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                <title>Election Commission Of India (ECI) - Loktej</title>
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                <description>Election Commission Of India (ECI) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असम , केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल तो तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान, 4 मई को मतगणना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 मार्च (वेब वार्ता)। भारत निर्वाचन आयोग ने असम , केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की है। इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में वोटिंग होगी। केरल और पुडुचेरी में एक ही दिन, 9 अप्रैल, को वोट डाले जाएंगे, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। तीनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। साथ ही चुनाव आयोग सभी मतदान केंद्रों के लिए 100</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146042/voting-in-assam-kerala-and-puducherry-on-9-april-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-02/gyanesh-kumar-chief-election-commissioner1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 मार्च (वेब वार्ता)। भारत निर्वाचन आयोग ने असम , केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की है। इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में वोटिंग होगी। केरल और पुडुचेरी में एक ही दिन, 9 अप्रैल, को वोट डाले जाएंगे, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। तीनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। साथ ही चुनाव आयोग सभी मतदान केंद्रों के लिए 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>अगर तीनों राज्यों की विधानसभा सीटों की बात करें तो केरल में 140, तमिलनाडु में 234 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटें हैं, जहां अगले महीने चुनाव हैं। तीनों राज्यों में मतदान के लिए चुनाव आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है।</p>
<p>केरल में कुल मतदाता 2.70 करोड़ हैं, जिनमें पुरुष 1.31 करोड़, महिला 1.38 करोड़ और थर्ड जेंडर 277 मतदाता हैं। 20 से 29 साल की आयु वाले मतदाता 45 लाख हैं, जबकि 18 से 19 की आयु वाले मतदाता 4.24 लाख हैं। पुडुचेरी में कुल मतदाता 9.44 लाख हैं, जिनमें 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिला और 139 थर्ड जेंडर वोटर हैं।</p>
<p>अगर तमिलनाडु के मतदाताओं की बात करें तो कुल संख्या 5.67 करोड़ है। पुरुष मतदाता 2.77 करोड़, महिला मतदाता 2.89 और थर्ड जेंडर मतदाता 7617 हैं।</p>
<p>वहीं, चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 3.28 करोड़, महिला मतदाता 3.16 करोड़ और थर्ड जेंडर 1152 मतदाता हैं।</p>
<p>अगर फर्स्ट-टाइम वोटर (18-19 साल) की बात करें तो उनकी संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के वोटरों की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 साल से अधिक उम्र वाले मतदाता 3.79 लाख हैं। दिव्यांग वोटरों की संख्या 4.16 लाख है।</p>
<p>ईवीएम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।</p>
<p>असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अपैल को मतगणना होगी, जबकि नतीजे सभी राज्यों के एक साथ 4 मई को सामने आएंगे।</p>
<p>सीईसी ज्ञानेश कुमार ने असम चुनाव के लिए प्रमुख तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि गजट अधिसूचना जारी करने की तारीख 16 मार्च 2026 (सोमवार) को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 (सोमवार) है। नामांकनों की जांच 24 मार्च 2026 को की जाएगी।</p>
<p>उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2026 (गुरुवार) होगी। मतदान 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को होगा। मतगणना 4 मई 2026 (सोमवार) को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 21:15:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआईआर के बाद उप्र में चार करोड़ मतदाता घटे, कार्यकर्ता पात्र लोगों को वोटर बनवाएं: योगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ, 14 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में राज्य में मतदाताओं की संख्या में करीब चार करोड़ की कमी होने का दावा करते हुए रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे हर बूथ पर पूरी जिम्मेदारी से पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वाने के लिये जुट जाएं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यहां एक समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष निर्वाचित किये जाने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि 18 वर्ष से ज्यादा उम्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>लखनऊ, 14 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में राज्य में मतदाताओं की संख्या में करीब चार करोड़ की कमी होने का दावा करते हुए रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे हर बूथ पर पूरी जिम्मेदारी से पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वाने के लिये जुट जाएं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यहां एक समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष निर्वाचित किये जाने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के हर शख्स का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और इस तरह उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ होनी चाहिए।</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि मगर एसआईआर के बाद मतदाता सूची में जो नाम आए हैं, वे 12 करोड़ हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''यह चार करोड़ का अंतर है। जनवरी 2025 की मतदाता सूची में कुल 15 करोड़ 44 लाख नाम थे। एक जनवरी 2026 को जो भी युवा 18 वर्ष का होगा वह मतदाता बनने का हकदार होगा तो यह संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन यह संख्या बढ़ी नहीं, बल्कि घटी है। अब यह 12 करोड़ रह गई है।''</p>
