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                <title>Operation Sindoor - Loktej</title>
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                <description>Operation Sindoor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने दी वीर जवानों को सलामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 07 मई (वेब वार्ता)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक सफल वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में प्रधानमंत्री सहित मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्यों ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर बदलकर भारतीय तिरंगे के साथ केसरिया ज्वाला को एकीकृत किया है, जो सेना के संकल्प का प्रतीक है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभियान ने भारतीय सेना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146985/pm-modi-salutes-the-brave-soldiers-on-the-first-anniversary"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 07 मई (वेब वार्ता)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक सफल वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में प्रधानमंत्री सहित मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्यों ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर बदलकर भारतीय तिरंगे के साथ केसरिया ज्वाला को एकीकृत किया है, जो सेना के संकल्प का प्रतीक है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभियान ने भारतीय सेना की पेशेवर तैयारी और तीनों सेवाओं के बीच सटीक समन्वय को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित किया है।</p>
<p>पिछले एक साल में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से सीख लेते हुए अपनी सैन्य रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। सुरक्षा बलों ने अब ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। वायु सेना के पूर्व अधिकारियों के अनुसार, दुश्मन के उन्नत ड्रोन हमलों और दुष्प्रचार अभियानों का मुकाबला करने के लिए भारत ने अपनी ‘ड्रोन-रोधी’ क्षमताओं को विस्तारित किया है।</p>
<p>इस दौरान एस-400 मिसाइल प्रणाली और स्वदेशी ‘आकाश’ प्रणालियों के आक्रामक उपयोग ने हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाया है। भारत अब रणनीतिक संयम के बजाय ‘रणनीतिक सक्रियता’ की ओर बढ़ चुका है, जो दुश्मन के किसी भी परमाणु खतरे या उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।</p>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को पुनर्परिभाषित करते हुए सरकार ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए भारी-भरकम बजट और खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद, अमेरिका से बोइंग P8-I निगरानी विमान और जर्मनी के सहयोग से छह स्टील्थ पनडुब्बियों का निर्माण शामिल है।</p>
<p>हाल ही में भारत ने आईएनएस अरिदमन जैसी परमाणु पनडुब्बियों और अग्नि-5 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण कर अपनी सामरिक पहुंच को एशिया और यूरोप के बड़े हिस्सों तक विस्तारित किया है। 2.38 लाख करोड़ रुपये के नए सैन्य उपकरणों की मंजूरी यह दर्शाती है कि भारत भविष्य के किसी भी बहु-क्षेत्रीय युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 15:34:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूएई थल सेना के कमांडर भारत पहुंचे, ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी गई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मायुफ सईद अल हल्लामी भारत के दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करना और विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग के नये अवसरों की तलाश करना है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि यूएई थल सेना के कमांडर 27 से 28 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143747/commander-of-uae-army-reached-india-and-was-informed-about"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मायुफ सईद अल हल्लामी भारत के दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करना और विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग के नये अवसरों की तलाश करना है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि यूएई थल सेना के कमांडर 27 से 28 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ाना और विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि यह उच्च-स्तरीय यात्रा दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को सुदृढ़ करने और दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।</p>
<p>महानिदेशक सूचना प्रणाली और सेना डिजाइन ब्यूरो ने मेजर जनरल अल हल्लामी को भारत की रक्षा क्षमताओं और भारतीय सेना के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) के रोडमैप के बारे में प्रस्तुति दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मेजर जनरल अल हल्लामी 28 अक्टूबर, 2025 को राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का दौरा करेंगे और विभिन्न स्वदेशी हथियार एवं सैन्य साजो सामान की जानकारी प्राप्त करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कमांडर डीआरडीओ प्रमुख एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा से रक्षा संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा सैन्य जुड़ाव और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नयी दिशा मिलेगी।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 21:37:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन सिन्दूर के बीएसएफ नायक गुजरात में एकता दिवस परेड में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर में बहादुरी का प्रदर्शन करने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किए गए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 कर्मियों से गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के दौरान औपचारिक सलामी लेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>यह परेड 31 अक्टूबर को गुजरात के केवडिया में देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की जाएगी। पटेल को स्वतंत्रता के बाद देश के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए याद किया जाता है।</p>
