एक लाख रुपये की गड्डी 18 हजार रुपये में


-आईएसआई जाली मुद्रा के कारोबार में
लखनऊ। जाली मुद्रा के कारोबार में अब प्राइस वार शुरू हो गया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में व्यापक प्रसार के लिए सस्ती दर पर जाली मुद्रा उपलब्ध कराने में जुट गयी है। अधिक मुनापेâ का लालच देकर अधिक से अधिक एजेंट तैयार किए जा रहे हैं।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने पाqश्चम बंगाल के मालदा निवासी जाली मुद्रा के एजेंट आलम शेख को गिरफ्तार किया तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी।
आलम शेख पहले उत्तर प्रदेश में भी जाली मुद्रा की आर्पूित कर चुका है। जाली मुद्रा का व्यापक कारोबार पंजाब और हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार समेत देश के कई राज्यों में पैâला है। अब पाqश्चम बंगाल में बांग्लादेश से आ रही जाली मुद्रा की एक लाख रुपये की गड्डी भारतीय १८ हजार रुपये में उपलब्ध करायी जा रही है। उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को भी इसी दर पर जाली मुद्रा उपलब्ध करायी जा रही है।
अभी तक जाली हजार रुपये की एक गड्डी की अधिकतम दर ३० से ३५ हजार रुपये ही थी लेकिन इतने कम रेट पर उपलब्ध होने की वजह से उत्तर प्रदेश पुलिस और एटीएस की बेचैनी बढ़ी है। आलम शेख की गिरफ्तारी के बाद पंजाब और हरियाणा के उसके नेटवर्वâ की जानकारी के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी गतिविधि पता चली है। उत्तर प्रदेश के कई एजेंट मालदा कनेक्शन से जुड़े हैं। एटीएस के आइजी असीम अरुण ने जाली मुद्रा के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष टीम को सक्रिय किया है। टीम अब तक पकड़े गये एजेंटों और कारोबार में सक्रिय तस्करों का ब्यौरा नये सिरे से तैयार कर रही है।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जाली मुद्रा के कारोबार में जुटे प्रदेश के तस्करों, उनके वैâरियर और सरपरस्तों की सूची तैयार की है। इस धंधे में भले नेपाल और बांग्लादेश के जरिए कारोबार को संचालित किया जा रहा है लेकिन असली सूत्रधार दुबई में बैठे हैं।