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                <title>Weight Lifting - Loktej</title>
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                <description>Weight Lifting RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अहमदाबाद एक से 10 अप्रैल तक एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएलएफ) ने बुधवार को पुष्टि की कि 2026 में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप एक से 10 अप्रैल तक अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>पिछले वर्ष एशियाई भारोत्तोलन महासंघ (एडब्ल्यूएफ) ने अपनी वार्षिक कांग्रेस के दौरान भारत को इसकी मेजबानी का अधिकार सौंपा था।</p>
<p>आईडब्ल्यूएलएफ के अध्यक्ष सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप की तारीखें तय कर दी गई हैं। यह एक से 10 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।’’</p>
<p>यह पहली एशियाई चैंपियनशिप होगी जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ की संशोधित भार श्रेणियों के अंतर्गत किया जाएगा।</p>
<p>पहले इस प्रतियोगिता का आयोजन</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141007/ahmedabad-will-host-asian-weightlifting-championship-from-april-1-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/ahmedabad-city.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएलएफ) ने बुधवार को पुष्टि की कि 2026 में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप एक से 10 अप्रैल तक अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>पिछले वर्ष एशियाई भारोत्तोलन महासंघ (एडब्ल्यूएफ) ने अपनी वार्षिक कांग्रेस के दौरान भारत को इसकी मेजबानी का अधिकार सौंपा था।</p>
<p>आईडब्ल्यूएलएफ के अध्यक्ष सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप की तारीखें तय कर दी गई हैं। यह एक से 10 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।’’</p>
<p>यह पहली एशियाई चैंपियनशिप होगी जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ की संशोधित भार श्रेणियों के अंतर्गत किया जाएगा।</p>
<p>पहले इस प्रतियोगिता का आयोजन गांधीनगर में किया जाना था लेकिन बाद में अहमदाबाद को इसकी मेजबानी सौंपी गई।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 May 2025 15:00:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारी रॉड गिरने से महिला पावर लिफ्टर की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर, 19 फरवरी (भाषा) राजस्थान के बीकानेर जिले के नया शहर थाना क्षेत्र में जूनियर राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता महिला पावर लिफ्टर की प्रैक्टिस के दौरान 270 किलो की रॉड गर्दन पर गिरने से मंगलवार शाम को मौत हो गई।</p>
<p>थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने बताया कि महिला पावर लिफ्टर यष्टिका आचार्य (17) की जिम में प्रैक्टिस करते हुए मौत हो गई। स्वर्ण पदक विजेता महिला की गर्दन 270 किलोग्राम की रॉड गिरने से टूट गई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>तिवाड़ी ने बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/135042/female-power-lifter-dies-due-to-heavy-rod-fall"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-02/women-power-weight-lifting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर, 19 फरवरी (भाषा) राजस्थान के बीकानेर जिले के नया शहर थाना क्षेत्र में जूनियर राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता महिला पावर लिफ्टर की प्रैक्टिस के दौरान 270 किलो की रॉड गर्दन पर गिरने से मंगलवार शाम को मौत हो गई।</p>
<p>थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने बताया कि महिला पावर लिफ्टर यष्टिका आचार्य (17) की जिम में प्रैक्टिस करते हुए मौत हो गई। स्वर्ण पदक विजेता महिला की गर्दन 270 किलोग्राम की रॉड गिरने से टूट गई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>तिवाड़ी ने बताया कि जिम में जब प्रशिक्षक यष्टिका को वेट लिफ्ट करवा रहा था तो उसी दौरान यह हादसा हुआ। इस दौरान प्रशिक्षक को भी सामान्य चोट आई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि परिजनों ने इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और पुलिस मामले की जांच कर रही है। भाषा कुंज</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 13:22:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की मार्टिना देवी ने एशियाई जूनियर भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दोहा, 25 दिसंबर (भाषा) भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी ने यहां एशियाई जूनियर भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में महिलाओं की जूनियर प्लस 87 किलो श्रेणी में रजत पदक जीता ।</p>
<p>मणिपुर की 18 वर्ष की मार्टिना ने 225 किलो (96 और 129 किलो ) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया । उन्होंने क्लीन एंड जर्क में भी रजत और स्नैच में कांस्य पदक हासिल किया ।</p>
