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                <title>SGTPA - Loktej</title>
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                <description>SGTPA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : लिग्नाइट संकट पर उद्योग जगत की जीएमडीसी से अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। दक्षिण गुजरात में लिग्नाइट की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी को लेकर शुक्रवार को सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) तथा साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (जीएमडीसी) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।</p>
<p>बैठक में उद्योगपतियों ने मई, जून और जुलाई-2026 के दौरान लिग्नाइट की कीमतों में हुई असामान्य वृद्धि, आवंटित कोटे के अनुरूप आपूर्ति न मिलने तथा परिवहन लागत बढ़ने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।</p>
<p>सरसाना स्थित चैंबर भवन में आयोजित बैठक में जीएमडीसी के जनरल मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग-कोल) नीरज पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148114/important-meeting-of-industry-with-gmdc-on-surat-lignite-crisis"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-07/b04072026-08.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। दक्षिण गुजरात में लिग्नाइट की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी को लेकर शुक्रवार को सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) तथा साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (जीएमडीसी) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।</p>
<p>बैठक में उद्योगपतियों ने मई, जून और जुलाई-2026 के दौरान लिग्नाइट की कीमतों में हुई असामान्य वृद्धि, आवंटित कोटे के अनुरूप आपूर्ति न मिलने तथा परिवहन लागत बढ़ने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।</p>
<p>सरसाना स्थित चैंबर भवन में आयोजित बैठक में जीएमडीसी के जनरल मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग-कोल) नीरज पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य दक्षिण गुजरात के प्रोसेसिंग हाउस और विभिन्न विनिर्माण इकाइयों को लिग्नाइट आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान तलाशना था।</p>
<p>बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएमडीसी के समक्ष चार प्रमुख मुद्दे रखे—</p>
<p>मई, जून और जुलाई 2026 के दौरान लिग्नाइट की कीमतों में की गई भारी वृद्धि वापस ली जाए।<br />आवंटित कोटे के अनुरूप समय पर पर्याप्त मात्रा में लिग्नाइट उपलब्ध कराया जाए।<br />ताड़केश्वर खदान के बजाय भावनगर से आपूर्ति होने के कारण बढ़ी परिवहन लागत को कम करने के उपाय किए जाएं।<br />खुले बाजार में कृत्रिम कमी और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।</p>
<p><br />एसजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बैठक की शुरुआत में जीएमडीसी अधिकारियों से उद्योग जगत की व्यावहारिक मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों के दौर में जिस प्रकार केंद्र सरकार ने उद्योगों को विभिन्न राहत योजनाओं के माध्यम से सहयोग दिया, उसी प्रकार राज्य सरकार के उपक्रम के रूप में जीएमडीसी को भी उद्योगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।</p>
<p>उद्योगपतियों ने कहा कि वर्तमान पश्चिम एशिया संकट के बीच उत्पादन लागत पहले ही बढ़ चुकी है, ऐसे में लिग्नाइट की कीमतों में लगातार वृद्धि से उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।</p>
<p>जीएमडीसी अधिकारियों ने उद्योगपतियों की चिंताओं का जवाब देते हुए बताया कि औद्योगिक डीज़ल की कीमतों में वृद्धि और ताड़केश्वर खदान क्षेत्र में शुरुआती मानसूनी बारिश के कारण खदानों में पानी भर गया है। इससे उत्पादन और परिवहन दोनों प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण लागत में वृद्धि हुई और स्थानीय आपूर्ति बाधित हुई।</p>
