उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 2 बजे होगी सुनवाई


नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है. वहीं आज सुप्रीम कोर्ट केन्द्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें उसकी मांग है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन बरकरार रहे. इस मामले में केन्द्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी केन्द्र सरकार का पक्ष रखेंगे. सुप्रीम कोर्ट में 2बजे इस पर सुनवाई होगी.उत्तराखंड कांग्रेस के बाग़ी विधायकों की याचिका पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएम हरीश रावत और स्पीकर को नोटिस जारी किया था.  21 अप्रैल को हाईकोर्ट ने सूबे से राष्ट्रपति शासन हटाने का हुक्म दिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी और हाईकोर्ट को लिखित आदेश देने के निर्देश दिए थे. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की बंच इस मामले पर सुनवाई करेगी.यह देखने वाली बात होगी कि यह रोक आगे भी जारी रहेगी या नहीं. उत्तराखंड की सियासत मौसम की तरह बार-बार बदल रही है. हरीश रावत सत्ता से बाहर होने के बाद वापस लौटे और फिर से बाहर हो गए. रात को राष्ट्रपति शासन हटता है तो अगले दिन शाम तक फिर से राष्ट्रपति शासन लौट आता है. उत्तराखंड के सियासी संकट को लेकर कांग्रेस और केंद्र के बीच रस्साकसी चल रही है. हाल ही में उत्तराखंड में सियासी संकट के मामले को लेकर कांग्रेस ने संसद में बहस के लिए नोटिस दिया था. लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस पर एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी. इससे पहले केंद्र सरकार को बड़ा झटका देते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को राज्य में लागू राष्ट्रपति शासन हटा दिया था. उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने से संबंधित नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत ने कहा था कि हम चाहते हैं, मामला जल्द हल हो जाए. इस वजह से प्रदेश का विकास प्रभावित हो रहा है. हम अपना पक्ष कोर्ट में रखेंगे और अदालत पर हमें पूरा भरोसा है हमारी जीत होगी.