उप्र में कांग्रेस के खेवनहार बनेंगे प्रशांत किशोर


पटना । कांग्रेस पार्टी ने पंजाब के बाद अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के प्रबंधन का जिम्मा भी प्रशांत किशोर को दिया है। हालांकि इस बात की औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है लेकिन अगले हफ्ते उत्तर प्रदेश के सभी नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी आलाकमान इस बात की घोषणा करेगा। इससे पहले कांग्रेस ने पिछले दिनों पंजाब चुनावों के लिए पार्टी के चुनाव प्रबंधन का जिम्मा प्रशांत किशोर को दिया था जिसकी जानकारी एक प्रेस विज्ञाqप्त जारी कर दी गई थी। ये उम्मीद की जा रही है कि अगर प्रशांत का काम पार्टी आलाकमान को इन दोनों राज्यों में पसंद आया तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उसके बाद होने वाले हर विधानसभा चुनाव और २०१९ में लोकसभा के चुनाव प्रबंधन का काम भी उन्हें दिया जाये। लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि ये सब कुछ २०१७ में पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगा। पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनावी प्रबंधन का जिम्मा देने के पूर्व पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रशांत की कई बैठवेंâ हो चुकी हैं।
़िफलहाल प्रशांत किशोर बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार हैं और चुनाव पूर्व किये सात निश्चय के क्रियान्वयन में लगे हैं। हालांकि प्रशांत किशोर के नजदीकी भी मानते हैं कि गुजरात और बिहार विधानसभा और २०१४ के लोकसभा चुनावों की तुलना में उत्तर प्रदेश सबसे कठिन चुनौती है। उत्तर प्रदेश में पार्टी के पास न केवल संगठन का अभाव है बाqल्क उनके पास कोई एक ऐसा चेहरा नहीं है जो अखिलेश यादव और मायावती की टक्कर का हो। हालांकि पंजाब में भी हाल के दिनों में अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता ने कांग्रेस के लिए मुाqश्कलें बढ़ाई हैं।
कांग्रेस द्वारा प्रशांत किशोर को इस नई जिम्मेवारी से निाqश्चत रूप से बीजेपी के लिए इन दोनों राज्यों में मुाqश्कलें बढ़ेंगी क्योंकि लालू और नीतीश दोनों ने बिहार विधानसभा चुनावों के बाद माना था कि बीजेपी के साथ एक लम्बे समय में काम करने के कारण प्रशांत को उस पार्टी को मात देने के नुस्खे ढूंढने में मुाqश्कलें नहीं आतीं।