अब अजित पवार की बारी?


मुम्बई. महाराष्ट्र में छगन भुजबल की गिरफ्तारी के बाद अब अजित पवार के जेल जाने की संभावनाएं प्रबल हैं. सुनील तटकरे की गिरफ्तारी की भी आशंका है. राज्य के िंसचाई मंत्री गिरीश महाजन ने हाल ही में मंत्रालय में एक बातचीत के दौरान कहा था कि कांग्रेस और एनसीपी के राज में बिना पर्याप्त धन के होते हुए भी परियोजनाओं को मंजूरी देते हुए निविदाएं आवंटित करने की होड़ लगी थी जिसके चलते राज्य की िंसचाई परियोजना पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है.
कोंकण डिवीजन में आने वाली बालगंगा और कोंधाने परियोजनाओं में कथित वित्तीय अमियमितताओं की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के द्वारा की जा रही है. साथ ही उनका कहना था कि एसीबी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ कर चुकी है और वह प्रत्येक व्यक्ति जो भ्रष्टाचार का दोषी है उसे सलाखों के पीछे निाqश्चत ही पहुंचाया जाएगा.
देवेंद्र फणनवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दिखाए गए कठोर रवैये ने वास्तव में एनसीपी को भीतर तक हिलाकर रख दिया है. हमेशा आक्रामक रवैया दिखाने वाले नेता अचानक से बेहद विनम्र हो गए हैं और उन्होंने मीडिया के सामने आना भी बंद कर दिया है.
यह नजारा वर्तमान में चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी देखा जा सकता है. ईडी द्वारा मनीलॉिंन्ड्रग के आरोप में छगन भुजबल की गिरफ्तारी के बाद एनसीपी के विधायकों ने सदन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन तो किया लेकिन जितेंद्र अहवाड और अजित पवार जैसे तेजतर्रार नेता उससे दूर ही रहे.