<p>आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से कहा, ''यह जो चार करोड़ का अंतर है...। वह आपका विरोधी नहीं है इसमें से 85 से 90 प्रतिशत आपका मतदाता है। संयोग से भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर फार्म जमा करने के लिये 14 दिन का समय बढ़ाया है। इस समय का बेहतर उपयोग हो। कार्यकर्ता हर बूथ में घर-घर जाकर पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाएं।''</p>
<p>उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों से कहा कि वे अगले महीने प्रकाशित होने वाली मसविदा सूची का अवलोकन जरूर करें।</p>
<p>आदित्यनाथ ने इसे 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की लड़ाई बताते हुए कहा, “आपके सामने विरोधी के पास इतनी ताकत नहीं है लेकिन याद रखना विरोधी चाहे कैसे भी हों, उसके छल और छद्म का जवाब देने के लिए आपके पास उतना ही सामर्थ्य होना चाहिए। उतना ही शौर्य और तेज भी होना चाहिए।”</p>
<p>आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से कहा, ''आपकी मेहनत, आपके पुरुषार्थ और परिश्रम पर किसी को कोई संदेह नहीं है लेकिन हमारी अति उदारता, सहिष्णुता और दूसरों पर विश्वास करने की प्रवृत्ति कभी-कभी हमें धोखा दे देती है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही हो रही है, और जब मैं आपसे पूछूंगा कि आपके यहां इस अभियान की क्या प्रगति चल रही है तो कोई बोलेगा कि 98 प्रतिशत हो गया है कोई कहेगा कि 99 प्रतिशत हो गया तो कोई कहेगा कि हमने 100 फीसद कर लिया.... लेकिन यह सच्चाई नहीं है।''</p>
<p>आदित्यनाथ ने दावा किया कि हाल में जब वह एक जनपद के दौरे पर गए थे जहां मतदाता सूची में विरोधियों द्वारा भरे गए एसआईआर फॉर्मों में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के नाम भी पाए गए।</p>
<p>उन्होंने दावा किया, “एक जगह तो यह भी मैंने देखा एक सज्जन का नाम था, उसकी उम्र 20 साल है, उसके पिता की उम्र 30 साल और उसके दादा की उम्र 40 साल थी। तो मैंने कहा कि यह कौन नए नमूने आ गए हैं।''</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि मतदाता सूची में असम के नौगांव का एक व्यक्ति संभल में मतदाता बना है और इसका क्या मतलब है?</p>
<p>उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ''नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष हर जिले में जाएंगे वहां आप उनका स्वागत करेंगे। आपको दिल्ली, गोरखपुर या महराजगंज जाने की आवश्यकता नहीं है। आपको अपने बूथ को अगले एक महीने के लिए संभालने की जरूरत है।''</p>
<p>आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे हर बूथ पर पात्र लोगों से फार्म संख्या-6 भरवा लें और जो छूट गए हैं, जो एसआईआर के प्रपत्र अभी जमा नहीं हो पाए हैं उनके लिये 12 दिन का समय है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी का कार्यक्रम है और यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ-साथ हर एक बूथ पर भी पार्टी द्वारा आयोजित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144584/after-sir-four-crore-voters-decreased-in-uttar-pradesh-yogi</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 18:17:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्वाचन आयोग ने एसआईआर का समय एक सप्ताह के लिए बढ़ाया, अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के पूरे कार्यक्रम को रविवार को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया।</p>
<p>आयोग ने यह कदम विपक्षी दलों के इन आरोपों के बीच उठाया कि ‘‘कम समय-सीमा’’ लोगों और जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों के लिए समस्याएं पैदा कर रही है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि गणना प्रपत्र वितरण अब चार दिसंबर के बजाय 11 दिसंबर तक जारी रहेगा। मसौदा मतदाता सूची अब नौ दिसंबर की जगह 16 दिसंबर को प्रकाशित की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144326/election-commission-extended-the-time-of-sir-by-one-week"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के पूरे कार्यक्रम को रविवार को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया।</p>
<p>आयोग ने यह कदम विपक्षी दलों के इन आरोपों के बीच उठाया कि ‘‘कम समय-सीमा’’ लोगों और जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों के लिए समस्याएं पैदा कर रही है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि गणना प्रपत्र वितरण अब चार दिसंबर के बजाय 11 दिसंबर तक जारी रहेगा। मसौदा मतदाता सूची अब नौ दिसंबर की जगह 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची सात फरवरी के स्थान पर 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ आंतरिक चर्चा के आधार पर एसआईआर के सभी चरणों की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है जहां यह प्रक्रिया जारी है।</p>