<p>बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143715/bsf-heroes-of-operation-sindoor-to-welcome-pm-modi-at"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर में बहादुरी का प्रदर्शन करने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किए गए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 कर्मियों से गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के दौरान औपचारिक सलामी लेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>यह परेड 31 अक्टूबर को गुजरात के केवडिया में देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की जाएगी। पटेल को स्वतंत्रता के बाद देश के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए याद किया जाता है।</p>
<p>बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘31 अक्टूबर को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में आयोजित किया जाने वाला राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम इस बार बेहद खास होगा। यह दिन और यह आयोजन हमारे महान देश की एकता और सद्भाव का प्रतीक है।’’</p>
<p>पिछले वर्षों की तरह यह कार्यक्रम सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जाएगा। दुनिया की इस सबसे ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन मोदी ने 2018 में किया था।</p>
<p>यह परेड 31 अक्टूबर को गुजरात के केवडिया में देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की जाएगी। पटेल को स्वतंत्रता के बाद देश के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए याद किया जाता है।</p>
<p>चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जहां ऑपरेशन सिंदूर में शामिल 16 बीएसएफ के जवानों के अलावा, शूर्य चक्र से सम्मानित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पांच जवान परेड में हिस्सा लेंगे।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि ये जवान परेड के दौरान एक चलती गाड़ी में बैठे रहेंगे।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘‘अद्भुत बहादुरी’’ और ‘‘अद्वितीय वीरता’’ का प्रदर्शन करने के लिए बीएसएफ कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर तीनों रक्षा बलों द्वारा बीएसएफ के साथ मिलकर पश्चिमी सीमा पर सात से 10 मई तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर चलाया गया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी बहादुरी के लिए दो अन्य बीएसएफ कर्मियों को मरणोपरांत सेना के वीर चक्र से सम्मानित किया गया।</p>
<p>बीएसएफ प्रमुख चौधरी ने बताया कि परेड में ‘‘अनेकता में एकता’’ को दर्शाते हुए विभिन्न पुलिस बलों के ब्रास बैंड के अलावा विभिन्न केंद्रीय, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों की कुल 10 झांकियां शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को एक महिला अधिकारी के नेतृत्व वाली टुकड़ी द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया जाएगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारतीय नस्ल के दो बीएसएफ कुत्तों - रिया (मुधोल हाउंड) और लिली (रामपुर हाउंड) का प्रदर्शन होगा। इन कुत्तों को उच्च जोखिम वाले अभियानों, जैसे कमांडो के साथ हेलीकॉप्टर से उतरना और ‘रिवर राफ्टिंग’ के लिए प्रशिक्षित किया गया है।</p>
<p>परेड का समापन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा जिसमें 900 कलाकार विभिन्न भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>चौधरी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सद्भाव एवं देशभक्ति की भावना को उजागर करना और आम नागरिकों को इन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। सभी नागरिकों को इस भव्य एवं शुभ उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेने और इसका हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।’’</p>
<p>परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ-साथ असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, केरल, आंध्र प्रदेश और एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) के पुलिस बल शामिल होंगे।</p>
<p>एक सरकारी बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में घुड़सवार और ऊंट पर सवार टुकड़ियां भाग लेंगी और इस दौरान भारतीय वायु सेना के सूर्य किरण विमानों का एक ‘एयरशो’ एवं कुछ निहत्थे युद्ध अभ्यास का प्रदर्शन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 20:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर लोगों ने सेना को लिखे पत्र, अधिकारी पढ़कर हुए भावुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 जून (वेब वार्ता)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश के कोने-कोने से आम नागरिकों ने भारतीय सेना के नाम भावनाओं से भरे पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में देशवासियों ने सेना के प्रति अपना अटूट समर्थन, गहरा सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की है। अलग स्थानों व प्रदेशों से भेजे गए ये पत्र न केवल सेना के साहसिक अभियानों की सराहना करते हैं, बल्कि इन पत्रों में भारतीय नागरिकों की राष्ट्रीय भावना, एकता और सेना के प्रति विश्वास की गूंज सुनाई देती है।</p>
<p>सेना के कुछ अधिकारियों का कहना है कि इन पत्रों को पढ़कर सारी थकान मिट जाती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141342/people-have-been-emotional-after-reading-a-letter-officer-written"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 जून (वेब वार्ता)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश के कोने-कोने से आम नागरिकों ने भारतीय सेना के नाम भावनाओं से भरे पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में देशवासियों ने सेना के प्रति अपना अटूट समर्थन, गहरा सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की है। अलग स्थानों व प्रदेशों से भेजे गए ये पत्र न केवल सेना के साहसिक अभियानों की सराहना करते हैं, बल्कि इन पत्रों में भारतीय नागरिकों की राष्ट्रीय भावना, एकता और सेना के प्रति विश्वास की गूंज सुनाई देती है।</p>
