<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/7038/om-birla" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Om Birla - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/7038/rss</link>
                <description>Om Birla RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी : ओम बिरला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना बेहद जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और सदन की कार्यवाही हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलती है।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि वे उन सभी सांसदों के आभारी हैं, जिन्होंने उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे संसद में संवैधानिक गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>विपक्ष के इस आरोप पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145977/it-is-necessary-for-the-opposition-to-be-strong-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना बेहद जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और सदन की कार्यवाही हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलती है।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि वे उन सभी सांसदों के आभारी हैं, जिन्होंने उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे संसद में संवैधानिक गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>विपक्ष के इस आरोप पर कि उन्हें सदन में बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया, लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्यवाही तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत चलती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को सदन में बोलने से पहले स्पीकर की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। ओम बिरला ने कहा कि संसद में कोई भी फोटो, दस्तावेज, उद्धरण या छपी हुई सामग्री सदन में पेश करने से पहले स्पीकर की अनुमति लेनी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष ने कई बार इन नियमों का पालन नहीं किया, जिसके कारण उन्हें कठिन फैसले लेने पड़े।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि भारत के लोकतंत्र और उसके संविधान पर सभी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा, “सदन में सहमति और असहमति की एक महान परंपरा रही है। मैंने हमेशा कोशिश की है कि सदन में संतुलन बना रहे और सभी की आवाज सुनी जाए।”</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी के लिए नियम समान हैं और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता। ओम बिरला ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भी सदन में बोलने से पहले नोटिस देना पड़ता है।</p>
<p>स्पीकर ने स्पष्ट किया कि नियमों से परे जाकर किसी को बोलने का अधिकार नहीं दिया जा सकता और सदन केवल प्रक्रिया के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चेयर के पास ऐसा कोई बटन नहीं होता जिससे किसी सांसद का माइक बंद या चालू किया जा सके। सदस्य तभी बोल सकते हैं जब उनकी बारी आती है।</p>
<p>सांसदों के निलंबन को लेकर उठे सवालों पर ओम बिरला ने कहा कि वे किसी भी सदस्य को निलंबित करना नहीं चाहते, लेकिन कभी-कभी सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “मुझे ऐसे फैसले लेने में दुख होता है, लेकिन यह भी देखना चाहिए कि आखिर निलंबन की नौबत क्यों आती है। जब संसद के नियमों का उल्लंघन होता है, तब मुझे अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि नियम 377 के तहत स्पीकर के पास सदन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की शक्ति होती है। विपक्ष की महिला सांसदों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि जब कुछ सांसद तख्तियां लेकर ट्रेजरी बेंच की ओर बढ़े, तब संसद की गरिमा की रक्षा के लिए उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी।</p>
<p>ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने हमेशा सदन की गरिमा बढ़ाने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की कोशिश की है और आगे भी इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145977/it-is-necessary-for-the-opposition-to-be-strong-in</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145977/it-is-necessary-for-the-opposition-to-be-strong-in</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:48:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया।</p>
<p>सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी पर मौजूद जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मतदान कराया।</p>
<p>मतदान के दौरान सदन में विपक्ष के प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते प्रस्ताव गिर गया।</p>
<p>इसके साथ ही स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निरस्त हो गया जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>गौरतलब है कि विपक्ष ने स्पीकर के कामकाज को लेकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145969/oppositions-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-rejected"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 मार्च (वेब वार्ता)। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया।</p>