<p>अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दक्षिण गुजरात के उद्योगों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक होने पर राज्य एवं केंद्र सरकार के स्तर पर भी उचित प्रस्तुतीकरण कर मूल्य और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>बैठक में एसजीटीपीए के अध्यक्ष जितेंद्रभाई वखारिया, उद्योगपति जे.पी. अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, एसजीसीसीआई के मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, प्रबंध समिति के सदस्य तथा एसजीटीपीए के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जीआईडीसी समिति के चेयरमैन मितुल मेहता ने किया, जबकि अंत में एसजीटीपीए के वरिष्ठ अधिकारी बिनय अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148114/important-meeting-of-industry-with-gmdc-on-surat-lignite-crisis</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:24:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  ‘सस्टेनेबल प्रैक्टिस और ग्रीन टेक्नोलॉजी’ पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। टेक्सटाइल उद्योग में सतत विकास, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से TERI तथा Energiva Ventures ने SGTPA और MANTRA के सहयोग से सूरत के एक होटल में “टेक्सटाइल सेक्टर के लिए सस्टेनेबल प्रैक्टिस और ग्रीन टेक्नोलॉजी” विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।</p>
<p>कार्यक्रम में SGTPA के प्रतिनिधि जितेंद्र वखारिया, MANTRA के रजनीकांत बचकानीवाला, TERI के गिरीश शेट्टी एवं श्रीमती बंशी, तथा जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक ए. वी. दवे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने टेक्सटाइल उद्योग में सतत विकास और हरित तकनीकों की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।</p>
<p>कार्यशाला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147611/surat-%C2%A0awareness-workshop-organized-on-%E2%80%98sustainable-practices-and-green-technology%E2%80%99"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b12062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। टेक्सटाइल उद्योग में सतत विकास, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से TERI तथा Energiva Ventures ने SGTPA और MANTRA के सहयोग से सूरत के एक होटल में “टेक्सटाइल सेक्टर के लिए सस्टेनेबल प्रैक्टिस और ग्रीन टेक्नोलॉजी” विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।</p>
<p>कार्यक्रम में SGTPA के प्रतिनिधि जितेंद्र वखारिया, MANTRA के रजनीकांत बचकानीवाला, TERI के गिरीश शेट्टी एवं श्रीमती बंशी, तथा जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक ए. वी. दवे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने टेक्सटाइल उद्योग में सतत विकास और हरित तकनीकों की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।</p>
<p>कार्यशाला के दौरान भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी साझा की गई। साथ ही, Indian Institute of Technology Bombay, MANTRA और United Nations Industrial Development Organization के विशेषज्ञों ने ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा के उपयोग, उन्नत डाइंग प्रक्रियाओं और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।</p>
<p>विशेषज्ञों ने जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, संसाधनों के पुनर्चक्रण (रिसोर्स सर्कुलरिटी) तथा वैश्विक बाजार में टिकाऊ उत्पादों की बढ़ती मांग और अवसरों पर भी चर्चा की। उद्योगपतियों को पर्यावरण-अनुकूल और लागत बचाने वाली तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<p>आयोजकों के अनुसार, यह कार्यशाला टेक्सटाइल उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर नेटवर्किंग डिनर का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योगपतियों, विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विचारों का आदान-प्रदान किया तथा संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 20:57:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : वस्त्र आयुक्त वृंदा मनोहर देसाई ने सूरत के प्रमुख टेक्सटाइल संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों का किया दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  सूरत। भारत सरकार की वस्त्र आयुक्त वृंदा मनोहर देसाई (IRS) ने 28 मई 2026 को सूरत स्थित प्रमुख वस्त्र संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों का व्यापक दौरा किया।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क, इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एंड अपैरल डेवलपमेंट सेंटर (ITADC), कतारगाम, दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) सभागार, पांडेसरा तथा पांडेसरा GIDC स्थित वस्त्र प्रोसेसिंग इकाइयों और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण किया।</p>
<p>दौरे का मुख्य उद्देश्य वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन, सतत उत्पादन प्रणाली और भारतीय वस्त्र उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना रहा।</p>