<p>सेना के कुछ अधिकारियों का कहना है कि इन पत्रों को पढ़कर सारी थकान मिट जाती है। एहसास होता है कि हमारे साथ समस्त देशवासी खड़े हैं। इन पत्रों में पूर्व सैनिकों का समर्पण, युवाओं के जोश से लेकर बुजुर्गों के हाथों से लिखे भावुक शब्द शामिल हैं। किसी ने लिखा, “आप हमारे लिए दीवार बनकर खड़े हैं, हम आपके लिए हमेशा प्रार्थना करते हैं।” किसी ने अपने पत्र में कहा, ”आपकी वर्दी हमारे गौरव का प्रतीक है।”</p>
<p>गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निहत्थे व निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसके तहत पाकिस्तान के भीतर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।</p>
<p>भारतीय सेना के इस हमले में सौ से अधिक आतंकवादियों की मौत हुई। वहीं, पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों को अपना निशाना बनाने की कोशिश की।</p>
<p>इसका करारा जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए। भारतीय सेना की इस वीरतापूर्ण कार्रवाई को लेकर देश भर से सेना को पत्र भेजे गए। इन पत्रों को विभिन्न माध्यमों जैसे- डाक, ईमेल, सोशल मीडिया और कई स्कूलों व चैरिटेबल संस्थानों ने अधिकारियों तक पहुंचाया है। अब सेना ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इन पत्रों को साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी है।</p>
<p>भारतीय सेना ने नागरिकों के प्रयासों का सम्मान करते हुए कहा, “हम भारतवासियों के इस प्रेम और विश्वास के लिए आभारी हैं। यह हमें हर पल अपने कर्तव्य के प्रति और भी समर्पित करता है।”</p>
<p>सेना का कहना है कि यह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आम नागरिकों द्वारा लिखे गए भावनात्मक पत्रों का एक संकलन है। इसमें भारतीय सेना के प्रति लोगों का अटूट समर्थन, गहरा सम्मान और कृतज्ञता झलकती है। सेना ने देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि इन पत्रों के शब्दों में गर्व, दृढ़ता और वीरता की वह अमर भावना प्रतिध्वनित होती है, जो हम सभी को निरंतर प्रेरणा देती है। भारतीय सेना सदैव राष्ट्र की सेवा में, सम्मान और समर्पण के साथ जुटी हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 21:04:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित निबंध प्रतियोगिता की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 जून (वेब वार्ता)। रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक निबंध प्रतियोगिता की रविवार को घोषणा की जो एक जून से 30 जून तक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ के जरिए बताया कि शीर्ष तीन विजेताओं को 10,000-10,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा और उन्हें दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का विशेष अवसर मिलेगा।</p>
<p>पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए थे जिसके बाद पाकिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141083/ministry-of-defense-announced-an-essay-competition-based-on-operation"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 01 जून (वेब वार्ता)। रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक निबंध प्रतियोगिता की रविवार को घोषणा की जो एक जून से 30 जून तक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ के जरिए बताया कि शीर्ष तीन विजेताओं को 10,000-10,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा और उन्हें दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का विशेष अवसर मिलेगा।</p>
<p>पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए थे जिसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।</p>
<p>भारतीय पक्ष ने हवाई अड्डों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों और रडार स्थलों सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाकर पाकिस्तानी हमलों का कड़ा जवाब दिया।</p>
<p>विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 10 मई को घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान के बीच भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने को लेकर सहमति बन गई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दावा है कि भारत ने इस ऑपरेशन के जरिए आतंकवाद के विरुद्ध एक ‘‘नई लाल रेखा’’ खींच दी है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘रक्षा मंत्रालय युवा प्रतिभाओं को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आमंत्रित करता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर – आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को पुनर्परिभाषित करना’ विषय पर रक्षा मंत्रालय की द्विभाषी निबंध प्रतियोगिता में भाग लें।’’</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘प्रतियोगिता की तिथियां: एक जून से 30 जून, 2025 तक। प्रति व्यक्ति एक प्रविष्टि। हिंदी या अंग्रेजी में।’’</p>
<p>मंत्रालय ने प्रतियोगिता और ऑपरेशन सिंदूर के ‘लोगो’ के बारे में विवरण देने वाला एक पोस्टर भी साझा किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 18:47:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्रोन, अंतरिक्ष, साइबरस्पेस सैन्य संघर्षों में नए प्रतिमान जोड़ते हैं: पूर्व डीजीएमओ अनिल भट्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) देश के एक पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आधुनिक युग के युद्ध में ड्रोन के महत्व को स्पष्ट रूप से सामने ला दिया है जो अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र के साथ मिलकर भविष्य के सैन्य संघर्षों में नए प्रतिमान जोड़ेगा।</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट (सेवानिवृत्त) ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ बृहस्पतिवार को साक्षात्कार में यह बात कही। पूर्व डीजीएमओ ने डोकलाम संघर्ष के वक्त अभियान का संचालन किया था।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर युद्ध के संबंध में की जा रही बातों के प्रति भी अप्रसन्नता व्यक्त की।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140797/drone-space-cyberspace-add-new-paradigms-to-military-conflicts-former"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k16052025-02.