<p>विपक्षी दलों ने एसआईआर के दौरान कम से कम 40 बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की मौत होने का दावा करते हुए, मतदाता सूची में संशोधन किये जाने के समय पर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया किया इनमें से ज्यादातार ने ‘‘कम समय सीमा’’ होने के कारण तनाव में आकर आत्महत्या की।</p>
<p>हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।</p>
<p>एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन के निर्वाचन आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि निर्वाचन आयोग को पता था कि समय-सीमा ‘‘व्यावहारिक’’ नहीं थी।</p>
<p>एसआईआर कार्यक्रम में बदलाव का फैसला सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर लिया गया है।</p>
<p>पिछले सत्र में विपक्ष द्वारा एसआईआर पर चर्चा की मांग के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी। उस समय बिहार में एसआईआर की कवायद की जा रही थी।</p>
<p>सर्वदलीय बैठक से बाहर आते हुए, विपक्षी नेताओं ने सत्र के सुचारू संचालन पर कहा कि वे एसआईआर पर चर्चा के लिए दबाव डालेंगे।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने 27 अक्टूबर को इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा की थी। लगभग 51 करोड़ मतदाता इस कवायद के दायरे में आएंगे।</p>
<p>ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं -- अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।</p>
<p>इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। असम में, जहां 2026 में चुनाव होने हैं, मतदाता सूची के संशोधन की घोषणा अलग से की गई है। इसे 'विशेष संशोधन' कहा जा रहा है।</p>
<p>अधिकांश राज्यों ने मतदाता सूची का पिछला एसआईआर 2002 और 2004 के बीच किया था, और उन्होंने अपने-अपने राज्यों में हुए पिछले एसआईआर के अनुसार वर्तमान मतदाताओं की ‘मैपिंग’ लगभग पूरी कर ली है।</p>
<p>मतदाताओं की ‘मैपिंग’ से तात्पर्य वर्तमान मतदाताओं को मतदाता सूची में उनकी पिछली प्रविष्टियों से जोड़ने, पते का सत्यापन करने तथा बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन के माध्यम से विसंगतियों को ठीक करने की प्रक्रिया से है।</p>
<p>एसआईआर का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्मस्थान की जांच करके उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना है। यह कदम विभिन्न राज्यों में रह रहे बांग्लादेश और म्यांमा के अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144326/election-commission-extended-the-time-of-sir-by-one-week</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 18:37:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार चुनाव में भ्रामक प्रचार के लिए एआई आधारित टूल का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए: निर्वाचन आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली/पटना, नौ अक्टूबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को हिदायत दी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में ‘डीपफेक’ बनाने या सूचना को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सामग्री का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>आयोग ने यह हिदायत उस वक्त दी है जब बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू है और शुक्रवार को पहले चरण के चुनाव की अधिसूचना जारी होने वाली है। बिहार में छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि आदर्श आचार संहिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143517/ai-based-tools-should-not-be-misused-for-misleading-campaign"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली/पटना, नौ अक्टूबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को हिदायत दी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में ‘डीपफेक’ बनाने या सूचना को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सामग्री का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>आयोग ने यह हिदायत उस वक्त दी है जब बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू है और शुक्रवार को पहले चरण के चुनाव की अधिसूचना जारी होने वाली है। बिहार में छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले सभी प्रचार-सामग्री पर भी लागू होते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि अन्य दलों या उम्मीदवारों की आलोचना उनके नीतिगत रुख, कार्यक्रमों, कार्यों और पिछले रिकॉर्ड तक ही सीमित रहनी चाहिए।</p>
<p>उसका कहना है कि अगर कोई दल या उम्मीदवार अपने प्रचार में एआई-जनित, डिजिटल रूप से परिवर्तित या कृत्रिम सामग्री का उपयोग करता है, तो उसे स्पष्ट करना होगा कि उसकी सामग्री ‘‘एआई जेनरेटेड’’, ‘‘डिजिटली एन्हैंस्ड’’ या ‘‘सिंथेटिक कंटेंट’’ से संबंधित है।</p>
<p>आयोग ने कहा, ‘‘दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना अपुष्ट आरोपों के आधार पर नहीं की जानी चाहिए या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।’’</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने सभी दलों को आगाह किया कि “एआई” तकनीक का उपयोग कर “डीपफेक” या भ्रामक वीडियो तैयार करना और उन्हें सोशल मीडिया के जरिये प्रसारित करना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। आयोग ने कहा कि चुनावी अखंडता की रक्षा के लिए ऐसे प्रयासों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।</p>
