अमेरिका : ISIS ने ली नाइट क्लब में हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी


फ्लोरिडा। अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित एक समलैंगिक नाइट क्लब में आतंकी संगठन आईएस के समर्थक एक हमलावर उमर एस मतीन की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में करीब 50 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 घायल हो गए। करीब चार घंटे तक चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आईएस समर्थक हमलावर उमर मतीन को ढेर कर दिया। 9/11 के बाद अमेरिका पर ये सबसे बड़ा हमला है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घटना को आतंकी हरकत और अमेरिकी नागरिकों पर हमला करार दिया। उधर, समाचार एजेंसी अमाक ने दावा किया है कि इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली है लेकिन अमेरिका की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, 29 वर्षीय मतीन आतंकी संगठन आईएस समर्थक था और वह एफबीआई के रडार पर था। अमेरिका के इतिहास में गोलीबारी की यह सबसे बड़ी घटना है। इससे पहले 2007 में वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में हुए हमले में 32 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने इसे ‘आतंकी घटना’ करार देने के बावजूद कहा है कि मुस्लिम चरमपंथ से संदिग्ध संबंधों के लिए आगे और जांच किए जाने की जरूरत है। घटना में घायल लोगों का इलाज चल रहा है।

हमलावर उमर एस मतीन के बारे में एक वरिष्ठ एफबीआई अधिकारी ने कहा कि उसका झुकाव आईएस की तरफ रहा है। अमेरिकी समयानुसार हमलावर सुबह करीब 2 बजे ओरलेंडो के पल्स नाइट क्लब में घुसा और घुसते ही गोलीबारी शुरू कर दी। अमेरिकी प्रशासन ने इस हमले को ‘आतंकी’ घटना करार दिया है। ऑरेंज काउंटी शेरिफ के अनुसार, पीड़ितों को क्लब से निकालने का काम जारी है।