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) देश के एक पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आधुनिक युग के युद्ध में ड्रोन के महत्व को स्पष्ट रूप से सामने ला दिया है जो अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र के साथ मिलकर भविष्य के सैन्य संघर्षों में नए प्रतिमान जोड़ेगा।</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट (सेवानिवृत्त) ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ बृहस्पतिवार को साक्षात्कार में यह बात कही। पूर्व डीजीएमओ ने डोकलाम संघर्ष के वक्त अभियान का संचालन किया था।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर युद्ध के संबंध में की जा रही बातों के प्रति भी अप्रसन्नता व्यक्त की। बहुत से सोशल मीडिया उपयोगकर्ता सैन्य संघर्ष के चार दिन में समाप्त हो जाने से नाखुश दिखे और उनका मानना ​​था कि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को पुनः प्राप्त करने का एक अवसर था।</p>
<p>लेफ्टिनेंट जनरल भट्ट ने कहा कि युद्ध अंतिम विकल्प होना चाहिए और युद्ध नहीं छेड़ा जाना चाहिए क्योंकि भारत ने अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया है।</p>
<p>जून 2020 में सेवानिवृत्त हो जाने के बाद देश में निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास का मार्गदर्शन कर रहे भट्ट ने कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं कि युद्ध करना या पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस लेना ये सब निर्णय हमे अच्छी तरह सोच समझ कर लेने चाहिए। इस बार ऐसी कोई योजना नहीं थी। हां, अगर आगे चलकर आपको वहां तक ​​पहुंचना पड़ा तो भारतीय सेना इसके लिए तैयार थी।’’</p>
<p>डीजीएमओ के रूप में भट्ट सैन्य पदानुक्रम में सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में से एक थे, जिनका काम यह सुनिश्चित करना था कि सशस्त्र बल हर समय परिचालन के लिए तैयार रहें।</p>
<p>सेना प्रमुख को सीधे रिपोर्ट करते हुए, डीजीएमओ तत्काल और दीर्घकालिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति बनाने में प्रभावी रूप से शामिल होते हैं, साथ ही वह अन्य दोनों सेनाओं एवं नागरिक तथा अर्धसैनिक सुरक्षा बलों के साथ समन्वय भी करते हैं।</p>
<p>संकट और बढ़ते तनाव के समय में अपने समकक्ष से संवाद करने की जिम्मेदारी डीजीएमओ की होती है। वर्तमान में डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई हैं।</p>
<p>वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के सिक्किम सेक्टर के पास डोकलाम ट्राई-जंक्शन में 2017 में जब भारत की चीन के साथ 73 दिन तक सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी थी, उस दौरान भट्ट डीजीएमओ थे।</p>
<p>सेना में 38 साल बिताने वाले भट्ट ने कहा, ‘‘इसलिए मैं अपने सभी देशवासियों से यही कहूंगा कि युद्ध एक बहुत ही गंभीर मामला है और एक राष्ट्र तब युद्ध के लिए तैयार होता है जब सभी संभावित विकल्प खत्म हो जाते हैं। हमारे पास युद्ध के अतिरिक्त अन्य विकल्प थे (मौजूदा संकट के समय) और हमने उन्हें प्राथमिकता दी।’’</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि नवीनतम संघर्ष में ड्रोन कितने महत्वपूर्ण थे, उन्होंने कहा कि मानवरहित हवाई यानों ने युद्ध में पूरी तरह से एक नया प्रतिमान स्थापित किया है और दुनिया की सेनाओं ने इस पर तब ध्यान केंद्रित करना शुरू किया जब अजरबैजान को सशस्त्र आर्मेनिया के खिलाफ जीत हासिल करने में ड्रोन ने शानदार सफलता दिलाई।</p>
<p>ये ड्रोन तुर्किए निर्मित थे। तुर्किए ने पाकिस्तान को भी ड्रोन मुहैया कराए थे जिसने कुछ को निगरानी के लिए भारतीय वायु क्षेत्र में भेजा था।</p>
<p>भट्ट इस बात से सहमत थे कि दो लाख रुपये तक की लागत वाले अपेक्षाकृत सस्ते ड्रोन 2017 और 2020 में अजरबैजान-आर्मेनिया के युद्धों में 20-30 करोड़ रुपये के बख्तरबंद टैंकों को तबाह करने में सक्षम थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दो और नए तत्व इसमें शामिल हुए हैं, जो हैं-अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र।</p>
<p>भट्ट ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र भविष्य के युद्ध के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मिसाइलों और विमानों को उनके लक्षित लक्ष्यों तक पहुंचाने के अलावा उपग्रह खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत के पास निगरानी उद्देश्यों के लिए नौ या 10 सैन्य उपग्रह हैं और अंतरिक्ष आधारित निगरानी के लिए 52 उपग्रहों का एक समूह स्थापित करने की योजना है।</p>
<p>भट्ट ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को भारतीय धरती पर होने वाले हर आतंकवादी कृत्य का कड़ा जवाब देने की चेतावनी देकर उसके साथ निपटने के लिए एक नयी सीमा रेखा खींच दी है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 12:32:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्णम की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र का आभार: बीएसएफ जवान का परिवार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<div class="content-profession">
<p>रिसड़ा (पश्चिम बंगाल), 14 मई (भाषा) पाकिस्तान की हिरासत से बुधवार को रिहा किए गए सीमा सुरक्षा बल के कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ के परिवार के सदस्यों ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और बीएसएफ के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।</p>
<p>शॉ के परिवार के एक सदस्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज हम बेहद खुश हैं। हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने के केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। पिछले दो सप्ताह हमारे लिए अनिश्चितता से भरे रहे और हम सो नहीं सके। हम उनकी कुशलक्षेम को</p></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140751/bsf-jawans-family-for-ensuring-purnams-safe-return"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k14052025-134245.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<div class="content-profession">
<p>रिसड़ा (पश्चिम बंगाल), 14 मई (भाषा) पाकिस्तान की हिरासत से बुधवार को रिहा किए गए सीमा सुरक्षा बल के कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ के परिवार के सदस्यों ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और बीएसएफ के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।</p>
