आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में भड़की हिंसा में 8 की मौत


श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कूकरनाग के पास हिजबुल कमांडर बुरहान मुज़फ्फर वानी के मारे जाने के बाद घाटी के कई इलाकों में तनाव तनाव बरकरार है। वानी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि प्रदर्शनकारियों से झड़पों में अब तक 8 लोग मारे गए हैं जबकि 94 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। दक्षिण कश्मीर, पुलवामा समेत श्रीगर के कई इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है। घाटी में तनाव के माहौल को देखते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। इसके अलावा आज होने वाली बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई है। यहां ट्रेन और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ऐहतियातन बंद कर दी गई हैं ताकि किसी तरह की कोई अफवाह न फैल सके। ट्रेनें अगली सूचना तक बंद रहेंगी। वानी के शव के अंतिम संस्कार कर दिया गया है जिसके लिए इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए। हुर्रियत कांफ्रेंस के गिलानी गुट के चेयरमेन सैयद अली शाह गिलानी ने वानी के मारे जाने के खिलाफ तीन दिन के कश्मीर बंद का ऐलान किया है। तीर्थयात्रियों को पुलिस ने दिए खास निर्देश
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। आज किसी और तीर्थयात्री को घाटी की तरफ जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि कश्मीर में पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से यात्रा जारी रहेगी। तीर्थयात्रियों को ताकीद की गई है कि उनके आगे बढ़ने के बारे में कोई हिदायत जारी होने तक वे इन्हीं शिविरों में रुकें।’

अनंतनाग के पास मुठभेड़ में बुरहान को मार गिराया गया…
कश्मीर का पोस्टर ब्‍वॉय कहलाया जाने वाला बुरहान वानी सुरक्षा बलों के साथ एंकाउंटर में मारा गया। शुक्रवार को करीब सवा घंटे चली मुठभेड़ में सेना और पुलिस ने बुरहान वानी और उसके तीन साथियों को मार गिराया। इसके बाद सुरक्षा बलों और लोगों के बीच झड़पें भी हुईं। एक दो जगहों पर सीआरपीएफ के बंकर में समर्थक भीड़ ने आग भी लगा दी। पुलिस चौकी पर भी हमले किए गए। पत्थरबाजी में जवान घायल भी हुए है । लेकिन हालता की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने काफी संयम के साथ काम लिया है।

केवल हिजबुल के ही नहीं, इस साल सुरक्षाबलों ने रिकॉर्ड संख्या में जम्मू कश्मीर में सक्रिय सारे आतंकी संगठनों को टॉप कमांडर को मार गिराया है।  जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी के रज़िंदर ने एनडीटीवी को बताया, “यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। बुरहान नौजवानों को बरगालाता था और उन्हें प्रभावित भी करता था।”
सोशल मीडिया के जरिए उकसाता था बुरहान…
बुरहान सोशल मीडिया के ज़रिए नौजवानों को हिजबुल के साथ जुड़ने के लिए उकसाता था। सोशल साइट पर उसके कई फोटो वायरल हो चुके हैं। हाल में एक वीडियो में इसने नौजवानों को पुलिस पर हमला करने को कहा था।

22 साल का यह आतंकी पिछले तीन साल से कश्मीर में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दक्षिण कश्मीर में वह काफी सक्रिय था। श्रीनगर, अनंतनाग और पुलवामा में पुलिसवालों के मारे जाने के पीछे इसी का हाथ बताया जाता है।

कौन था बुरहान मुज़फ्फर वानी
– 15 साल की उम्र में ही 2010 में बुरहान अपने भाई के मारे जाने के बाद टेररिस्ट ग्रुप हिजबुल से जुड़ा।
– उसका मानना था कि उसके भाई की इंडियन आर्मी ने हत्या कर दी थी। वह इसका बदला लेना चाहता था।
– कश्मीर के त्राल का रहने वाला बुरहान वानी एक रसूखदार फैमिली से था।
– उस पर कश्मीर के एजुकेटेड यूथ को हिजबुल से जोड़ने का जिम्मा था।
– उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था।