उत्तराखंड : सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 6 मई को


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज मोदी सरकार को जवाब देना था। जिसको लेकर आज सुबह सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें मोदी सरकार के वकील अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अपना पक्ष रखने के लिए कुछ और समय की मांग की। विधानसभा में हरीश रावत की सरकार अपना बहुमत साबित कर सकती है या नहीं। इसके साथ ही उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में जवाब देगी।  सुप्रीम कोर्ट में आज मोदी सरकार बताएगा कि क्या विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराया जा सकता है? इससे पहले राष्ट्रपति शासन हटाने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत परीक्षण भी रोक दिया था। उत्तराखंड में पिछले महीने कांग्रेस के 9 विधायक बागी हो गए थे। जिसके बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी. काफी राजनीतिक उथलपुथल के बाद केंद्र ने राष्ट्रपति शासन लगाया था। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को हटाते हुए मोदी सरकार को फटकार लगाई थी। इसी फैसले के खिलाफ केंद्र सुप्रीम कोर्ट गया था जहां सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन बरकरार रखा था। केंद्र सरकार कोर्ट के इन सवालों पर अपनी बात कल रखेगी। राष्ट्रपति शासन को निरस्त करने के नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली मोदी सरकार की याचिका पर आज सुनवाई हुई। कोर्ट सुनवाई करते हुए कहा कि केंद्र को उत्तराखंड में फ्लोर टेस्ट पर विचार करना चाहिए, और कोर्ट की निगरानी में फ्लोर टेस्ट  क्यों न हो? कोर्ट ने अटार्नी जनरल से पूछा कि क्यों न उत्तराखंड में भी बहुमत परीक्षण का मौका मिलना चाहिए। इसे कोर्ट की निगरानी में करवाया जा सकता है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई अब कल तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति शासन हटाने पर लगाई रोक बढ़ा दी थी। जिसके चलते उत्तराखंड में फिलहाल राष्ट्रपति शासन जारी रहेगा और 29 अप्रैल को हाईकोर्ट के आदेश के अनुरुप शक्ति परीक्षण नहीं कराया गया।