<p>शॉ के परिवार के एक सदस्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज हम बेहद खुश हैं। हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने के केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। पिछले दो सप्ताह हमारे लिए अनिश्चितता से भरे रहे और हम सो नहीं सके। हम उनकी कुशलक्षेम को लेकर चिंतित थे।’’</p>
<p>शॉ के परिजन ने कहा, ‘‘अब हम उनसे बात करने और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हमारी प्रार्थना आखिरकार कुबूल हो गई।’’</p>
<p>बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्थापित प्रोटोकॉल के तहत शांतिपूर्ण तरीके से यह प्रक्रिया हुई।</p>
<p>शॉ को पाकिस्तान रेंजर्स ने पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से पकड़ा था।</p>
<p>बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स ने शॉ को बुधवार सुबह 10.30 बजे पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर भारत के सुपुर्द कर दिया।</p>
<p>अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जवान की मेडिकल जांच की जाएगी उसके बाद ‘काउंसलिंग’ और ‘डिब्रीफिंग’ सत्र होगा जहां बीएसएफ के अधिकारी उनसे 21 दिनों की हिरासत से जुड़े प्रश्न पूछेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि 24वीं बीएसएफ बटालियन के इस जवान को सक्रिय ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा और वह बीएसएफ की पंजाब फ्रंटियर द्वारा गठित आधिकारिक जांच में शामिल होंगे, ताकि रेंजर्स द्वारा उन्हें पकड़े जाने के क्रम की जांच की जा सके और यदि कोई चूक हुई हो तो उसका पता लगाया जा सके।</p>
<p>इस बीच भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने बीएसएफ के जवान को वापस लाने के प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>मजूमदार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर यह साबित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद कि आपके मजबूत और निर्णायक नेतृत्व में कोई भी भारतीय कभी पीछे नहीं छूटता। तेइस अप्रैल से पाकिस्तान की हिरासत में रहे बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार शॉ की आज सुरक्षित वापसी सिर्फ़ राहत का क्षण नहीं है यह भारत के संकल्प, कूटनीति और राष्ट्रीय गौरव की जीत है।’’</p>
<p>मजूमदार ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के प्रति आपकी निरंतर प्रतिबद्धता ने हमारे बहादुर सैनिकों के लिए न्याय और सम्मान सुनिश्चित किया है। भारत माता की जय! जय हिंद! मोदी है तो मुमकिन है!’’</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस ने भी बीएसएफ के जवान की वापसी का स्वागत किया और कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार व्यक्तिगत रूप से शॉ की पत्नी से संपर्क किया था।</p>
<p>पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आखिरकार घर आ गए। कई दिनों की चिंता और अनिश्चितता के बाद बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ घर आ रहे हैं। ममता बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से कई बार उनकी पत्नी से संपर्क किया, इस कठिन समय में उन्हें आश्वासन और समर्थन दिया। हम पूर्णम के उस आघात से पूरी तरह उबरने की कामना करते हैं जो उन्होंने झेला है और उम्मीद करते हैं कि उन्हें अपने प्रियजनों के बीच सुकून मिलेगा।’’</p>
<p>कांस्टेबल की पत्नी रजनी पिछले महीने बीएसएफ अधिकारियों से मिलने और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए पठानकोट और फिरोजपुर गई थीं।</p>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 13:43:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने सेना के पराक्रम की सराहना की, पाकिस्तान को ‘लक्ष्मण रेखा’ बतायी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस से पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पड़ोसी देश भारत के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाने में विफल रहा और अगर उसकी धरती से आतंकवाद जारी रहा तो पड़ोसी देश को नष्ट कर दिया जाएगा।</p>
<p>‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सशस्त्र बलों को दिये अपने पहले संबोधन में, मोदी ने चार दिनों तक चले अभियान में पाकिस्तान को धूल चटा देने के लिए सेना की सराहना की। इस अभियान के परिणामस्वरूप नौ आतंकी स्थल नष्ट हो गए और आठ (पाकिस्तानी) सैन्य</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140746/prime-minister-modi-appreciated-the-might-of-the-army-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k13052025-06.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस से पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पड़ोसी देश भारत के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाने में विफल रहा और अगर उसकी धरती से आतंकवाद जारी रहा तो पड़ोसी देश को नष्ट कर दिया जाएगा।</p>
<p>‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सशस्त्र बलों को दिये अपने पहले संबोधन में, मोदी ने चार दिनों तक चले अभियान में पाकिस्तान को धूल चटा देने के लिए सेना की सराहना की। इस अभियान के परिणामस्वरूप नौ आतंकी स्थल नष्ट हो गए और आठ (पाकिस्तानी) सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>उन्होंने 27 मिनट से अधिक के अपने संबोधन में कहा, ‘‘आपने जो किया वो अभूतपूर्व, अकल्पनीय और अद्भुत है।’’ सोमवार रात राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भी प्रधानमंत्री ने ऐसी ही बात कही थी।</p>
<p>लेकिन आज के इस संबोधन का महत्व बहुत ज्यादा है। यह आदमपुर एयरबेस से दिया गया जो पाकिस्तान से लगती सीमा से केवल 100 किलोमीटर की दूरी पर है।</p>
<p>पाकिस्तान ने एस-400 मिसाइल लॉन्चर के साथ-साथ इस वायुसेना अड्डे को भी नष्ट करने का दावा किया था। वहीं, भारत ने इन दावों को झूठा करार दिया, जिसकी पुष्टि टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी के ठीक पीछे मौजूद दिख रही एस-400 मिसाइल प्रणाली करती है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने अब पाकिस्तान के लिए एक साफ 'लक्ष्मण रेखा' खींच दी है।’’</p>