<p>आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि चुनावी माहौल को दूषित होने से रोका जा सके। आयोग के अनुसार, किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित दल या उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने गलत सूचना का प्रसार रोकने के लिए एआई के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टियों के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे।</p>
<p>चुनाव प्रचार में एआई के बढ़ते उपयोग और मतदाताओं की राय को प्रभावित करने की इसकी क्षमता के मद्देनजर आयोग ने इस साल जनवरी में राजनीतिक दलों को एक परामर्श जारी किया था, जिसमें उनसे एआई-जनित सामग्री के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए कहा गया था।</p>
<p>परामर्श के कारण पार्टियों को एआई प्रौद्योगिकियों द्वारा तैयार या व्यापक रूप से परिवर्तित किसी भी छवि, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री को "एआई-जेनरेटेड" / "डिजिटली एन्हांस्ड" / "सिंथेटिक सामग्री" के लेबल के साथ स्पष्ट जानकारी देने की आवश्यकता होती है।</p>
<p>राजनीतिक दलों को उन प्रचार विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के प्रसार के दौरान स्पष्ट करने की भी आवश्यकता होती है, जहां भी ‘सिंथेटिक’ सामग्री का उपयोग किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143517/ai-based-tools-should-not-be-misused-for-misleading-campaign</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 15:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, 14 नवंबर को होगी मतगणना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (वेब वार्ता)। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ अन्य 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनावों की घोषणा की है। इन राज्यों में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही मतगणना होगी।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की नगरोटा (77) और बडगाम (27) विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होगा। इसके अलावा, राजस्थान की अंटा, पंजाब की तरनतारन, झारखंड की घाटशिला, तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डांपा और ओडिशा की नुआपाड़ा सीटों पर वोटिंग होगी।</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि उपचुनाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143469/by-elections-in-8-assembly-seats-in-7-states-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (वेब वार्ता)। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ अन्य 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनावों की घोषणा की है। इन राज्यों में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही मतगणना होगी।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की नगरोटा (77) और बडगाम (27) विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होगा। इसके अलावा, राजस्थान की अंटा, पंजाब की तरनतारन, झारखंड की घाटशिला, तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डांपा और ओडिशा की नुआपाड़ा सीटों पर वोटिंग होगी।</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि उपचुनाव के लिए 13 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओडिशा की नुआपाड़ा और जम्मू-कश्मीर की नगरोटा व बडगाम सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर होगी।</p>
<p>बाकी अन्य सीटों के लिए आखिरी तारीख 21 अक्टूबर होगी। 7 सीटों के लिए नामांकन वापस लेने की तारीख 24 अक्टूबर होगी, जबकि राजस्थान की अंटा सीट पर 27 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिया जा सकता है।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की बडगाम सीट उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 6 सीटें विधायकों के निधन के कारण रिक्त थीं। राजस्थान की अंटा सीट पर कंवरलाल को अघोषित किया गया था, जिससे यह सीट खाली हुई।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर की नगरोट सीट से देवेंद्र सिंह राणा विधायक बने थे। झारखंड की घाटशिला सीट से रामदास सोरेन, तेलंगाना की जुबली हिल्स से मगंती गोपीनाथ, पंजाब की तरनतारन से कश्मीर सिंह सोहल, मिजोरम की डंपा से लालरिन्तलुआंगा सैला और ओडिशा की नुआपाड़ा से राजेंद्र ढोलकिया ने जीत हासिल की थी। हालांकि, इन सभी विधायकों की बाद में मृत्यु हो गई थी।</p>
<p>सोमवार को चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की भी घोषणा की। बिहार में दो चरणों (6 नवंबर और 11 नवंबर) में मतदान होगा। 14 नवंबर को 8 सीटों पर उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 21:44:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार विधानसभा चुनाव तारीखों का ऐलान, भाजपा ने ऐतिहासिक जीत का किया दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना, 06 अक्टूबर (वेब वार्ता)। चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तिथियों की घोषणा कर दी। इस घोषणा को लेकर बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि 14 नवंबर को फिर से बिहार की जनता एनडीए गठबंधन की सरकार बनाने का निर्णय देगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जनता ने बार-बार एनडीए पर विश्वास जताया है और इस बार यह विश्वास और भी प्रचंड रूप से सामने आने वाला है। उन्होंने कहा कि एनडीए ने बिहार को जंगलराज के अंधकार से निकालकर विकास की नई रोशनी में लाया