<p>फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क के निरीक्षण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147352/surat-textile-commissioner-vrinda-manohar-desai-visited-major-textile-institutes"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b28052026-03.jpg" alt=""></a><br /><p> सूरत। भारत सरकार की वस्त्र आयुक्त वृंदा मनोहर देसाई (IRS) ने 28 मई 2026 को सूरत स्थित प्रमुख वस्त्र संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों का व्यापक दौरा किया।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क, इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एंड अपैरल डेवलपमेंट सेंटर (ITADC), कतारगाम, दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) सभागार, पांडेसरा तथा पांडेसरा GIDC स्थित वस्त्र प्रोसेसिंग इकाइयों और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण किया।</p>
<p>दौरे का मुख्य उद्देश्य वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन, सतत उत्पादन प्रणाली और भारतीय वस्त्र उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना रहा।</p>
<p>फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क के निरीक्षण के दौरान वस्त्र आयुक्त ने टेक्निकल टेक्सटाइल, आधुनिक बुनाई तकनीक, प्री-वीविंग सुविधाएं, श्रमिक आवास, कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सुविधाओं का अवलोकन किया।</p>
<p>उन्होंने वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और रिसाइक्लिंग के लिए स्थानीय निकायों के साथ समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को भविष्य की आवश्यकता बताया।</p>
<p>ITADC, सूरत के दौरे के दौरान उन्होंने विकेन्द्रीकृत पावरलूम एवं कंप्यूटरीकृत एम्ब्रॉयडरी सेक्टर के लिए उपलब्ध कराई जा रही प्रशिक्षण, परीक्षण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग, उद्यमिता विकास और तकनीकी सेवाओं की सराहना की।</p>
<p>उन्होंने प्रशिक्षित उद्यमियों की सफलता की कहानियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>
<p>दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) सभागार, पांडेसरा में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में वस्त्र आयुक्त ने ITADC और 36T Solutions के संयुक्त कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित 35 युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए।</p>
<p>इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कक्षा आधारित शिक्षा के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण और व्यवहारिक अनुभव भी शामिल था।</p>
<p>अपने संबोधन में वृंदा मनोहर देसाई ने युवाओं और नवोदित उद्यमियों को नवाचार, गुणवत्ता, स्थिरता और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता आधारित व्यवसाय विकसित करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>उन्होंने वैश्विक स्तर पर उभर रही “China Plus One” रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय वस्त्र उद्योग के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसके माध्यम से भारत वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।</p>
<p>उन्होंने यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ हुए Free Trade Agreements (FTAs) से उत्पन्न निर्यात संभावनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।</p>
<p>वस्त्र आयुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं को केवल सब्सिडी प्राप्त करने का साधन न मानकर व्यवसाय विस्तार, आधुनिकीकरण और क्षमता विकास के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने Bharat Tex और Techtextil India जैसे वैश्विक आयोजनों तथा मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।</p>
<p>पांडेसरा GIDC स्थित वस्त्र प्रोसेसिंग इकाइयों और CETP के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अपशिष्ट जल शोधन और पुनर्चक्रण प्रणाली का अवलोकन किया।</p>
<p>उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल पुनः उपयोग और संसाधन दक्षता के क्षेत्र में उद्योगों द्वारा किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सतत औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p>यह दौरा सूरत के वस्त्र उद्योग की कौशल विकास, पर्यावरणीय अनुपालन, उद्यमिता संवर्धन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की परिकल्पना को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147352/surat-textile-commissioner-vrinda-manohar-desai-visited-major-textile-institutes</link>