<p>उन्होंने एयरबेस का दौरा किया और वायुसेना कर्मियों का अभिवादन किया जिन्होंने मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री के वहां पहुंचने पर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।</p>
<p>सैनिकों के साथ बातचीत के बाद, मोदी ने एस-400 मिसाइल प्रणाली के आगे खड़े होकर वायुसेना कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने पश्चिमी वायुसेना कमान की टोपी पहन रखी थी, जिस पर त्रिशूल चिह्न बना हुआ था।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘जब हमारी फौजें ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ की धमकी की हवा निकाल देती हैं तो आकाश से पाताल तक, एक ही बात गूंजती है ‘भारत माता की जय’।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि जयघोष की ताकत अभी-अभी दुनिया ने देखी, ‘‘भारत माता की जय सिर्फ उद्घोष नहीं है। यह देश के हर उस सैनिक की शपथ है जो मां भारती की मान-मर्यादा के लिए जान की बाजी लगा देता है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे ड्रोन दुश्मन के किले की दीवारों को ढहा देते हैं... जब हमारी मिसाइलें निशाने पर पहुंचती हैं तो दुश्मन को सुनाई देता है - ‘भारत माता की जय’।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आपके पराक्रम की गाथाएं इतिहास में सदा के लिए दर्ज हो जाएंगी। मैं थलसेना, वायुसेना और नौसेना कर्मियों को सलाम करता हूं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वालों को यह एहसास हो गया है कि भारत पर बुरी नजर डालने का मतलब सिर्फ उनका विनाश होगा।</p>
<p>आदमपुर, देश का दूसरा सबसे बड़ा एयरबेस है और यहां राफेल और मिग-29 स्क्वाड्रन हैं। इस वायुसेना अड्डे ने पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 20:16:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत किसी ‘परमाणु ब्लैकमेल’ को बर्दाश्त नहीं करेगा : प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूरी दृढ़ता के साथ दो टूक शब्दों में कहा कि भारत किसी ‘परमाणु ब्लैकमेल’ को सहन नहीं करेगा तथा पाकिस्तान के खिलाफ अभियान को केवल स्थगित किया गया है और भविष्य पड़ोसी देश के व्यवहार पर निर्भर करेगा।</p>
<p>पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों और उनके ठिकानों के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के बहादुर सशस्त्र बलों, सैनिकों, वैज्ञानिकों और खुफिया एजेंसी को ‘सेल्यूट’ किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत</p></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140717/india-will-not-tolerate-any-nuclear-blackmail-prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूरी दृढ़ता के साथ दो टूक शब्दों में कहा कि भारत किसी ‘परमाणु ब्लैकमेल’ को सहन नहीं करेगा तथा पाकिस्तान के खिलाफ अभियान को केवल स्थगित किया गया है और भविष्य पड़ोसी देश के व्यवहार पर निर्भर करेगा।</p>
<p>पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों और उनके ठिकानों के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के बहादुर सशस्त्र बलों, सैनिकों, वैज्ञानिकों और खुफिया एजेंसी को ‘सेल्यूट’ किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत से सैन्य आक्रमण रोकने के लिए विनती की तथा भारत ने इस पर तभी विचार किया जब उन्होंने अपने दुस्साहस को रोकने का वादा किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को जो कुछ हुआ, उसने देश और पूरी दुनिया को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के मासूम नागरिकों को उनका धर्म पूछकर, उनके परिवार के सामने क्रूरता से मार दिया गया।</p>
<p>मोदी ने कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से यह पीड़ा बहुत बड़ी थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो गया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं सशस्त्र बलों की इस बहादुरी को, इस देश की माताओं, बहनों और बेटियों को समर्पित करता हूं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम की घटना में आतंकवाद का ‘वीभत्स चेहरा’ सामने आया।</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए हमारे सशस्त्र बलों को खुली छूट दे दी थी।’’ उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में 100 से अधिक दुर्दांत आतंकवादी मारे गये।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘भारत किसी ‘परमाणु ब्लैकमेल’ को सहन नहीं करेगा। हमने पाकिस्तान के खिलाफ अभियान को केवल स्थगित किया है तथा भविष्य उनके व्यवहार पर निर्भर करेगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ भारत की नयी नीति है तथा अब एक नयी रेखा खींच दी गयी है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर आतंकवादी और आतंकवादी संगठन यह बात अच्छी तरह जान गया है कि ‘‘हमारी मां-बेटियों के माथे से सिंदूर मिटाने का क्या अंजाम होता है?’’</p>
<p>राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक नाम नहीं है बल्कि यह ‘न्याय के प्रति एक अखंड प्रतीज्ञा’ है और इसके माध्यम से पूरे विश्व ने इस अखंड प्रतिज्ञा को कार्रवाई में बदलते देखा है।</p>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 20:40:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकियों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा देने के वादे को पूरा किया: भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल रहे आतंकवादियों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा देने और उनके सुरक्षित ठिकानों को तबाह करने का अपना वादा पूरा किया है।</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवादददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया था कि भारत आतंकवादियों को उनके घरों में घुसकर मारेगा और आतंकी ठिकानों को नष्ट कर देगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के फैसले और हमारे सशस्त्र बलों के अदम्य साहस ने आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया है।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140706/prime-minister-modi-fulfills-the-promise-of-giving-terrorists-a"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k12052025-144445.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल रहे आतंकवादियों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा देने और उनके सुरक्षित ठिकानों को तबाह करने का अपना वादा पूरा किया है।</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवादददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया था कि भारत आतंकवादियों को उनके घरों में घुसकर मारेगा और आतंकी ठिकानों को नष्ट कर देगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के फैसले और हमारे सशस्त्र बलों के अदम्य साहस ने आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया है। यह मोदी का वादा था।’’</p>
