उत्तराखंड : रावत को राहत, बागियों की याचिका खारिज, पहुंचे सुप्रीम कोर्ट


मामले में बागी विधायकों ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसके बाद आज उच्च न्यायालय ने 9 विधायकों की याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार को फ्लोर टेस्ट होना है।

गौरतलब है कि 27 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी। मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सदन अध्यक्ष से सिफारिश की थी। हरीश रावत की याचिका पर सुनवाई के बाद अध्यक्ष ने सभी नौ विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी।

ज्ञात हो कि 27 मार्च को ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।

नए स्टिंग ऑपरेशन से मुश्किल में हरीश रावत

उधर, फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले एक नए स्टिंग ऑपरेशन ने हरीश रावत और कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मामले को लेकर रविवार शाम को बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल केके पॉल से मुलाकात की और उन्हें स्टिंग की सीडी सौंपी सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस स्ट‍िंग ऑपरेशन के वीडियो में कांग्रेस सांसद मदन सिंह बिष्ट दावा कर रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 12 विधायकों को 25-25 लाख रुपये दिए हैं।

सियासी गलियारों में हलचल तेज

उत्तराखंड बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और श्याम जाजू समेत बीजेपी के कई नेता रविवार को ही देहरादून पहुंच चुके हैं। जिससे एक बार फिर उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेता उम्मीद जता रहे हैं कि सोमवार को हाईकोर्ट का फैसला बागी विधायकों के पक्ष में आएगा।