एटम बम बनाने में जुटा आईएस


नई दिल्ली। इस्लामिक स्टेट के हमले भविष्य में और भी खौफनाक और खतरनाक होगें। आईएस आगामी वर्ष तक एटम बम हासिल कर सकता है। दरअसल, साल २०१५ में आईएसआईएस के मुखपत्र दाबिक में छपे लेख में दावा किया गया कि आईएसआईएस एक साल के अंदर एटम बम खरीद लेगा। ये बम भ्रष्ट पाकिस्तानी अफसरों से जुड़े हथियार सौदागरों से मिलेगा। सूत्रों की मानें तो आईएसआईएस किसी जोड़-तोड़ से एटम बम ना सही लेकिन ऐसी परमाणु सामग्री पा सकता है, जिसका खतरनाक इस्तेमाल संभव है। दरअसल,१९७१ की जंग में भारत से मिली करारी हार के बाद २० जनवरी १९७२ को जुल्फीकार अली भुट्टो ने पाकिस्तान का एटमी कार्यक्रम शुरू किया। लेकिन दो साल के बाद ही भारत ने परमाणु विस्फोट कर सबको चौंका दिया। इसके बाद गैस सेंट्रीफ्यूज बनाने वाली नीदरलैंड की वंâपनी एनरेको में काम करने वाले मेटल इंजीनियर अब्दुल कादिर खान-सेंट्रीफ्यूज की डिजाइन चुरा कर पाकिस्तान चला आया। चीन ने भी छुपकर मदद दी, और चोरी-स्मगिंलग वाला पाकिस्तान कार्यक्रम एटमी ब्लैक मार्वेâट में बदल गया।