<p>पात्रा ने कहा कि छह-सात मई की रात शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने अपने शत प्रतिशत लक्ष्यों को पूरा किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भारत ने जिस तरह की सैन्य और गैर-सैन्य कार्रवाई की है, वह अभूतपूर्व है और इसने आतंकवाद के खिलाफ उसके युद्ध में एक निर्णायक संदेश दिया है।</p>
<p>पात्रा ने दावा किया कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे इस्लामिक देशों ने भी इसका समर्थन किया है और पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने दिखा दिया है कि पड़ोसी देश का कोई भी हिस्सा उसकी पहुंच से परे नहीं है।</p>
<p>भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के बाद दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग द्वारा विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर बुरी तरह ‘ट्रोल’ किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी इस अभियान से जुड़े सभी लोगों का सम्मान करती है, चाहे वे सशस्त्र बल हों या नौकरशाह। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक साधन है, लेकिन यह देश के लिए अपनी कार्रवाई तय करने का आधार नहीं हो सकता।</p>
<p>मिसरी को और उनके परिवार के सदस्यों को ट्रोल द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद उन्हें ‘एक्स’ पर अपना अकाउंट निजी बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>पात्रा ने कहा कि भारत गर्व के साथ कह सकता है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने अपने लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा किया। उन्होंने सशस्त्र बलों की कार्रवाई के पीछे रही राष्ट्रीय एकता की सराहना की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि पाकिस्तानी प्रतिक्रिया के जवाब में की गई उसकी कार्रवाई में पड़ोसी देश के 11 एयरबेस नष्ट किए गए।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि इनमें से एक हवाई अड्डे पर हुए हमले में 50 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी देश ने परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के एयर बेस को नष्ट किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान ने नौ आतंकी ठिकानों, 11 हवाई अड्डों, 100 से अधिक आतंकवादियों, 50 सैनिकों और अपने सम्मान को खो दिया है।</p>
<p>भाजपा नेता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए एक समझौते पर पहुंचे हैं, लेकिन भविष्य में आतंकी हमलों की स्थिति में भारत इस समझौते को तोड़ देगा।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 14:45:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी का निर्देश-वहां से गोली चलेगी, तो यहां से गोला चलेगा : सरकारी सूत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारत और पाकिस्तान में सैन्य टकराव रोकने के लिए बनी सहमति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि पाकिस्तान की हर कार्रवाई का अधिक सख्ती से जवाब दिया जाना चाहिए और अगर वहां (पाकिस्तान) से गोली चलेगी, तो यहां (भारत) से गोला चलेगा। सरकारी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ भारत का अब ऐसा ही कठोर रुख रहेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद की अब और भी</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140699/prime-minister-modis-directive-if-the-bullet-will-be-shot-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k11052025-192545.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारत और पाकिस्तान में सैन्य टकराव रोकने के लिए बनी सहमति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि पाकिस्तान की हर कार्रवाई का अधिक सख्ती से जवाब दिया जाना चाहिए और अगर वहां (पाकिस्तान) से गोली चलेगी, तो यहां (भारत) से गोला चलेगा। सरकारी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ भारत का अब ऐसा ही कठोर रुख रहेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद की अब और भी अधिक भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और इस्लामाबाद आतंकवाद को समर्थन जारी रखते हुए अपने पसंद के क्षेत्रों में सहयोग की उम्मीद नहीं कर सकता।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि भारत कश्मीर मुद्दे पर कभी भी मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा और चर्चा का एकमात्र मुद्दा यह है कि पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को वापस करे।</p>
<p>सीमा पर चार दिन तक भीषण सैन्य संघर्ष के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शनिवार शाम घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान में जमीन, हवा और समुद्र पर सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए सहमति बन गई है।</p>
<p>इस घटनाक्रम का ऐलान सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि अमेरिकी मध्यस्थता के बाद दोनों देश “पूर्ण और तत्काल संघर्ष-विराम” पर सहमत हो गए हैं।</p>
<p>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बयान में कहा था कि उन्हें “यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल संघर्ष-विराम तथा एक तटस्थ स्थल पर व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं।”</p>
