अमेरिकी सेना करेगी लेजर हथियारों का इस्तेमाल


नई दिल्ली। अमेरिकी सेना के लेजर हथियारों का परीक्षण अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है। जिसके बाद इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। अब इन घातक लेजर किरणों से दुश्मनों के हथियारों को मार गिराना अब मुश्किल नहीं होगा। अधिकारियों का इस तरह के औजारों को बनाने की तैयारी को लेकर कहना है कि यह हथियार आक्रमण से ज्यादा आत्मरक्षा के लिए हैं। आर्मी फॉर रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी में उप सहायक सचिव मैरी जे. मिलर बताती हैं कि ये हथियार ड्रोन, रॉकेट, मोर्टार, मिसाइल वगैरह के आक्रमण से बचाव वाले होंगे। हम इन हथियारों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट करने के लिए लेजर हथियारों का उपयोग करने में सक्षम होंगे। लेजर हथियार मिसाइल होने वाले खर्च का मतलब ही बदल देंगे। एक जोड़ी इंटरसेप्टर मिसाइल बनाने में करीब ३३ लाख ९४ हजार रुपये खर्च होते हैं। यह हमला करने वाले किसी रॉकेट पर आने वाले खर्च से पचास से सौ गुना अधिक है। लेजर सिस्टम तैयार करने में तो खर्च काफी अधिक है लेकिन इससे एक बार फायर करने पर आने वाला खर्च सिर्पâ ६८ रुपये होगा। अमेरिकी नौ सेना इस तरह के हथियार की टेिंस्टग फारस की खाड़ी में कर चुकी है। वह सन् २०२० तक अपने युद्धपोतों और जहाजों में इस तरह के हथियार चाहती है। वायु सेना का मानना है कि वह इस तरह के हथियारों के लिए अधिकतम छह साल तक इंतजार कर सकती है। लगभग उसी समय तक थल सेना को भी इस तरह के हथियार उपलब्ध कराए जाने की योजना है। इस तरह की टेक्नोलॉजी पर काफी दिनों से काम चल रहा है। इस तरह के छोटे हथियारों की एक तरह से कई जगह तैनाती भी की गई है। लेकिन पूर्ण विकसित हथियार बनने में अभी देर है। इसके लिए अधिक बिजली क्षमता और बेहतर थर्मल प्रबंधन वाले उपकरण बनाने की कोशिश की जा रही है। इसे ऐसे इलाकों में भी तैनात किए जाने लायक बनाने की कोशिश है जहां बिजली न हो, तब भी दिक्कत नहीं हो। हथियारों के फील्ड परीक्षण के बाद इन्हें सेना को परीक्षण के लिए दिया जाता है। वहां से क्लीयरेंस के बाद ही उत्पादन शुरू होता है। अमेरिकी रक्षा वैज्ञानिक युद्ध विमानों के आस-पास ऐसा घेरा बनाने वाली तकनीक विकसित कर रहे हैं जिससे इन पर किसी तरह के आक्रमण का कोई असर नहीं होगा। यहां तक कि इससे दूसरे विमान को टकराया भी नहीं जा सकेगा। चारों तरफ से लेसर किरणें इनकी सुरक्षा करेंगी। हथियार या विमान के इसके पास आते ही इनके द्वारा निकली किरणें उसका खातमा कर देंगी।