अमरनाथ और वैष्णो देवी जाना हुआ महंगा, बढ़ी टोल टेक्स की दर


श्रीनगर। राज्य सरकार ने माता वैष्णो देवी और अमरनाथ की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बढ़ा झटका दिया है। बता दें दूसरे राज्यों से जम्मू-कश्मीर में आने वाले वाहनों के लिए लखनपुर सीमा पर टोल की दर ८ प्रतिशत से बढ़ाकर १५ प्रतिशत कर दी गई है। जिससे इसका सीधा असर माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ के श्रद्धालुओं पर पड़ेगा। देश के विभिन्न राज्यों से हर साल करोड़ों पर्यटक जम्मू-कश्मीर जाते हैं। इन पर्यटकों में से एक बड़ा हिस्सा उन श्रद्धालुओं का है जो माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने जाते हैं या फिर बाबा बर्फानी अमरनाथ जी की यात्रा करते हैं। टोल टैक्स बढ़ने का सीधा असर इन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा। इस बीच श्रद्धालुओं को एक राहत ये दी गई है कि र्वािषक बजट में वित्तमंत्री ने हवाई र्इंधन (ए.टी.एफ.) में वैट की दर को २० प्रतिशत से बढ़ाकर २५ प्रतिशत कर दी थी। उसे अब र्धािमक पर्यटन को बढ़ावा देने के मद्देनजर हैलीकॉप्टर र्इंधन पर बढ़ाया टैक्स वापस लेने की घोषणा की है, जबकि हवाई जहाज के र्इंधन पर वैट २५ प्रतिशत ही रहेगा।
बता दें माता वैष्णो देवी एवं बाबा अमरनाथ के श्रद्धालु शुरू से ही वित्तमंत्री डा. हसीब द्राबू के निशाने पर रहे हैं। इससे पहले पूर्ववर्ती मुफ्ती सरकार में वित्तमंत्री के तौर पर डा. द्राबू ने हैलीकॉप्टर सेवा पर र्सिवस टैक्स लगाकर माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ जी के श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त बोझ डाला था। इसके बाद पिछले वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान लंगर लगाने वाली संस्थाओं की भंडारा सामग्री पर टोल टैक्स के साथ-साथ सेल्स टैक्स भी लगा दिया था। पंजाब केसरी में प्रमुखता से वित्तमंत्री की यह कारगुजारी उजागर होने के बाद बचाव में आई राज्य सरकार में उप-मुख्यमंत्री डा. निर्मल िंसह द्वारा दबाव डालने पर वित्तमंत्री ने भंडारा सामग्री से टोल व सेल्स दोनों टैक्सों को वापिस ले लिया था।