<p>उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 237 किलो है जो उन्होंने इस साल जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में किया था ।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>दोहा, 25 दिसंबर (भाषा) भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी ने यहां एशियाई जूनियर भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में महिलाओं की जूनियर प्लस 87 किलो श्रेणी में रजत पदक जीता ।</p>
<p>मणिपुर की 18 वर्ष की मार्टिना ने 225 किलो (96 और 129 किलो ) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया । उन्होंने क्लीन एंड जर्क में भी रजत और स्नैच में कांस्य पदक हासिल किया ।</p>
<p>उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 237 किलो है जो उन्होंने इस साल जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में किया था ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/114539/india-s-martina-devi-wins-silver-medal-in-asian-junior-weightlifting-championship</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 19:01:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय भारोत्तोलन और मीराबाई के लिए उथल-पुथल वाला रहा वर्ष 2024</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) बहुत कम ऐसे खेल हैं जिन्हें किसी एक खिलाड़ी से जोड़कर देखा जाता है लेकिन भारतीय भारोत्तोलन में मीराबाई चानू एक ऐसा नाम है जो पिछले कई वर्षों से भारत में इस खेल की पर्याय बनी हुई है और वर्ष 2024 भी कोई अपवाद नहीं रहा।</p>
<p>तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई पेरिस ओलंपिक में यह कारनामा नहीं दोहरा पाई जो भारत के लिए सबसे बड़ा झटका था। भारतीय भारोत्तोलन के लिए यह इसलिए भी निराशाजनक साल रहा क्योंकि वह इस वर्ष भी मीराबाई का उत्तराधिकारी ढूंढने में नाकाम रहा।</p>
<p>मीराबाई ने तोक्यो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113649/2024-was-a-year-of-turmoil-for-indian-weightlifting-and-mirabai"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k22122024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) बहुत कम ऐसे खेल हैं जिन्हें किसी एक खिलाड़ी से जोड़कर देखा जाता है लेकिन भारतीय भारोत्तोलन में मीराबाई चानू एक ऐसा नाम है जो पिछले कई वर्षों से भारत में इस खेल की पर्याय बनी हुई है और वर्ष 2024 भी कोई अपवाद नहीं रहा।</p>
<p>तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई पेरिस ओलंपिक में यह कारनामा नहीं दोहरा पाई जो भारत के लिए सबसे बड़ा झटका था। भारतीय भारोत्तोलन के लिए यह इसलिए भी निराशाजनक साल रहा क्योंकि वह इस वर्ष भी मीराबाई का उत्तराधिकारी ढूंढने में नाकाम रहा।</p>
<p>मीराबाई ने तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीत कर इस खेल में भारत का 21 साल से चला आ रहा सूखा खत्म किया था। जहां तक पेरिस ओलंपिक की बात है तो मीराबाई एकमात्र भारोत्तोलक थी जिन्होंने इन खेलों के लिए क्वालीफाई किया था।</p>
<p>इस 29 वर्षीय खिलाड़ी को ओलंपिक से पहले कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चोटिल होने के कारण वह कुछ प्रमुख प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पाई जिसका मतलब था कि वह ओलंपिक के लिए अपेक्षित तैयारी नहीं कर सकी थी।</p>
<p>मीराबाई ने इसके बावजूद अपनी अदम्य इच्छा शक्ति के दम पर पेरिस ओलंपिक में भाग लिया। तब भी उनकी फिटनेस को लेकर कानाफूसी चल रही थी। मीराबाई ने हालांकि अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश की लेकिन आखिर में उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।</p>
<p>यह खिलाड़ी और देश के लिए निराशाजनक परिणाम था क्योंकि मीराबाई को शुरू से ही पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।</p>
<p>मीराबाई लगातार यह कहती रही हैं कि उनकी खेल यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है और एशियाई खेलों में पदक जीतना उनका अगला लक्ष्य है लेकिन लगातार चोटिल होने के कारण उनके आगे खेलने को लेकर आशंकाएं भी व्यक्त की जा रही हैं।</p>
<p>जापान में 2026 में होने वाले एशियाई खेलों तक मीराबाई की उम्र 31 साल की हो जाएगी और इस उम्र में भारोत्तोलन जैसे खेल में बने रहना आसान नहीं होता जबकि यह भारतीय खिलाड़ी चोटों से भी जूझती रही है।</p>
<p>मीराबाई से इतर भारतीय भारोत्तोलन का भविष्य अनिश्चित नजर आता है। इस खेल में भारत राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन करता रहा है लेकिन 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में चमक बिखेरने वाले खिलाड़ी इसके बाद गुमनामी के अंधेरे में चले गए।</p>
<p>इसका उदाहरण जेरेमी लालरिननुंगा है, जो चोट और अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण गुमनामी में जाने से पहले जूनियर, युवा और राष्ट्रमंडल स्तर पर ठोस प्रदर्शन के साथ प्रमुखता से उभरे थे।</p>
<p>उम्मीद की एक किरण 21 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव है, जिन्होंने मीराबाई की अनुपस्थिति में विश्व चैंपियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में पांचवा स्थान हासिल किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/113649/2024-was-a-year-of-turmoil-for-indian-weightlifting-and-mirabai</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 14:05:34 +0530</pubDate>
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