एसआईटी कर सकती है 1984 के दंगों की जांच!


नईदिल्ली। केद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने १९८४ के सिख विरोधी दंगों की दोबारा जांच करने के लिए विशेष जांच बल (एसआईटी) गठित करने की सिफारिश की है। समिति के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के जाqस्टस (सेवानिवृत) जी पी माथुर ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट वेंâद्रीय गृहमंत्री राजनाथ िंसह को सौंप दी है। आधिकारिक सूत्रों की माने तो उन्होंने सिख विरोधी दंगों की पुन: जांच एसआईटी से करवाने की सिफारिश की है। इस आश्य की घोषणा सात फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद हो सकती है क्योंकि इस समय राष्ट्रीय राजधानी में आचार संहिता लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि ३१ अक्टूबर १९८४ को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख सुरक्षार्किमयों द्वारा हत्या करने के बाद पूरे देश में सिख विरोधी दंगें भड़क उठे थे। ३ हजार ३२५ पीडितों में से २ हजार ७३३ लोगों की हत्या सिर्पâ दिल्ली में ही कर दी गई थी, जबकि बाकी के पीडित हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से थे। इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी सिख विरोधी दंगों की फिर से कराने की मांग की थी। जाqस्टस नानावती आयोग ने पुलिस द्वारा बंद २४१ मामलों में से महज ४ मामलों की फिर से जांच करवाने की सिफारिश की थी। हालांकि, भाजपा की मांग थी की बाकी के २३७ मामलों की भी फिर से जांच होनी चाहिए। अभी पता नहीं चल पाया है कि जाqस्टस माथुर ने अपनी रिपोर्ट में कितने मामलों की फिर से जांच करवाने की बात कही है। २४१ मामलों में से महज ४ मामलों को फिर से खोलकर उनकी जांच सीबीआई ने की थी। जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से एक मामले में एक पूर्व विधायक सहित ५ लोगों को सजा सुनाई थी।