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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 21:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : मिशन लाइफ के तहत एसजीटीपीए का पर्यावरण जागरूकता सेमिनार आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने आज, 8 दिसंबर 2025 को, सूरत के कलेक्टर कार्यालय और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) के सहयोग से 'मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट)' के तहत एक महत्वपूर्ण पर्यावरण जागरूकता सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया।</p>
<p>साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए), सूरत द्व्रारा प्राप्त जानकारी के अनुसारइस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पर्यावरणीय रूप से अधिक जिम्मेदार बनाना था। उपस्थित 122 सदस्य इंडस्ट्रीज़ को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। </p>
<p>सेमिनार में पानी बचत, सिस्टमैटिक वेस्ट मैनेजमेंट, ई-वेस्ट कम करने, एनर्जी कंज़र्वेशन, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कम करने पर ज़ोर दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144482/environmental-awareness-seminar-of-sgtpa-organized-under-surat-mission-life"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b08122025-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने आज, 8 दिसंबर 2025 को, सूरत के कलेक्टर कार्यालय और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) के सहयोग से 'मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट)' के तहत एक महत्वपूर्ण पर्यावरण जागरूकता सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया।</p>
<p>साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए), सूरत द्व्रारा प्राप्त जानकारी के अनुसारइस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पर्यावरणीय रूप से अधिक जिम्मेदार बनाना था। उपस्थित 122 सदस्य इंडस्ट्रीज़ को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। </p>
<p>सेमिनार में पानी बचत, सिस्टमैटिक वेस्ट मैनेजमेंट, ई-वेस्ट कम करने, एनर्जी कंज़र्वेशन, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कम करने पर ज़ोर दिया गया।इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल अपनाने जैसे विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने इंडस्ट्री प्रतिनिधियों को प्रैक्टिकल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी बड़े पर्यावरणीय बदलाव ला सकते हैं।</p>
<p>एसजीटीपीए के अध्यक्ष जितेंद्र वखारिया ने कहा कि मिशन लाइफ का उद्देश्य इंडस्ट्री और समाज को सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल की ओर प्रेरित करना है। समय की ज़रूरत है कि इंडस्ट्रीज़ संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करते हुए जागरूकता बढ़ाएं।</p>
<p>जीपीसीबी के के. एच. पटेल और भरत वासरा सहित पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. धवल वर्गीय ने उपस्थित सदस्यों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और इको-फ्रेंडली औद्योगिक तरीकों के महत्व पर जोर देते हुए प्रोत्साहित किया। </p>
<p>सेमिनार में 122 सदस्य इंडस्ट्रीज़ की सक्रिय भागीदारी एसजीटीपीए के पर्यावरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144482/environmental-awareness-seminar-of-sgtpa-organized-under-surat-mission-life</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 19:08:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन में ‘ज्ञान एवं प्रसार कार्यशाला’ का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) की ओर से आज एसोसिएशन के सेमिनार हॉल में ‘ज्ञान एवं प्रसार कार्यशाला’ आयोजित की गई।</p>
<p>कार्यशाला में अध्यक्ष जितेंद्र वखारिया, दिल्ली से आए ईईएसएल के महाप्रबंधक गिरजाशंकर, वरिष्ठ प्रबंधक अनस आफताब, बीईई के वरिष्ठ प्रवासी आदित्य उपाध्याय, जीईडीए से राहुल सबदह, डब्ल्यूआरआई से मेहुल पटेल और उषा न्यूरोस से शुभम कुमार उपस्थित थे। इसके अलावा एसजीटीपीए के प्रमुख सदस्यों सहित उद्योग से जुड़े बड़ी संख्या में सहभागी उपस्थित रहे।</p>
<p>कार्यशाला का शुभारंभ बीईई के वरिष्ठ प्रवासी आदित्य उपाध्याय ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य उद्देश्यों का परिचय दिया, जिसका प्रमुख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144149/%E2%80%98knowledge-and-dissemination-workshop%E2%80%99-organized-in-surat-south-gujarat-textile"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-11/b19112025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) की ओर से आज एसोसिएशन के सेमिनार हॉल में ‘ज्ञान एवं प्रसार कार्यशाला’ आयोजित की गई।</p>