<p>सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी पर मौजूद जगदंबिका पाल ने प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मतदान कराया।</p>
<p>मतदान के दौरान सदन में विपक्ष के प्रस्ताव के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते प्रस्ताव गिर गया।</p>
<p>इसके साथ ही स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निरस्त हो गया जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>गौरतलब है कि विपक्ष ने स्पीकर के कामकाज को लेकर असंतोष जताते हुए यह प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन ध्वनिमत में इसे समर्थन नहीं मिल सका और न कि जीत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145969/oppositions-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-rejected</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145969/oppositions-no-confidence-motion-against-lok-sabha-speaker-om-birla-rejected</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 21:48:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg"                         length="97131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हो सकती है चर्चा, भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 06 मार्च (वेब वार्ता)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होने जा रही है। इस चरण के दौरान लोकसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।</p>
<p>इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। संभावित बहस को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>पार्टी की ओर से जारी किए गए व्हिप के अनुसार भाजपा सांसदों को 9 और 10 मार्च को लोकसभा की कार्यवाही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145888/there-can-be-discussion-on-the-proposal-to-remove-lok"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 06 मार्च (वेब वार्ता)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होने जा रही है। इस चरण के दौरान लोकसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।</p>
<p>इसी क्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। संभावित बहस को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>पार्टी की ओर से जारी किए गए व्हिप के अनुसार भाजपा सांसदों को 9 और 10 मार्च को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में मौजूद रहना होगा। माना जा रहा है कि इन दिनों में विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है।</p>
<p>संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आम तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान वित्तीय विधेयकों और अन्य प्रमुख विधाई कार्यों पर चर्चा आगे बढ़ती है। इस बार सत्र के दौरान राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>संसदीय सूत्रों के अनुसार विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस हो सकती है। ऐसे में सत्तारूढ़ दल अपने सांसदों की पूरी मौजूदगी सुनिश्चित कर रणनीतिक रूप से तैयारी कर रहा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र का दूसरा चरण राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इसमें कई राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ संसदीय प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145888/there-can-be-discussion-on-the-proposal-to-remove-lok</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145888/there-can-be-discussion-on-the-proposal-to-remove-lok</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 21:10:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg"                         length="97131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री पुरी के जेब में हाथ डाले रखने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने दी नसीहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) लोकसभा में बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उस समय एक विचित्र स्थिति से गुजरना पड़ा जब अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के प्रश्नों का जवाब देते समय उन्हें जेब में हाथ डाले रखने पर नसीहत दी।</p>
<p>निचले सदन में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य शशिकांत सेंथिल के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान अध्यक्ष बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘‘माननीय मंत्री जी जेब में हाथ डालकर नहीं (जवाब दें)।’’</p>
<p>अध्यक्ष ने इसी दौरान पुरी से यह भी कहा, ‘‘आराम से जवाब दीजिए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144526/lok-sabha-speaker-birla-gave-advice-on-union-minister-puri"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) लोकसभा में बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उस समय एक विचित्र स्थिति से गुजरना पड़ा जब अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के प्रश्नों का जवाब देते समय उन्हें जेब में हाथ डाले रखने पर नसीहत दी।</p>
