‘उड़ता पंजाब’ को हरी झंडी, फिल्म पास हो गयी


नई दिल्ली. बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म पर फैसला देते हुए एक कट के साथ फिल्म को पास कर दिया है. हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को 48 घंटे के भीतर फिल्म को सर्टिफिकेट दे कर पास करने का आदेश दिया है. उच्च न्यायालय ने ‘उड़ता पंजाब’ से सार्वजनिक स्थान पर टॉयलेट करने जैसा एक सीन काटने का आदेश दिया है साथ ही फिल्म में तीन डिस्क्लेमर दिए जाएंगे. सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, ”सीबीएफसी को कानून के हिसाब से फिल्मों को सेंसर करने का अधिकार नहीं है क्योंकि सेंसर शब्द सिनेमाटोग्राफ अधिनियम में शामिल नहीं किया गया है. हमें फिल्म में ऐसा कुछ नहीं नजर आया जो पंजाब की गलत छवि पेश करता हो या भारत की संप्रभुता या अखंडता को प्रभावित करता हो जैसा कि सीबीएफसी ने दावा किया है.” कोर्ट ने आगे  कहा, सृचनात्मक स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए, कोई भी फिल्मकार को उसकी फिल्म की सामग्री के बारे में आदेश नहीं दे सकता. दृश्यों को काटने, हटाने या बदलने के सीबीएफसी के अधिकार अवश्य ही संविधान के प्रावधानों और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुरूप होने चाहिए .