ओवैसी के आजमगढ़ प्रवेश पर प्रतिबंध, फैजाबाद सीमा से लौटाया गया


दरअसल, मुबारकपुर में कागज की प्लेट को लेकर हुए बवाल को देखते हुए शनिवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने ओवैसी के कार्यक्रम को मिली अनुमति रद्द करते हुए उनके पार्टी के जिलाध्यक्ष को जानकारी दे दी। इसी बीच तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार की शाम ओवैसी जिले की सीमा तक पहुंच गए। फैजाबाद सीमा पर अधिकारियों ने ओवैसी के काफिले को रोक लिया और मुबारकपुर में हुए बवाल की जानकारी देते हुए उनके कार्यक्रम को मिली अनुमति रद्द करने की भी जानकारी दी। इसके बाद ओवैसी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इससे पहले, शनिवार की शाम लगभग साढ़े तीन बजे पूर्व सांसद रमाकांत यादव के काफिले को भी मुबारकपुर जाने से रोक दिया गया। रमाकांत कस्बे की घटना के बाद हालात का जायजा लेने जा रहे थे। वहीं, गोरखपुर में हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि जिसे भी वंदे मातरम और भारत माता की जय बोलने में परेशानी होगा, उसे पूर्वांचल की धरती पर विरोध का सामना करना पड़ेगा। सुनील सिंह ने कहा कि पूर्वांचल की धरती क्रांतिकारियों की धरती रही है। पूर्वांचल की पहचान चौरीचौरा के सैकड़ों रणबांकुरों की शहादत से है। जिन्होंने वंदे मातरम कहते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। यह धरती पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की है, जो वंदे मातरम कहते हुए फांसी पर लटक गए। कोई भी व्यक्ति भारत माता की जय बोलने से परहेज करेगा, ऐसा व्यक्ति पूर्वांचल की धरती पर आएगा, तो उसका हिंदू युवा वाहनी पुरजोर तरीके से विरोध करेगी।
गौरतलब है कि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 2017 में युपी के विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है। इसी को लेकर वह अतरौला से आजमगढ़ तक रोड शो और रैली कर रहे हैं।