अपराध मुक्त भारत बनाने में गाय का योगदान : संघ


०गत ६ दशक में गायों की संख्या ७० से घटकर १५ करोड़ बची
नईदिल्ली। जब आप गाय के १०० ग्राम घी से लैंप जलाते हैं, तो पूरे पर्यावरण को ताजा ऑक्सीजन मिलती है। भारतीय गाय की यह ताकत है।’ यह कहना है आरएसएस की इकाई अखिल भारतीय गो सेवा के अध्यक्ष शंकर लाल का। जबकि विज्ञान के अनुसार ऑर्गेनिक पदार्थ को जलाने में ऑक्सीजन की खपत होती है और इससे कार्बन डाईऑक्साइड निकलती है। अपने इस बयान के जरिये वह विज्ञान को झुठलाने की कोशिश में नजर आते हैं, जिसके लाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ‘बीमारी मुक्त भारत, कर्ज मुक्त भारत’ का नारा काफी अहम होगा और इसके लिए गाय अहम जरिया होगी। राष्ट्रीय सेवा संगम की सोमवार को हुई बैठक में यह पैâसला लिया गया। संघ ने गायों की सुरक्षा के लिए अपने सहयोगी सभी एनजीओ के लिए १८ पॉइंट्स का एजेंडा तैयार किया है। इसके तहत गाय आधारित खेती और इससे जुड़े कामों को बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करना, वैâदियों को सुधारने के लिए जेलों में गायों के लिए शेड बनाना, स्वूâलों में गायों पर स्कॉलरशिप परीक्षा, गाय विज्ञान पर स्टडी के लिए रिसर्च लैब और यूनिर्विसटी, हर राज्य में गाय अभयारण्य बनाने जैसी बातें शामिल हैं। साथ ही, गायों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मंदिरों में हर हफ्ते गऊ कथा के आयोजन का भी प्रस्ताव है। शंकर लाल ने कहा, ‘अपराध मुक्त भारत के लिए भी यह जरूरी है कि हमारे बच्चे सिर्पâ भारतीय गाय का दूध पीएं क्योंकि इससे वे सााqत्वक बनेंगे। शंकर लाल का बयान हाइब्रिड नस्ल की गायों को लेकर संघ नेताओं की राय को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की गायों के दूध से हमारी सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही,देसी गायें कम से कम १७ बार बच्चा दे सकती हैं, जबकि हाइब्रिड गायें सिर्पâ ७ बार बच्चा देती हैं। हमें निाqश्चत तौर पर देसी नस्ल के गायों को बढ़ावा देना चाहिए। आरएसएस हर राज्य में गाय अभयारण्य की भी मांग कर रहा है, जहां देसी नस्लों वाली गायों का संरक्षण किया जा सके। लाल ने बताया, ‘मध्य प्रदेश में ५,००० से भी ज्यादा गायें इस अभयारण्य का हिस्सा हैं। गुजरात में भी इस तरह के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। संघ ने देशभर में गायों से जुड़ी स्टडी का भी आंकड़ा पेश किया। उन्होंने कहा कि पिछले ६० साल में गायों की संख्या ७० करोड़ से घटकर १५ करोड़ हो गई है। गायों से जुड़े संघ के अभियान की एक और अहम बात जेलों में गायों के लिए शेड बनाना है, जहां वैâदी काम करेंगे।