है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143468/bjp-announces-a-historic-victory-for-bihar-assembly-election-dates"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d04042024-15-election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना, 06 अक्टूबर (वेब वार्ता)। चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तिथियों की घोषणा कर दी। इस घोषणा को लेकर बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि 14 नवंबर को फिर से बिहार की जनता एनडीए गठबंधन की सरकार बनाने का निर्णय देगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जनता ने बार-बार एनडीए पर विश्वास जताया है और इस बार यह विश्वास और भी प्रचंड रूप से सामने आने वाला है। उन्होंने कहा कि एनडीए ने बिहार को जंगलराज के अंधकार से निकालकर विकास की नई रोशनी में लाया है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग सहित हर क्षेत्र में हमने नए मानक स्थापित किए हैं।</p>
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन प्रचंड बहुमत से 14 नवंबर को यह चुनाव जीतने जा रहा है। बिहार के युवा, महिलाएं, किसान, गरीब, मजदूर, दलित, वंचित, पिछड़े और अति पिछड़े यानी सभी वर्ग इस बार एनडीए के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।</p>
<p>जायसवाल ने कहा कि इस बार की जीत केवल जीत नहीं, बल्कि अब तक की सबसे ऐतिहासिक जीत होगी, जो आने वाले वर्षों में बिहार के स्वर्णिम भविष्य की गारंटी बनेगी। 14 नवंबर को सिर्फ परिणाम घोषित नहीं होंगे, बल्कि बिहार की जनता फिर से एनडीए की सरकार बनाने का ऐतिहासिक निर्णय देने जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “बिहार की जनता का फैसला विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में एक मजबूत कदम होगा।” उन्होंने कहा कि बिहार की जागरूक जनता हमेशा लोकतंत्र के इस महापर्व में पूरे उत्साह के साथ भाग लेती रही है। चुनाव आयोग ने दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 21:39:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त चार और पांच अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और एस एस संधू बिहार में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार से दो दिन के लिए पटना का दौरा करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है और राज्य में चुनाव इस महीने के अंत से नवंबर तक कई चरणों में होने की संभावना है।</p>
<p>चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले निर्वाचन अधिकारियों द्वारा राज्यों का दौरा करना आम बात है।</p>
<p>अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143415/chief-election-commissioner-and-election-commissioner-will-be-visiting-bihar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और एस एस संधू बिहार में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार से दो दिन के लिए पटना का दौरा करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है और राज्य में चुनाव इस महीने के अंत से नवंबर तक कई चरणों में होने की संभावना है।</p>
<p>चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले निर्वाचन अधिकारियों द्वारा राज्यों का दौरा करना आम बात है।</p>
<p>अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त चार और पांच अक्टूबर को राज्य में रहेंगे।</p>
<p>निर्वाचन आयोग चुनाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और शीर्ष पुलिस, प्रशासनिक और राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा है।</p>
<p>बिहार चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की बैठक में अधिकारियों को सभी चुनाव कानूनों, नियमों और दिशानिर्देशों से वाकिफ होने और उनका सख्त और निष्पक्ष अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।</p>
<p>केंद्रीय पर्यवेक्षक निर्वाचन आयोग की तरफ से नजर रखते हैं तथा सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं। पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं की शिकायतों के निवारण के लिए पूरी तरह से उपलब्ध रहें।</p>
<p>पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों का दौरा करने तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा हाल में शुरू की गई पहल के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।</p>
<p>आयोग के एक बयान के अनुसार, बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने पर्यवेक्षकों को "लोकतंत्र का प्रकाश स्तंभ" बताया।</p>
<p>बिहार और सात विधानसभा उपचुनावों के लिए 425 सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए जा रहे हैं।</p>
<p>बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया है और 30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में लगभग 7.42 करोड़ मतदाता हैं।</p>
<p>दो दशक से अधिक समय के अंतराल के बाद किये गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की। विपक्षी दलों ने दावा किया है कि इससे करोड़ों वास्तविक नागरिक मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।</p>
<p>निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर नहीं रहने देगा और साथ ही, किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143415/chief-election-commissioner-and-election-commissioner-will-be-visiting-bihar</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Oct 2025 21:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित, मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है।</p>
