उत्तराखंड में नया राजनीतिक संकट बजट सत्र को केंद्र ने किया खत्म


नई दिल्ली। एक असाधारण घटनाक्रम में संसद के बजट सत्र का सत्रावसान कर दिया गया ताकि सरकार उत्तराखंड में एक अप्रैल के बाद व्यय प्राधिकृत करने के लिए अध्यादेश जारी कर सके। राज्य में राजनीतिक संकट के चलते राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। संसदीय मामलों पर केबिनेट कमेटी की एक बैठक में यह फैसला किया गया कि संसद के बजट सत्र के सत्रावसान की सिफारिश राष्ट्रपति से की जाए । बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने की। विनियोग विधेयक के दर्जे पर सवाल उठाए जाने के बाद इस आश्य का निर्णय किया गया, जिसे उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने विवादास्पद परिस्थितियों में पारित घोषित किया था। सीसीपीए की बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले ताकि उन्हें बैठक में लिए गए फैसले से अवगत करा सकें और उत्तराखंड के ताजा हालात की जानकारी दे सकें। राष्ट्रपति ने देर रात इस आश्य का आदेश जारी किया। संसद का बजट सत्र २३ फरवरी को शुरू हुआ था और इसमें १६ मार्च से २५ अप्रैल तक का अवकाश है। दो दिन शेष रहते सरकार संचित निधि से धन निकालने के लिए अध्यादेश जारी करने की स्थिति में भी नहीं है ताकि राज्य एक अप्रैल के बाद अपनी व्ययगत आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
संविधान के अनुच्छेद ३५७ (१)(सी) के अनुसार लोकसभा के सत्र में न रहने पर राष्ट्रपति राज्य की संचित निधि से धन लेने का अधिकार दे सकते हैं। संसद के सत्रावसान के बाद अब नया सत्र शुरू करना होगा।