उत्तर भारत में आये भूकंप का मोदी ने लिया जायजा


-5.8 तीक्रता के भूकंप का केन्द्र रुद्रप्रयाग के पीपलकोटि में 33 किलोमीटर नीचे था
-दिल्ली एनसीआर सहित पंजाब, हरियाणा, उप्र तथा मप्र में महसूस किये गय झटके

नईदिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की रात करीब 10:30 आये भूकंप से 7-10 सेकेंड तक हल्के झटके महसूस किए गए। कुछ दफ्तरों में बैठे लोगों ने भी झटके महसूस किए। हालांकि भूकंप की तीव्रता का तुरंत पता नहीं चल सका । भूकंप के झटके पंजाब, हरियाणा, उनकी संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी महसूस किये गये, जिसके बाद कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। यूपी के मथुरा, सहारनपुर, शामली, मेरठ में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भी झटके महसूस किए जाने की खबर है। सबसे अधिक अफरा-तफरी का माहौल ऊंचे अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच देखने को मिला। राष्ट्रीय भूकंप ब्यूरो के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.8 थी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के पीपलकोटि में जमीन के 33 किलोमीटर नीचे था । देहरादून और हरिद्वार में अपेक्षाकृत ज्यादा तेज झटके महसूस होने से लोग घरों से बाहर आ गए। वहीं मसूरी और पिथौरागढ़ जैसी पहाड़ी जगहों पर झटके ज्यादा तेज नहीं थे। अमेरिकी जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.6 थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को ट्वीट कर बताया कि उन्होंने उत्तर भारत के विभिन्न भागों में भूकंप आने के बाद के हालात का जायजा लिया और अधिकारियों से बात की। उन्होंने ट्वीट किया, कि भूकंप का केंद्र रहे उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ पीएमओ संपर्क में हैं। मैं सभी की सुरक्षा और कुशल होने की प्रार्थना करता हूं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की इकाई राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान ब्यूरो के ऑपरेशन प्रमुख जेएल गौतम ने बताया कि भूकंप का केन्द्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में था। उन्होंने बताया, भूकंप की गहराई 33 किलोमीटर थी और यह रात 10 बजकर 33 मिनट पर आया।

हिमालय क्षेत्र में आने वाला उत्तराखंड अधिक भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। उधर केद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भूकंप पर राज्यों से रिपोर्ट तलब की है और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ की टीमें गाजियाबाद से उत्तराखंड भेजी गई हैं। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि गृह मंत्री ने एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और एनडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक आर के. पचनंदा ने बताया कि करीब 90 सदस्यों वाली एनडीआरएफ की दो टीमें गाजियाबाद स्थित अपने ठिकाने से रूद्रप्रयाग भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार से मिली

शुरूआती खबरों से किसी तरह के नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन आकस्मिक कदम के तहत राहत एवं बचाव टीमें लामबंद की गई हैं।हालांकि एनडीआरएफ के डीजी रंजित पंचनंदा ने कहा कि है कि जवान किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि दिसंबर और जनवरी के महीने में पूर्वोत्तर भारत में तीन बार भूकंप आया था। हालांकि उनमें जानमाल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने आपदा से निपटने के लिए जिलाधिकारी से बात की है। यहां एनडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है।