आरक्षण हेतु राजपूतों ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान


मुजफ्फरनगर। आरक्षण की मांग में अब राजपूत समाज भी मैदान में आ गया है। मुजफ्फरनगर के नंगला पिथोरा गांव में राजपूत समाज ने एक महापंचायत कर आरक्षण की मांग के लिए आर-पार की लड़ाई-लड़ने का ऐलान कर दिया है। पाqश्चमी उत्तरप्रदेश के कई जनपदों से हजारो की तादाद में राजपूत समाज के लोंगो ने पंचायत में पहुंच कर अपने विचार व्यक्त किए। किसान संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूर्ण िंसह ने कहा की समाज में राजनीतिकरण हो रहा है, जिसमे बार-बार लोंगो को आरक्षण के नाम पर बहका कर वोट लिया जा रहा है। उन्हें सोचना चाहिए की िंहदुस्तान में १८ प्रतिशत राजपूत हैं। ये भी वोट देते हैं, इनके भी बच्चे हैं, आज रजवाड़े खत्म हो गए हैं, जमींदारी खत्म हो गई है। क्या इन्हे उस आरक्षण की जरूरत नहीं जो सबको मिल रहा है हम कहते हैं कि जातिगत आरक्षण खत्म करो और र्आिथक ाqस्थत के आधार पर आरक्षण लागू करो। यदि २०१७ तक आरक्षण की मांग को सरकार नहीं मानती तो आने वाले चुनावों में राजपूत किसी पार्टी को वोट नहीं देंगे चाहे हमे अपने निर्दलीय प्रत्याशी लड़ाने पड़े आरक्षण की लड़ाई पूर्णरूप से लड़ी जाएगी।
समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष सौरभ पुंडीर ने मंच से कहा की ३६ बिरादरी में ३५ को आरक्षण में साqम्मलित किया गया एक बिरादरी को छोड़ दिया, ये वैâसी व्यवस्था है। ये व्यवस्था नहीं एक षडयंत्र है राजपूत समाज के साथ। हमने ७०० साल मुगलों से लड़ाई लड़ी, २५० साल अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, लडने का काम राजपूतो का, मरने का काम राजपूतो का, कटने का काम राजपूतो का। हमारी मां-बहने सम्मान के लिए जोहर होकर आqग्न में वूâद गई उसके बाद इस देश के सम्मान ने हमे ये इज्जत दी कि आज की तारीख में हमारे समाज के लोग और आने वाली हमारी नस्ले उस अंधकार की ओर जा रही है, जहां कुछ नहीं है।