ओबामा को दिल्ली में आंतकी से ज्यादा प्रदूषण से है खतरा !


नईदिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड समारोह के मुख्य अतिथि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा व मिशेल लावेन रोबिन्सन ओबामा राजपथ पर बेशक तीनों सेनाओं की आन, बान व शान के साथ भारतीय इतिहास व संस्कृति से रू-ब-रू होंगी लेकिन साथ ही प्रदूषण भी ग्रहण करेंगे।
डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। जो कि बीिंजग जैसे शहर से दिल्ली में २.५ फीसदी अधिक प्रदूषण है। जबकि भारतीय सेफ्टी लिमिट से ६ गुना व डब्ल्यूएचओ के तय मानकों से १४ फीसदी अधिक प्रदूषण है। समारोह से ठीक तीन दिन पहले ग्रीनपीस नाम संस्था ने बराक ओबामा के दौरे के आसपास के इलाकों का प्रदूषण जांचा तो प्रदूषण कई गुना ज्यादा होने की पुाqष्ट हुई है। ग्रीन पीस की मधुलिका के मुताबिक, सर्वे जनपथ, हैदराबाद हाउस, कनॉट प्लेस, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, राजघाट समेत लोधी गार्डन में किया था।

गणतंत्र दिवस पर ओबामा के साथ ये रहेगें खास लोग
नईदिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल रविवार सुबह तीन-दिवसीय दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान वह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा करेंगे। उनके दौरे पर उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। वेंâद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल मिनिस्टर-इन-वेिंटग के रूप में एयर फोर्स स्टेशन पर ओबामा की अगवानी करेंगे और पूरे रास्ते उनका सहयोग करेंगे। ओबामा प्रतिनिधि सभा में अल्पसंख्यक की नेता नेन्सी पेलोसी और कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमरिकन की सह-अध्यक्षता कर रहे अमी बेरा भी होंगे।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति रहते हुए ओबामा का यह दूसरा भारत दौरा है और वह भारतीय गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प चक्र र्अिपत करेंगे और वहां एक पौधा भी रोपेंगे। ओबामा हैदराबाद हाउस में दोपहर १.०० बजे मोदी के साथ लंच पर मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच प्रतिनिधि मंडल-स्तर की वार्ता हैदराबाद हाउस में होगी और इसके बाद मीडिया को संबोधित किया जाएगा। शाम में ओबामा राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगे। वह मुखर्जी द्वारा आयोजित दावत में भी शिरकत करेंगे। ओबामा सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जहां वह दो घंटे खुले आसमान के नीचे भारत की सैन्य क्षमता और सांस्कृति विविधता के दर्शन करेंगे।

ओबामा लेंगे 20 मिनट शास्त्रीय नृत्य का आनंद
नईदिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा शामिल होने से पहले शास्त्रीय नृत्यों के रूप में भारतीय संस्कृति का आनंद भी लेंगे। ओबामा के सम्मान में आज राष्ट्रपति भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक संस्था सहर की ओर से २० मिनट के ५ शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुति होगी। वर्ष २०१० में सहर ने बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति दी थी। ओबामा पत्नी मिशेल के साथ रविवार को भारत पहुंच रहे हैं। उनके आतिथ्य सत्कार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ ऋग्वेद के मंत्रोच्चार के साथ होगा।
संस्था के संस्थापक और निदेशक संजीव भार्गव का कहना है कि किसी देश की संस्कृति और भाषा ही है जो उसे एक अलग पहचान देती है। ऋग्वेद की स्तुति के बाद कथक, मणिपुरी, ओडिशी, भरतनाटयम तथा कथकली नृत्य की छोटी-छोटी प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्त्रस्म का समापन किया जाएगा। कार्यक्रम की कोरियोग्राफी पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त नृत्यांगना माधवी मुद्गल ने की है।

बिल िंक्लटन को भी दिया था गणतंत्र का न्यौता
भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वे इस समारोह में शिरकत करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं लेकिन इसके पहले बिल क्लिंटन को भी इसका आमंत्रण भेजा गया था।
पूर्व विदेश सचिव के श्रीनिवासन ने बताया कि १९९४ में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरिंसह राव की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति बिल िंक्लटन को गणतंत्र दिवस परेड के लिए आमंत्रित किया था लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया था क्योंकि िंक्लटन स्टेट ऑफ द यूनियन के अपने संबोधन के समय को नहीं बदलना चाहते थे। श्रीनिवासन ने कहा, ‘मई १९९४ में जब नरिंसह राव वॉिंशगटन गए थे तो वह राष्ट्रपति िंक्लटन से काफी प्रभावित होकर लौटे थे। एक महीने बाद मुझसे पता करने को कहा कि क्या राष्ट्रपति १९९५ में गणतंत्र दिवस के हमारे मुख्य अतिथि बनने पर रजामंदी जताएंगे?’ श्रीनिवासन ने कहा कि दिल्ली में अमेरिकी दूतावास और अमेरिका में भारतीय दूतावास जैसे राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करने की बजाए उन्होंने तत्कालीन उप विदेश मंत्री स्ट्राब तलबोट से बात की। उन्हें बताया गया कि आमंत्रण से िंक्लटन खुश हैं लेकिन स्टेट ऑफ द यूनियन का संबोधन उनकी पहली प्राथमिकता है।