही यू-टयूब पर मौजूद उसके अकाउंट को सस्पेंड करा दिया जाए। इस अकाउंट में दावा किया गया है कि यह एक धर्मार्थ संस्था का ाqट्वटर हैंडल है। इस अकाउंट के हैंडलर ने िंहदी में ट्वीट करना शुरू कर दिया है। कश्मीर मुद्दे के बढ़ाना मकसद आईबी अधिकारियों के मुताबिक जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के नेता कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद सईद ने िंहदी में ट्वीट करना शुरू कर दिया था। वह ऐसा करके यह सुनिाqश्चत करना चाहता था कि वह कश्मीर मुद्दे पर सरकार के रवैये की आलोचना कर इसे एक विस्तृत रूप दे सके। हाफिज सईद की िंजदगी से जुड़े कुछ सच इसके अलावा अफजल गुरु मुद्दे पर भारतीय मीडिया के एक ग्रुप ने हाफिज का सकरात्मक तरीके से समर्थन दिया है। आईएसआई मान रही है कि भारत में इस समय जो हालात हैं, वह उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हाफिज का साइबर सेल सिर्पâ इतना ही नहीं हाफिज सईद के संगठन की ओर से एक साइबर सेल भी तैयार कर लिया गया है। इस सेल के जरिए भारत में कश्मीर के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय पत्रकारों की मदद ली जाएगी। इस साइबर सेल को उन जर्नलिस्ट्स का डाटाबेस तैयार करने को कहा गया है जो हाफिज सईद के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों गृहमंत्री राजनाथ िंसह ने दावा किया था कि जेएनयू विवाद को हाफिज सईद का समर्थन मिल रहा है। उनके इस बयान के बाद सईद ने बयान दिया था कि जेएनयू विवाद में उसका कोई रोल नहीं है। राजनाथ िंसह ने बाद में एक और बयान दिया और उन्होंने कहा कि इंटेलीजेंस ब्यूरो की ओर से आई रिपोर्ट के बाद उन्होंने यह बयान दिया था।