<p>निचले सदन में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य शशिकांत सेंथिल के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान अध्यक्ष बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘‘माननीय मंत्री जी जेब में हाथ डालकर नहीं (जवाब दें)।’’</p>
<p>अध्यक्ष ने इसी दौरान पुरी से यह भी कहा, ‘‘आराम से जवाब दीजिए। गुस्सा नहीं कीजिए। मुस्कराकर जवाब दीजिए।’’</p>
<p>इस पर पुरी ने कहा, ‘‘यह सर प्रश्नकाल में उत्तर देने की (मेरी) शैली है।’’</p>
<p>अध्यक्ष ने मंत्रियों और सदस्यों से प्रश्नकाल के दौरान सीधे चर्चा नहीं करने के बजाय आसन के माध्यम से प्रश्नोत्तर और संवाद करने को भी कहा।</p>
<p>उन्होंने प्रश्नकाल में सदस्यों से संक्षिप्त प्रश्न पूछने और मंत्रियों से उनका संक्षिप्त ही जवाब देने का अपना आग्रह भी दोहराया और कहा कि इससे अधिक सदस्यों को प्रश्नकाल में अपने प्रश्न पूछने का मौका मिल सकता है।</p>
<p>बिरला ने कहा कि वह पहली बार चुनकर आए सदस्यों को और ऐसे सदस्यों को प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने का अवसर प्राथमिकता से देने की कोशिश करते हैं, जिन्हें पहले मौका नहीं मिला हो।</p>
<p>गौरतलब है कि बिरला पहले भी प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों को जेब में हाथ नहीं डालने, सदस्यों से सीधे बातचीत नहीं करने, सदस्यों से हाथ मिलाते हुए सदन से नहीं जाने, संक्षिप्त उत्तर देने आदि की नसीहत देते रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144526/lok-sabha-speaker-birla-gave-advice-on-union-minister-puri</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144526/lok-sabha-speaker-birla-gave-advice-on-union-minister-puri</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 15:06:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा में गतिरोध खत्म हुआ, सोमवार से सदन में होगा कामकाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में एक सप्ताह से जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी जिसमें गतिरोध को खत्म कर सोमवार से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बन गयी है।</p>
<p>लोकसभा सचिवालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार श्री बिरला ने सदन में गतिरोध समाप्त करने के लिए शुक्रवार को सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी। इस बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल के अलावा विभिन दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142134/the-deadlock-in-lok-sabha-ends-in-the-house-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में एक सप्ताह से जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी जिसमें गतिरोध को खत्म कर सोमवार से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बन गयी है।</p>
<p>लोकसभा सचिवालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार श्री बिरला ने सदन में गतिरोध समाप्त करने के लिए शुक्रवार को सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी। इस बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल के अलावा विभिन दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बैठक में सोमवार से कामकाज सुचारू रूप से चलाने पर सभी विपक्षी दलों के साथ सहमति बन गयी है। इससे पहले आज लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा कर रहे सदस्यो से आग्रह करते हुए कहा था कि वह सरकार की प्रतिनिधि को बुलाकर विपक्ष के सदस्यों के साथ वार्ता कर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए सदस्यों को चर्चा के लिए आना होगा और जानबूझकर सदन में बाधा डालने की प्रवृत्ति छोड़नी होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि गतिरोध दूर करने के लिए सभी को आपस में बात करनी होगी और सदन चलना चाहिए क्योंकि देश की 20-20 लाख की आबादी एक-एक सदस्य से अपने भविष्य की योजनाओं के लिए आस लगाई है और उन्हें उम्मीद रहती है कि संसद में उनके प्रतिनिधि उनके हित के लिए काम करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142134/the-deadlock-in-lok-sabha-ends-in-the-house-from</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142134/the-deadlock-in-lok-sabha-ends-in-the-house-from</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:20:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg"                         length="97131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘संसद में सड़क जैसा व्यवहार कर रहे हैं’, लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर भड़के ओम बिरला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बुधवार को सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्षी सांसदों को चेताते हुए कहा कि आप संसद में भी सड़क जैसा व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में तख्तियां दिखाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।