<p>कार्यशाला में अध्यक्ष जितेंद्र वखारिया, दिल्ली से आए ईईएसएल के महाप्रबंधक गिरजाशंकर, वरिष्ठ प्रबंधक अनस आफताब, बीईई के वरिष्ठ प्रवासी आदित्य उपाध्याय, जीईडीए से राहुल सबदह, डब्ल्यूआरआई से मेहुल पटेल और उषा न्यूरोस से शुभम कुमार उपस्थित थे। इसके अलावा एसजीटीपीए के प्रमुख सदस्यों सहित उद्योग से जुड़े बड़ी संख्या में सहभागी उपस्थित रहे।</p>
<p>कार्यशाला का शुभारंभ बीईई के वरिष्ठ प्रवासी आदित्य उपाध्याय ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य उद्देश्यों का परिचय दिया, जिसका प्रमुख लक्ष्य उद्योगों को नई तकनीक, ऊर्जा संरक्षण और एमएसएमई योजनाओं के बारे में जागरूक करना था।</p>
<p>ईईएसएल के महाप्रबंधक गिरजाशंकर ने 2023 में एमएसएमई को समर्थन देने के उद्देश्य से तैयार की गई नई सहायता योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यदि कोई उद्योग नई तकनीक में निवेश करता है और 10% से अधिक ऊर्जा की बचत संभव है, तो इस स्थिति में सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को 5% ब्याज पर सब्सिडी, मध्यम इकाइयों को 3% ब्याज पर सब्सिडी मिलेगी। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक अपनाने से न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि औद्योगिक इकाइयों का राजस्व भी बढ़ेगा।</p>
<p>अध्यक्ष जितेंद्र वखारिया ने सदस्यों को बताया कि उन्होंने स्वयं इस योजना का लाभ उठाया और अपनी इकाई में महत्वपूर्ण बचत हासिल की। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर उत्पादन लागत कम करें और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाएँ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर एसोसिएशन हर सीईटीपी क्लस्टर में इस योजना की जानकारी पहुँचाने की व्यवस्था करेगी। उद्योगों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम, कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्योग जगत को आधुनिक तकनीक, ऊर्जा बचत के उपाय, और एमएसएमई प्रोत्साहन योजनाओं की सही एवं विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि दक्षिण गुजरात के उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बन सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144149/%E2%80%98knowledge-and-dissemination-workshop%E2%80%99-organized-in-surat-south-gujarat-textile</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 16:10:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत में उद्योगपतियों के लिए केंद्र सरकार की 3 महत्वपूर्ण योजनाओं पर जागरूकता सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत : पांडेसरा औद्योगिक संघ, दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के सूरत कार्यालयों के सहयोग से आज सीईटीपी कॉन्फ्रेंस हॉल, पांडेसरा में केंद्र सरकार की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगपतियों, मानव संसाधन प्रबंधकों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और स्प्री योजना (विशेष वसूली एवं नामांकन अभियान - ईपीएफओ) के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।</p>
<p>पीएम-वीबीआरवाई: युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142138/awareness-session-on-3-important-schemes-of-central-government-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-07/b25072025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत : पांडेसरा औद्योगिक संघ, दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के सूरत कार्यालयों के सहयोग से आज सीईटीपी कॉन्फ्रेंस हॉल, पांडेसरा में केंद्र सरकार की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगपतियों, मानव संसाधन प्रबंधकों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और स्प्री योजना (विशेष वसूली एवं नामांकन अभियान - ईपीएफओ) के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।</p>
<p>पीएम-वीबीआरवाई: युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग</p>
<p>संजय सिंह गुर्जर (पूर्व क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ सूरत) ने पीएम-वीबीआरवाई योजना को स्पष्ट और सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस योजना का लक्ष्य जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करना है। युवाओं को 15,000 रुपये का दो-चरणीय डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) लाभ मिलेगा, जबकि उद्योगपतियों को 1,000 से 3,000 रुपये तक की मासिक प्रोत्साहन राशि मिलेगी। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) के लिए इसमें विशेष लाभ हैं और ईपीएफओ पोर्टल से आसान पंजीकरण व दावा ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p>ईएसआईसी: सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी</p>