<p>राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले मतदाताओं की कुल संख्या 7.89 करोड़ थी।</p>
<p>हालांकि, अंतिम आंकड़ा बीते एक अगस्त को जारी मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ से ज़्यादा है, जिसमें मृत्यु, प्रवास और मतदाताओं के नाम के दोहराव सहित विभिन्न कारणों से मूल सूची से 65 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया था।</p>
<p>आयोग ने कहा कि संभावित मतदाताओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और पार्टियों व व्यक्तियों द्वारा दर्ज की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143354/last-voter-list-of-bihar-published-number-742-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d04042024-15-election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है।</p>
<p>राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले मतदाताओं की कुल संख्या 7.89 करोड़ थी।</p>
<p>हालांकि, अंतिम आंकड़ा बीते एक अगस्त को जारी मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ से ज़्यादा है, जिसमें मृत्यु, प्रवास और मतदाताओं के नाम के दोहराव सहित विभिन्न कारणों से मूल सूची से 65 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया था।</p>
<p>आयोग ने कहा कि संभावित मतदाताओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और पार्टियों व व्यक्तियों द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों के एक महीने तक चले मूल्यांकन के बाद मसौदा सूची से 3.66 लाख मतदाताओं को हटाया गया, जबकि 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए।</p>
<p>चुनाव प्रक्रिया के दौरान पूरक सूचियां प्रकाशित होने के बाद अंतिम आंकड़े में थोड़ा बदलाव हो सकता है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग की इस कवायद का विपक्ष ने तीखा विरोध किया है और आयोग पर सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। आयोग ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143354/last-voter-list-of-bihar-published-number-742-crore</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143354/last-voter-list-of-bihar-published-number-742-crore</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 18:32:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उपराष्ट्रपति पद पर चुनाव नौ सितंबर को होगा : निर्वाचन आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नौ सितंबर को होगा। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को यह घोषणा की।आयोग के अनुसार उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अधिसूचना सात अगस्त को जारी होगी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त होगी।</p>
<p>आयोग ने कहा कि यदि मतदान की जरूरत हुई तो यह नौ सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के प्रथम तल पर स्थित कक्ष संख्या एफ-101, वसुधा में होगा। उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।</p>
<p>उपराष्ट्रपति पद 21 जुलाई को निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा त्यागपत्र देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142293/election-commission-will-be-held-on-september-9"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नौ सितंबर को होगा। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को यह घोषणा की।आयोग के अनुसार उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अधिसूचना सात अगस्त को जारी होगी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त होगी।</p>
<p>आयोग ने कहा कि यदि मतदान की जरूरत हुई तो यह नौ सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के प्रथम तल पर स्थित कक्ष संख्या एफ-101, वसुधा में होगा। उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।</p>
<p>उपराष्ट्रपति पद 21 जुलाई को निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा त्यागपत्र देने के कारण रिक्त हो गया था।निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा महासचिव को निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा सचिवालय के दो अधिकारियों को सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के पात्र होते हैं।</p>
<p>उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 सदस्य शामिल होते हैं।</p>
<p>राज्यसभा में पांच और लोकसभा में एक सीट रिक्त है, जिससे निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 782 हो जाती है और जीतने वाले उम्मीदवार को 391 वोटों की आवश्यकता होगी, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें।</p>
<p>आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ राजग को बढ़त हासिल है।लोकसभा की 543 सीट में से एक सीट, पश्चिम बंगाल में बशीरहाट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच सीट खाली हैं।राज्यसभा में पांच खाली सीट में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है।</p>