</p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध सुबह 11 बजे संसद की कार्यवाही शुरू होने पर भी जारी रहा। विपक्षी सांसद पोस्टर-तख्तियां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142093/om-birla-raging-on-the-uproar-of-the-opposition-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 23 जुलाई (वेब वार्ता)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बुधवार को सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्षी सांसदों को चेताते हुए कहा कि आप संसद में भी सड़क जैसा व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में तख्तियां दिखाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।</p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध सुबह 11 बजे संसद की कार्यवाही शुरू होने पर भी जारी रहा। विपक्षी सांसद पोस्टर-तख्तियां लेकर लोकसभा में वेल के अंदर पहुंचे और हंगामा करने लगे।</p>
<p>इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नाराजगी व्यक्त की और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मंा फिर कहना चाहता हूं कि सदन में तख्तियां लेकर आने वालों पर मुझे निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी।” प्रश्नकाल के दौरान शुरुआती कुछ मिनट में रेलवे से जुड़े विषय पर सवाल-जवाब हुए। हालांकि, इस बीच हंगामा नहीं रुकने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विपक्ष पर भड़क गए।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “संसद हमारी गौरवशाली लोकतंत्र की संस्था है। सभी से आग्रह है कि संसद परिसर के अंदर व्यवहार, आचरण और कार्य पद्धति मर्यादित होनी चाहिए।</p>
<p>देश की जनता ने आपको उनकी आवाज, समस्याओं, देश के मुद्दों और नीतियों पर चर्चा के लिए भेजा है। आप सड़क जैसा व्यवहार संसद में कर रहे हैं। इसका पूरा देश देख रहा है।” ओम बिरला ने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं से भी कहा कि आपके नेताओं के व्यवहार को देश देख रहा है।</p>
<p>विपक्ष के नेताओं से अपील करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फिर कहा कि आप जाएं, सीट पर बैठें और मुद्दों पर चर्चा करें। हर मुद्दे और विषय पर नियमों के तहत चर्चा और संवाद करने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप माननीय हैं तो माननीय जैसा व्यवहार करें।</p>
<p>संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ता जा रहा है। जहां पहले दिन विपक्षी दलों ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा किया। इसके बाद दूसरे दिन बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हंगामा हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142093/om-birla-raging-on-the-uproar-of-the-opposition-in</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142093/om-birla-raging-on-the-uproar-of-the-opposition-in</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 15:49:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d23062024-06-sansad-bhavan.jpg"                         length="97131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओम बिरला शहीद की बेटी के विवाह समारोह में हुए शामिल, निभाई भात की रस्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोटा, 12 अप्रैल (वेब वार्ता)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोटा में एक शहीद की बेटी के विवाह समारोह का हिस्सा बने। वह सिर्फ इसमें शामिल ही नहीं हुए, बल्कि उन्होंने शहीद हेमराज मीणा और वीरांगना मधुबाला की बेटी रीना के विवाह समारोह में भात (मायरा) की रस्म भी निभाई। इस मौके पर परिवार और स्थानीय लोग भावुक हो उठे।</p>
<p>विवाह समारोह में ओम बिरला ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भात की रस्म पूरी की। उन्होंने रीना को चुनरी ओढ़ाई और परिवार को आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने शहीद हेमराज मीणा को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140062/the-ritual-of-bhat-attended-the-wedding-ceremony-of-om"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा, 12 अप्रैल (वेब वार्ता)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोटा में एक शहीद की बेटी के विवाह समारोह का हिस्सा बने। वह सिर्फ इसमें शामिल ही नहीं हुए, बल्कि उन्होंने शहीद हेमराज मीणा और वीरांगना मधुबाला की बेटी रीना के विवाह समारोह में भात (मायरा) की रस्म भी निभाई। इस मौके पर परिवार और स्थानीय लोग भावुक हो उठे।</p>
<p>विवाह समारोह में ओम बिरला ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भात की रस्म पूरी की। उन्होंने रीना को चुनरी ओढ़ाई और परिवार को आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने शहीद हेमराज मीणा को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी थी। बिरला ने कहा कि शहीद का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी बेटी के विवाह में शामिल होना गर्व का क्षण है।</p>