<p>सरकारी सूत्रों ने रविवार को स्पष्ट किया कि कश्मीर के सिलसिले में चर्चा का एकमात्र मुद्दा यह है कि पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को वापस करे।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ केवल सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) स्तर पर बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं की जाएगी।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, सात मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर हमले के बाद भारत का रुख यही था कि अगर पाकिस्तान गोलीबारी करता है, तो भारत अधिक मजबूती से जवाब देगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव में कमी लाने के लिए 10 मई को पाकिस्तानी सैन्य अभियान महानिदेशक ने ही भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया था।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद भारत ने उससे संपर्क करने वाले देशों से कहा कि वह पाकिस्तानी सीमा में आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सात मई के हमलों के बाद पाकिस्तान की हर कार्रवाई का करारा जवाब दिया गया।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 19:26:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय सशस्त्र बलों और भारत की कूटनीति की जीत हुई: विशेषज्ञ</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि यह “भारतीय शस्त्र बलों की जीत” है और उम्मीद है कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान कोई और मुद्दा नहीं खड़ा करेगा।</p>
<p>चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी व सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बनी थी। इन हमलों के बाद दोनों देश पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे।</p>
<p>विदेश</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140698/indian-armed-forces-and-indias-diplomacy-won-experts"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/operation-sindoor.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि यह “भारतीय शस्त्र बलों की जीत” है और उम्मीद है कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान कोई और मुद्दा नहीं खड़ा करेगा।</p>
<p>चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी व सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बनी थी। इन हमलों के बाद दोनों देश पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे।</p>
<p>विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों ने शनिवार दोपहर को बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की तथा अगली वार्ता 12 मई को दोपहर 12 बजे निर्धारित की गई है।</p>
<p>यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावे के तुरंत बाद की गई। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया गया।</p>
<p>सामरिक मामलों के विशेषज्ञ मेजर जनरल पी. के. सहगल (सेवानिवृत्त) ने सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की सहमति को दोनों देशों के लिए "बहुत अच्छी शुरुआत" बताया, क्योंकि बढ़ते तनाव के परिणामस्वरूप दोनों देशों को नुकसान उठाना पड़ा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक ​​पाकिस्तान का सवाल है, हमने आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। भारत ने दिखा दिया है कि हमारे पास बहुत मजबूत और निर्णायक नेतृत्व मौजूद है।’’</p>
<p>उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, "पिछले 11 वर्ष में भारत ने वायु रक्षा को मजबूत बनाने तथा सेना की क्षमताओं, योग्यता और पेशवेर तैयारियों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए काफी धन खर्च किया है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें सभी "साधन व ताकत प्रदान की है, जो आधुनिक युद्ध जीतने के लिए आवश्यक हैं।"</p>
<p>सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ने कहा कि इसके अलावा, तीनों सेवाओं की एकजुटता व समन्वय "बिल्कुल स्पष्ट" था। उन्होंने रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालयों के सामंजस्य को "शानदार" बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आप सभी ताकतों के तालमेल के बिना आधुनिक युद्ध नहीं जीत सकते।"</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर से पहले की कार्रवाइयों ने "पाकिस्तान को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया था और जब पूरी दुनिया भारत के पीछे खड़ी थी, तो देश सशस्त्र बलों के पीछे खड़ा था।"</p>
<p>मेजर जनरल सहगल (सेवानिवृत्त) ने कहा, "भारतीय सशस्त्र बल भारत की संप्रभुता व अखंडता के संरक्षक देवदूत के रूप में उभरे हैं।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि पाकिस्तान फिर से लड़ने की हिम्मत नहीं करेगा। यह पाकिस्तान के हित में नहीं है। उसका सैन्य बुनियादी ढांचा खत्म हो चुका है।"</p>
<p>मुंबई से पीटीआई वीडियो से बात करते हुए कर्नल अनिल भट (सेवानिवृत्त) ने कहा कि हो सकता है कि दोनों पक्षों के बीच इस विषय पर बात हुई हो कि "पाकिस्तान आतंकवादी समूहों का समर्थन नहीं करेगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें फिर से भारत में न भेजा जाए।”</p>
<p>उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए यह देखना बाकी है कि क्या इसका (समझौते का) पालन करेगा और यदि करेगा तो कितनी अच्छी तरह से करेगा।”</p>
<p>भट ने कहा, "हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान ने कुछ सबक सीखे होंगे और वह कोई नया अध्याय नहीं खोलेगा।"</p>
<p>ब्रिगेडियर विजय सागर धेमन (सेवानिवृत्त) ने जम्मू में कहा कि हो सकता है कि अमेरिका ने भारत के साथ समझौते को लेकर पाकिस्तान पर दबाव डाला हो।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि अमेरिका नहीं चाहता कि भारत और पाकिस्तान के बीच पूरी तरह युद्ध छिड़े, क्योंकि उसकी नजर ‘क्वाड’ के जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह सहमति केवल सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए है, क्योंकि आर्थिक, जल और साइबर क्षेत्रों में प्रतिबंध बरकरार हैं।</p>
<p>वर्ष 1999 के करगिल संघर्ष में अहम भूमिका निभाने वाले ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह "बहुत खुशी" की बात है कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमति बन गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, हमारे सशस्त्र बलों, हमारी कूटनीति के साथ-साथ आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के हमारे रुख की जीत है।"</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 19:23:51 +0530</pubDate>
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