उमर फारूक सहित कई अन्य अलगाववादी नेताओं को घर में किया नजरबंद


नई दिल्ली। प्रशासन ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक सहित कई अन्य अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया। वहीं इस सप्ताह के शुरू में सेना की कार्रवाई में दो युवकों के मारे जाने के खिलाफ कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के आह्वान पर आयोजित हड़ताल का कश्मीर के कुछ हिस्सों में आंशिक प्रभाव दिखा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गत सोमवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में सेना की एक कार्रवाई में दो युवकों के मारे जाने के खिलाफ घाटी के कुछ हिस्सों में ताजा प्रदर्शनों के मद्देनजर मीरवाइज को सुबह नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अलगाववादी नेताओं को नजरबंद करना कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए एक एहतियाती कदम है। गिलानी और दूसरी पंक्ति के अन्य अलगाववादी नेता लगातार दूसरे दिन नजरबंद हैं। इन नेताओं को दो युवकों के मारे जाने के खिलाफ गिलानी के प्रस्तावित त्राल मार्च को असफल करने के लिए कल नजरबंद किया गया था। स्थानीय निवासियों का दावा है कि उक्त दोनों युवक बेगुनाह नागरिक थे। यद्यपि सेना का कहना है कि वे आतंकवादी थे। अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर श्रीनगर शहर के मुख्य केंद्र लाल चौक के आसपास की दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षिक संस्थान और पेट्रोल पंप बंद रहे लेकिन शहर के सिविल लाइन क्षेत्र एवं घाटी के अन्य प्रमुख नगरों में अधिकतर दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले हैं। अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन वाहन बहुत कम चले लेकिन निजी वाहन, कैब एवं आटो रिक्शा सामान्य रूप से चले। गिलानी ने दोनों युवकों के मारे जाने के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया था। गिलानी ने इसके साथ ही लोगों से कहा था कि वे मसर्रत आलम सहित हुर्रियत नेताओं की ‘अनुचित एवं अमानवीय’ गिरफ्तारियों का विरोध करें।