<p>शहीद की पत्नी वीरांगना मधुबाला ने इस मौके पर भावुक होते हुए कहा, “मेरे पति ने अपनी बेटी के लिए छह साल पहले किया वादा आज भी पूरा किया। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और प्रेम हमेशा हमारे साथ हैं।”</p>
<p>उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का आभार जताया, जिन्होंने परिवार के इस खास मौके को और यादगार बनाया। रीना ने भी अपने पिता को याद करते हुए कहा कि वह अपने नए जीवन में उनके दिखाए रास्ते पर चलेंगी।</p>
<p>समारोह में मौजूद परिवारजनों और रिश्तेदारों ने शहीद हेमराज को याद कर उनकी वीरता की चर्चा की। ओम बिरला ने परिवार के साथ समय बिताया और उनकी खुशी में शामिल हुए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। इस आयोजन में स्थानीय लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने बिरला की सादगी और शहीद परिवार के प्रति उनके सम्मान की सराहना की। ओम बिरला ने रीना और उनके होने वाले दूल्हे को सुखी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140062/the-ritual-of-bhat-attended-the-wedding-ceremony-of-om</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140062/the-ritual-of-bhat-attended-the-wedding-ceremony-of-om</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 15:09:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओम बिरला ने छत्रपति शिवाजी की जयंती पर उनकी वीरता और कुशल युद्ध रणनीति की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोटा (राजस्थान), 19 फरवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी वीरता और कुशल युद्ध रणनीतियों की सराहना की।</p>
<p>कोटा-बूंदी से लोकसभा सदस्य बिरला ने बुधवार सुबह यहां छत्रपति शिवाजी उद्यान में मराठा राजा की विशाल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>कोटा में जनसभा को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि विशाल सेना और हथियारों के अभाव के बावजूद शिवाजी ने मुगल फौज के खिलाफ लड़ाई लड़ी और बेमिसाल वीरता, आत्मविश्वास, स्वाभिमान और कुशल युद्ध रणनीति का परिचय दिया।</p>
<p>बिरला ने कहा, “भगवान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/135160/om-birla-appreciated-his-valor-and-skilled-war-strategy-on-the-birth-anniversary-of-chhatrapati-shivaji"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा (राजस्थान), 19 फरवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी वीरता और कुशल युद्ध रणनीतियों की सराहना की।</p>
<p>कोटा-बूंदी से लोकसभा सदस्य बिरला ने बुधवार सुबह यहां छत्रपति शिवाजी उद्यान में मराठा राजा की विशाल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>कोटा में जनसभा को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि विशाल सेना और हथियारों के अभाव के बावजूद शिवाजी ने मुगल फौज के खिलाफ लड़ाई लड़ी और बेमिसाल वीरता, आत्मविश्वास, स्वाभिमान और कुशल युद्ध रणनीति का परिचय दिया।</p>
<p>बिरला ने कहा, “भगवान राम, शिवाजी और यहां तक कि महाराणा प्रताप ने भी अपनी सेनाएं आम लोगों और आदिवासियों को मिलाकर बनाई थीं। उन्होंने अन्याय और बुराई के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की, क्योंकि वे निष्पक्ष और न्याय संगत रहे।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/135160/om-birla-appreciated-his-valor-and-skilled-war-strategy-on-the-birth-anniversary-of-chhatrapati-shivaji</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/135160/om-birla-appreciated-his-valor-and-skilled-war-strategy-on-the-birth-anniversary-of-chhatrapati-shivaji</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 18:35:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिक दलों को सांसदों के लिए आचार संहिता बनानी चाहिए: बिरला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना, 21 जनवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि राजनीतिक दलों को अपने सांसदों के लिए आचार संहिता बनानी चाहिए ताकि विधायी निकायों की गरिमा बनी रहे।</p>
<p>बिरला ने यहां आयोजित 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय विचार-विमर्श के बाद पीठासीन अधिकारियों ने विधायी निकायों को बहस और चर्चा का केंद्र बिंदु बनाने का संकल्प लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सभी राजनीतिक दलों को विधायी निकायों की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। यह तभी संभव होगा जब राजनीतिक दलों के पास अपने सांसदों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/123818/political-parties-should-make-code-of-conduct-for-mps--birla"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना, 21 जनवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि राजनीतिक दलों को अपने सांसदों के लिए आचार संहिता बनानी चाहिए ताकि विधायी निकायों की गरिमा बनी रहे।</p>
