उत्‍तराखंड में बारिश और तूफान से तीन की मौत


देहरादून। मौसम की बदली करवट भयभीत करने लगी है। बीते रोज गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में तीन स्थानों पर बादल फटने से खासा नुकसान हुआ तो मैदानी क्षेत्रों में तूफान ने कहर ढाया। टिहरी और उत्तरकाशी जिले में नालों में आए उफान में एक महिला और एक किशोरी समेत चार लोग लापता हो गए। इनमें से देर रात किशोरी का शव बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा तूफान के दौरान हरिद्वार जिले के रुड़की में अलग-अलग क्षेत्रों में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।

टिहरी जिले के कोठियाड़ा गांव के पास बादल फटने से उफान पर आए गदेरे का मलबा 150 घरों व दुकानों में जा घुसा, जबकि 20 घर क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे में 100 से ज्यादा मवेशियों के दबे होने की आशंका है। कोठियाड़ा के गनगर गांव के 30 परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।

बूढ़ाकेदार-घनसाली मार्ग का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया। चमोली के कर्णप्रयाग के जंगलों में बादल फटने के बाद आया मलबा सोनला क्षेत्र के कई घरों में जा घुसा। टिहरी के सीमांत गांवों को देहरादून से जोड़ने वाले मार्ग का छह किमी हिस्सा सौंग नदी की बाढ़ की भेंट चढ़ गया। कुमाऊं क्षेत्र में भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व चंपावत जिलों में अतिवृष्टि से नुकसान पहुंचा है। थल में बादल फटने से जलभराव हुआ है। यही नहीं, सुरगगाड जलविद्युत परियोजना के उपकरण भी बह गए।