..इसलिए 12 डॉलर में गूगल का डोमेन खरीदने वाले को भारतवंशी को मिला ईनाम


नई दिल्ली । दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजिन ‘गूगल’ वंâपनी के डोमेन को पिछले साल सितंबर में गूगल के पूर्व कर्मचारी सन्मय वेद ने महज १२ डॉलर ( लगभग ७८२ रुपये) में वंâपनी का डोमेन को खरीद लिया था और एक मिनट तक वे दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट वंâपनी के मालिक बने रहे थे। हालांकि फौरन ही गूगल ने इस खरीद को रद्द कर दिया था। कुछ समय के लिए गूगल डोमेन खरीदने वाले सन्मय वेद को गूगल ने इसके बदले ६००६.१३ अमेरिकी डॉलर (४.०७ लाख रुपये) की ईनामी राशि दी थी लेकिन सन्मय ने जब इस इनामी राशि को चैरिटी में दान कर दिया तो वंâपनी ने खुश होकर इस राशि को दोगुना कर दिया है। गुजरात के मांडवी निवासी सन्मय ने बताया कि उनसे कभी पैसे के लिए नहीं सोचा था और गूगल से मिली राशि को को वह आर्ट ऑफ लििंवग इंडिया को दान करना चाहता था। गूगल ने अपने ब्लॉग में लिखा है, ‘आपने एक शोधकर्ता सन्मय वेद के बारे में सुना होगा जिसने एक मिनट के लिए गूगल के डोमेन गूगल डॉट को खरीद लिया था। हमने इसके लिए सन्मय को ६००६.१३ डॉलर की पुरस्कार राशि दी थी और अब जब सन्मय ये राशि दान में दे दी हे तो हम इसे दोगुना कर रहे हैं। िंलक्डइन पर लिखी अपनी एक पोस्ट में वेद ने कहा है कि वो अपने इस पुरस्कार को आर्ट ऑफ लििंवग के शैक्षिक कार्यक्रम के लिए दान कर रहे हैं जो भारत के १८ राज्यों में ४०४ प्रâी स्वूâल चला रही है। इन स्वूâलों में झुाqग्गयों, आदिवासी क्षेत्रों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के ३९,२०० गरीब बच्चे पढ़ते हैं।