<p>दीपक मलिक (संयुक्त निदेशक, ईएसआईसी सूरत) ने ईएसआईसी योजनाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी पूरे गुजरात के शहरी क्षेत्रों में कवरेज प्रदान करता है। 21,000 रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों को स्वास्थ्य, नकद और पेंशन लाभ मिलते हैं। MEUD और MIMP के माध्यम से नई सेवाएं शुरू की गई हैं, और अब नगरपालिकाओं/नगर निगमों के पात्र कर्मचारी भी लाभार्थी बन सकते हैं।</p>
<p>स्प्री योजना: विशेष वसूली और पंजीकरण अभियान (1 जुलाई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक)</p>
<p>ईपीएफओ द्वारा संचालित स्प्री योजना के तहत, जो उद्योग अभी तक ईपीएफओ में पंजीकृत नहीं हैं या जिनके पुराने निर्णय लंबित हैं, उन्हें इस अवधि के दौरान आसानी से और बिना किसी दंड के पंजीकरण का अवसर दिया जा रहा है। इस अवधि के दौरान पंजीकरण कराने वाले नियोक्ताओं को कई रियायतें दी जाएंगी, जो विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए लाभकारी होंगी।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कमलविजय तुलस्यान (अध्यक्ष, पांडेसरा औद्योगिक संघ), जितेंद्र लखरिया (उपाध्यक्ष, पांडेसरा औद्योगिक संघ), नीरव मांडलेवाला (समूह अध्यक्ष, SGCCI), सुहैल सवानी (अध्यक्ष, श्रम कानून समिति, SGCCI), आनंद मेहता (सह-अध्यक्ष, श्रम कानून समिति, SGCCI), विभिन्न उद्योगों के मालिक, प्रबंधन प्रतिनिधि और मानव संसाधन प्रबंधक उपस्थित थे।</p>
<p>उपस्थित उद्योगपतियों और मानव संसाधन प्रतिनिधियों ने इन योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों के साथ तार्किक चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में, जितेंद्र लखरिया ने ईपीएफओ और ईएसआईसी अधिकारियों, SGCCI प्रतिनिधियों और उद्योग जगत से आए सभी अतिथियों का हार्दिक धन्यवाद किया।</p>
<hr />]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 19:25:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत पुलिस कमिश्नर ने पांडेसरा जीआईडीसी के उद्योगपतियों से की शुभेच्छा मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत शहर के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने आज पांडेसरा क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ एक पांडेसरा इंडस्ट्रीयल लिमिटेड कार्यालय में सुरक्षा संबंधित शुभेच्छा बैठक की। एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतुभाई वखारीया, पांडेसरा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष कमलभाई तुलस्यान, प्रमोद चौधरी, जे.पी.अग्रवाल सहित पांडेसरा क्षेत्र के उद्यमी बैठक में उपस्थित रहे। </p>
<p>इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की स्थिति, उद्योगपतियों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करना था। कमिश्नर गहलोत ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अगर कोई रंगदारी मांगता है तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए, ऐसे तत्वों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141980/surat-police-commissioner-met-the-industrialists-of-pandesara-gidc"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-07/b17072025-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत शहर के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने आज पांडेसरा क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ एक पांडेसरा इंडस्ट्रीयल लिमिटेड कार्यालय में सुरक्षा संबंधित शुभेच्छा बैठक की। एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतुभाई वखारीया, पांडेसरा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष कमलभाई तुलस्यान, प्रमोद चौधरी, जे.पी.अग्रवाल सहित पांडेसरा क्षेत्र के उद्यमी बैठक में उपस्थित रहे। </p>
<p>इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की स्थिति, उद्योगपतियों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करना था। कमिश्नर गहलोत ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अगर कोई रंगदारी मांगता है तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए, ऐसे तत्वों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>बैठक में पांडेसरा इंडस्ट्रीज क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया गया। कमिश्नर गहलोत ने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी के महत्व को रेखांकित किया और इसके शीघ्र कार्यान्वयन में उद्योगपतियों से सहयोग की अपील की। उनका मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण और अपराधियों की पहचान में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।</p>