<p>लोकसभा में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 542 सदस्यों में से 293 का समर्थन प्राप्त है। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा (प्रभावी सदस्य संख्या 240) में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, बशर्ते कि मनोनीत सदस्य राजग उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करें।सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले व्यक्ति का भारत का नागरिक होना जरूरी है, उसकी आयु 35 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए और वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के लिए पात्र होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142293/election-commission-will-be-held-on-september-9</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 14:29:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए तैयारियां शुरू कीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। चुनाव आयोग ने देश का नया उपराष्ट्रपति चुनने के लिए इलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग की ओर से इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया गया है। आयोग का कहना है कि गृह मंत्रालय से जानकारी मिली है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया है।</p>
<p>अब इस पद पर चुनाव के लिए हमारी ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी ही चुनाव की तारीख भी घोषित कर दी जाएगी। होम मिनिस्ट्री की ओर से 22 जुलाई यानी सोमवार को ही उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने का नोटिफिकेशन जारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142092/election-commission-started-preparations-for-the-election-of-vice-president"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। चुनाव आयोग ने देश का नया उपराष्ट्रपति चुनने के लिए इलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग की ओर से इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया गया है। आयोग का कहना है कि गृह मंत्रालय से जानकारी मिली है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया है।</p>
<p>अब इस पद पर चुनाव के लिए हमारी ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी ही चुनाव की तारीख भी घोषित कर दी जाएगी। होम मिनिस्ट्री की ओर से 22 जुलाई यानी सोमवार को ही उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था।</p>
<p>चुनाव आयोग ने लिखा, 'आर्टिकल 324 के तहत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का कार्य चुनाव आयोग करता है। इसका निर्देशन राष्ट्रपति की ओर से किया जाता है। चुनाव आयोग ने अब उपराष्ट्रपति के इलेक्शन की तैयारी शुरू कर दी है। अभी इसकी तैयारी चल रही है और उसे पूरा करने के बाद जल्दी ही इलेक्शन की डेट का ऐलान किया जाएगा।'</p>
<p>आयोग ने कहा कि इलेक्शन की तारीख का ऐलान करने से पहले हम कुछ चीजों पर काम कर रहे हैं। इनमें से एक है- इलेक्टोरल कॉलेज तैयार करना। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मिलाकर एक वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के नामित सदस्यों को भी वोटिंग का अधिकार होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 15:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में 35 लाख से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों की खामियों को ठीक किया जा रहा है। इसमें कई लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यू हो चुकी है या फिर किसी कहीं अनयंत्र शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे लोगों की संख्या लगभग 35 लाख है जिनके इस सूची से नाम हटाए जा सकते हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अब तक 83.66 फीसदी गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म 40 पुराने ईसीआई एप्लिकेशनों को समाहित कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141922/the-names-of-more-than-35-lakh-people-in-bihar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d19032024-06-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों की खामियों को ठीक किया जा रहा है। इसमें कई लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यू हो चुकी है या फिर किसी कहीं अनयंत्र शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे लोगों की संख्या लगभग 35 लाख है जिनके इस सूची से नाम हटाए जा सकते हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अब तक 83.66 फीसदी गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म 40 पुराने ईसीआई एप्लिकेशनों को समाहित कर एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म बिहार के इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के सभी पहलुओं को कवर कर रहा है और कुशलतापूर्वक संचालित हो रहा है।<br />आयोग के अनुसार, अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि 1.59 फीसदी (12,55,620) मतदाता मृत पाए गए हैं, जबकि 2.2 फीसदी (17,37,336) मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा, 0.73 फीसदी (5,76,479) मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए हैं।</p>
<p>आयोग के अनुसार, इन आंकड़ों के आधार पर कुल 35,69,435 नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। यह संख्या अंतिम नहीं है और आगामी दिनों में इसमें वृद्धि संभव है, क्योंकि अब भी फॉर्म भरने की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p>आयोग ने बताया, राज्य में कुल 7,89,69,844 मतदाताओं में से अब तक 6,60,67,208 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। अब केवल 11.82 फीसदी मतदाता ही बचे हैं, जिनसे फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करनी है।</p>
