इस्लामिक स्टेट का प्रभाव अब बढ़ा है?


नई दिल्ली। भारत में इस्लामिक स्टेट के खतरे को नगण्य मान रही सुरक्षा एजेंसियों ने अब यह तथ्य स्वीकार लिया है कि भारत में इस्लामिक स्टेट का ़खतरा अब ज्यादा वास्तविक और खतरनाक है।
पहले पहल जब ईरान, इरा़क या सीरिया में जाकर लड़ने वाले भारतीयों की संख्या दो दर्जन से भी कम निकली थी तो यह कहा गया कि भारत की सामाजिकता आतंक को स्वीकार नहीं करती। यह सच भी था क्योंकि टयूनीशिया, सऊदी अरब, मोरक्को, प्रâांस, रूस, फिनलैंड, आयरलैंड, बोqल्जयम, डेनमार्वâ और ऑस्ट्रेलिया से इस्लामिक स्टेट से जुड़ने वालों की संख्या की तुलना में आईएस से जुड़ने वाले भारतीयों की संख्या बहुत ही कम थी। लेकिन अब या सच बदल रहा है। पिछले हफ्ते भारत में आईएस के कथित १४ समर्थकों की गिरफ्तारी हुई। सुरक्षा एजेंसियां ने दावा किया है कि गिरफ्तार लोगों के पास से पठन सामग्री, नक्शे और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए।
एनआईए भारत में इस्लामिक स्टेट के प्रभाव को रोकने में बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इस समूह से जुड़ी गतिविधियों पर बारीक ऩजर रखे हुए हैं। जांच एजेंसियां संदिग्धों की गिरफ्तारी से बच रही हैं क्योंकि इससे इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रति सहानुभूति पैदा होने की आशंका है। पिछले एक साल में भारत के सभी राज्यों के पुलिस प्रमुख और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख दो बार से अधिक बैठक कर चुके हैं। इन बैठकों का नेतृत्व भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया। ये बैठवेंâ आईएस के खिलाफ रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलायी गई थीं।
सुरक्षा एजेंसियों को जब इस बात का सुराग मिलता है कि कोई नौजवान किसी तरह से किसी चरमपंथी समूह के संपर्वâ या प्रभाव में रहा है तो तुरंत उनके परिवार या सामुदायिक नेताओं को सूचित किया जाता है। ये रणनीति अब तक काफी कारगर रही है. माना जा रहा है कि आईएस के समर्थक अब ज्यादा होशियारी से अपना प्रसार कर रहे हैं। कुछ बांग्लादेशी आतंकी समूहों के अलावा भारत में प्रतिबंधित कुछ आतंकी समूह भी उनकी मदद कर रहे हैं।
कर्नाटक में समुद्र तट पर बसे शहर भटकल का नाम भारत में पैदा हुए आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) में आतंकियों की भर्ती करने वाली जगह के रूप में उभरा था। सुरक्षा एजेंसियों की राय में अब यह शहर अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में भारतीयों की भर्ती का वेंâद्र बन रहा है। हाल ही में शहर और इसके आसपास से हुई कई गिरफ्तारियों से इस आशंका को बल मिला है।