अन्ना ने कालेधन, लोकपाल पर प्रधानमंत्री वादे पर लिखा पत्र


०कालेधन का प्रतिखाता १५ रु भी नहीं मिले
०भ्रष्टाचार पर यूपीए और एनडीए सरकार की समान नीति
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी वादों के क्रियान्वन की ढिलाई को
लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने नाराजगी व्यक्त की है।प्रधानमंत्री को लिखे तीन पन्नों के एक पत्र में अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार मुद्दे पर यूपीए और एनडीए सरकार में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने लिखा कि लोकपाल और लोकायुक्त लागू हो और किसानों को आत्महत्या से रोकने के लिए कृषि उत्पादों का वाजिब मूल्य दिया जाए। अन्ना ने याद दिलाया कि नरेन्द्र मोदी ने वादा किया था कि प्रथम १०० दिनों में ही विदेश में रखा काला धन देश में लाकर हर भारतीय के बैंक खाते में १५ लाख रुपये जमा कर दिए जाएंगे। लेकिन अभी तक १५ लाख रुपये तो दूर १५ रुपये भी लोगों को नहीं मिले। हजारे ने पत्र में आगे कहा, हो सकता है कि आपको मेरे पत्र से क्रोध आए और आप उसे कचड़े के डिब्बे में पेंâक दें। मैं तो एक साधारण आदमी हूं, जिसके पास सरकार के विरुद्ध कोई शक्ति नहीं है। मैं अधिक से अधिक यही कर सकता हूं कि आंदोलन शुरू करूं।