<p>गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि तक अभी 11 दिन शेष हैं। अब केवल 11.82 प्रतिशत मतदाताओं द्वारा गणना फॉर्म जमा किया जाना शेष है। इनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म जमा करने के लिए समय मांगा है। आयोग के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ईसीआई -नेट प्लेटफॉर्म पर सोमवार की शाम छह बजे तक 5.74 करोड़ फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं।</p>
<p>पात्र मतदाता नहीं छूटे : चुनाव आयोग<br />आयोग ने आश्वासन दिया कि ‘कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए’सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर तीसरे राउंड का दौरा शुरू करेंगे।</p>
<p>उनके साथ 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी सहयोग कर रहे हैं, जो प्रतिदिन 50 गणना फॉर्म प्रमाणित और जमा कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए, बिहार के 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी शहरी मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 14:49:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतदाता सूची विवाद के चलते बिहार जैसा मॉडल पूरे देश में लागू करेगा आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 जुलाई (वेब वार्ता)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की जांच पड़ताल चल रही है है। इसको लेकर कुछ सवाल भी खड़े हुए हैं और विपक्ष का आरोप है कि इसमें लाखों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। ये विवाद खत्म होता इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबरें आ रहीं है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (सर) प्रक्रिया यानी बिहार वाला मॉडल पूरे देश में लागू होगा।</p>
<p>चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार सर को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। इसके ऑर्डर के पैरा 10 के तहत यह प्रक्रिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141811/the-commission-will-implement-model-like-bihar-throughout-the-country"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d04042024-15-election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 जुलाई (वेब वार्ता)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की जांच पड़ताल चल रही है है। इसको लेकर कुछ सवाल भी खड़े हुए हैं और विपक्ष का आरोप है कि इसमें लाखों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। ये विवाद खत्म होता इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबरें आ रहीं है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (सर) प्रक्रिया यानी बिहार वाला मॉडल पूरे देश में लागू होगा।</p>
<p>चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार सर को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। इसके ऑर्डर के पैरा 10 के तहत यह प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें बिहार के बाद अन्य राज्यों में इसे लागू करने का निर्णय आयोग उचित समय पर लेगा।</p>
<p>बिहार में इसकी शुरुआत इसलिए हुई क्योंकि यहां चुनाव पहले हुए थे, लेकिन अब आयोग का ध्यान देश के अन्य राज्यों पर है। इसमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे आगामी चुनावी राज्य भी शामिल हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार अभी यह तय नहीं है कि सर को पूरे देश में एक साथ लागू किया जाए या चुनावों के करीब आने के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। इस पर आगामी समय में फैसला लिया जाएगा।</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हाल ही में कहा था कि ‘शुद्ध मतदाता सूची’ लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए अनिवार्य हैं। उनका यह बयान सर प्रक्रिया के पीछे की मंशा को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची से नकली और दोहराए गए नामों को हटाकर चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।</p>
<p>हालांकि, यह फैसला विपक्षी दलों के लिए नई चुनौती बन सकता है। बिहार में SIR लागू होने के बाद आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे मतदाताओं के नाम काटने की साजिश करार दिया है। इसको लेकर बुधवार को बिहार बंद का आह्वान किया गया है।</p>
<p>आरजेडी सांसद मनोज झा ने हाल ही में चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में आयोग ने उनके दावों को भ्रामक बताया।</p>
<p>विपक्ष का तर्क है कि सर प्रक्रिया का दुरुपयोग सत्तारूढ़ पार्टी के हित में हो सकता है, खासकर उन राज्यों में जहां 2026 या उससे पहले विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सर का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है न कि किसी राजनीतिक दल को नुकसान पहुंचाना।</p>
<p>प्रक्रिया में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं और दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण की पुष्टि करते हैं।अब आयोग का इरादा है कि अन्य राज्यों में भी इस प्रणाली को लागू कर मतदाता सूची को शुद्ध किया जाए।</p>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में है, लेकिन इसे लागू करने में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी होगा। विपक्षी दलों ने मांग की है कि सर की प्रगति पर सार्वजनिक रिपोर्ट पेश की जाए और स्थानीय स्तर पर जन सुनवाई आयोजित की जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 21:14:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

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