<p>पांडेसरा क्षेत्र को 'मिनी इंडिया' के नाम से जाना जाता है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों से लोग रोजगार के लिए आते हैं। इस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने और नशीले पदार्थों जैसी बुराइयों से दूर रहने के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के प्रयासों पर बल दिया गया। पुलिस आयुक्त ने घोषणा की कि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।</p>
<p>बैठक में उद्योगपतियों और उनके कर्मचारियों को नशीले पदार्थों की लत से दूर रहने की हिदायत दी गई। पुलिस ने उनसे इस बारे में जागरूकता फैलाने और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उद्योगपतियों को सूदखोरों के विरुद्ध चल रहे अभियान की भी जानकारी दी गई और उन्हें ऐसे तत्वों से सावधान रहने तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>पुलिस आयुक्त गहलोत ने उद्योगपतियों से निडर होकर काम करने और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों के सुचारू संचालन और सुरक्षा के लिए पुलिस और उद्योगपतियों के बीच घनिष्ठ समन्वय अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि यदि उन्हें कोई समस्या या जानकारी हो, तो वे पुलिस से संपर्क करें। यह बैठक उद्योगपतियों और पुलिस के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक होगी, जिससे क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141980/surat-police-commissioner-met-the-industrialists-of-pandesara-gidc</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 21:07:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : थर्मैक्स लिमिटेड द्वारा ऊर्जा बचत और जल पुन: उपयोग पर तकनीकी संगोष्ठी आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से थर्मैक्स लिमिटेड ने सूरत के अठवा लाईन्स स्थित होटल मैरियट में "ऊर्जा संरक्षण - जल पुन: उपयोग और कोयले का कुशलतापूर्वक उपयोग कैसे करें" विषय पर एक तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आयोजित की गई थी।</p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) के अध्यक्ष जितेंद्रभाई पी. वखारिया ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, "ऊर्जा की बचत अब केवल एक विकल्प नहीं रही, बल्कि यह प्रत्येक उद्योग की ज़िम्मेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141828/surat-thermax-limited-organized-a-technical-seminar-on-energy-savings"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-07/‍b10072025-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से थर्मैक्स लिमिटेड ने सूरत के अठवा लाईन्स स्थित होटल मैरियट में "ऊर्जा संरक्षण - जल पुन: उपयोग और कोयले का कुशलतापूर्वक उपयोग कैसे करें" विषय पर एक तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आयोजित की गई थी।</p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता दक्षिण गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) के अध्यक्ष जितेंद्रभाई पी. वखारिया ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, "ऊर्जा की बचत अब केवल एक विकल्प नहीं रही, बल्कि यह प्रत्येक उद्योग की ज़िम्मेदारी बन चुकी है।"</p>
<p>जितेंद्रभाई वखारिया ने ईटीएस-एआईआर (उत्सर्जन व्यापार योजना) और ईटीएस-वाटर (जल व्यापार योजना) के कार्यान्वयन से औद्योगिक इकाइयों को हुए लाभों का उल्लेख किया और उद्योगों से पर्यावरणीय अनुपालन को प्राथमिकता देने की अपील की।</p>
<p>थर्मैक्स लिमिटेड के विशेषज्ञों ने संगोष्ठी में अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ETP), शून्य द्रव उत्सर्जन (ZLD), जेट व ड्रम जल पुनर्चक्रण प्रणाली, भाप प्रणाली का अनुकूलन और कोयले की दक्षता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि ऊर्जा दक्षता के लिए उच्च दक्षता वाले बॉयलर, स्वचालित ब्लोडाउन प्रणाली, वीएफडी, और अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति प्रणाली अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p>जल संरक्षण के संदर्भ में यह बताया गया कि जल संतुलन, उबले जल की निगरानी, और पुनर्चक्रण प्रणाली के माध्यम से अब तक 62 उद्योगों में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। इन उपायों ने न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को बेहतर बनाया है, बल्कि उद्योगों को परिचालन लागत बचत में भी मदद की है।</p>
<p>यह संगोष्ठी न केवल उद्योगपतियों को नवीन तकनीकी समाधानों से अवगत कराने में सफल रही, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक सार्थक पहल भी सिद्ध हुई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रखी जाएगी, जिससे उद्योग क्षेत्र में स्थायित्व और दक्षता को बढ़ावा मिले।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 19:06:48 +0530</pubDate>
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