<p>बिरला ने यहां आयोजित 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय विचार-विमर्श के बाद पीठासीन अधिकारियों ने विधायी निकायों को बहस और चर्चा का केंद्र बिंदु बनाने का संकल्प लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सभी राजनीतिक दलों को विधायी निकायों की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। यह तभी संभव होगा जब राजनीतिक दलों के पास अपने सांसदों के लिए आचार संहिता होगी।’’</p>
<p>बिरला की टिप्पणी कई विधायी निकायों में बार-बार होने वाले व्यवधानों की पृष्ठभूमि में आई है।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों ने तकनीकों का उपयोग करके विधायी निकायों के कामकाज में अधिक दक्षता लाने का भी संकल्प लिया है।</p>
<p>बिरला ने कहा कि संसद जल्द ही 1947 से आज तक की संसदीय चर्चाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सभी विधानसभाओं को 1947 से आज तक की चर्चाओं को हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध कराने का प्रयास करना चाहिए । उन्होंने इसके लिए संसदीय सचिवालय से तकनीकी सहायता प्रदान करने की पेशकश की।</p>
<p>सम्मेलन के समापन सत्र में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह एवं अन्य लोग शामिल हुए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/123818/political-parties-should-make-code-of-conduct-for-mps--birla</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/123818/political-parties-should-make-code-of-conduct-for-mps--birla</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 16:10:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पटना में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना, 20 जनवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यहां 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (एआईपीओसी) का उद्घाटन किया।</p>
<p>बिहार में तीसरी बार आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय सम्मेलन का विषय है- ‘‘संविधान की 75वीं वर्षगांठ: संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान।’’</p>
<p>सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी ‘‘अधिक दक्षता, प्रभावशीलता और उत्पादकता के लिए हमारे विधायी निकायों में आधुनिक तकनीक को अपनाने’’ पर विचार-विमर्श करेंगे।</p>
<p>इस अवसर पर अपने संबोधन में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा, ‘‘यह तीसरी बार है जब बिहार लगभग 43 वर्षों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/123403/bihar--lok-sabha-speaker-om-birla-inaugurates-all-india-presiding-officers-conference-in-patna"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना, 20 जनवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यहां 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (एआईपीओसी) का उद्घाटन किया।</p>
<p>बिहार में तीसरी बार आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय सम्मेलन का विषय है- ‘‘संविधान की 75वीं वर्षगांठ: संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान।’’</p>
<p>सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी ‘‘अधिक दक्षता, प्रभावशीलता और उत्पादकता के लिए हमारे विधायी निकायों में आधुनिक तकनीक को अपनाने’’ पर विचार-विमर्श करेंगे।</p>
<p>इस अवसर पर अपने संबोधन में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा, ‘‘यह तीसरी बार है जब बिहार लगभग 43 वर्षों के अंतराल के बाद इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। बिहार की धरती भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत का केंद्र मानी जाती है। इस धरती ने भगवान बुद्ध की करुणा, महावीर की अहिंसा और गुरु गोविंद सिंह जी के साहस को जन्म दिया है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह वही धरती है जहां से चाणक्य ने सैद्धांतिक राजनीति की शुरुआत की और सम्राट अशोक ने शासन में नैतिकता का संदेश दिया। यादव ने कहा कि यह चंपारण की धरती है जिसने गांधी जी को महात्मा बनाया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह सम्मेलन लोकतंत्र को मजबूत करने तथा जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।’’</p>
<p>समापन सत्र को मंगलवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रतिभागियों में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य मंत्री श्रवण कुमार आदि शामिल थे।</p>
<p>बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में आज शामिल नहीं हो पाए। कार्यक्रम के अनुसार उन्हें आज इस सम्मेलन में शामिल होना था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/123403/bihar--lok-sabha-speaker-om-birla-inaugurates-all-india-presiding-officers-conference-in-patna</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/123403/bihar--lok-sabha-speaker-om-birla-inaugurates-all-india-presiding-officers-conference-in-patna</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 16:25:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिरला की सांसदों को चेतावनी: संसद के किसी द्वार पर प्रदर्शन करेंगे तो होगी उचित कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच ‘धक्का-मुक्की’ की घटना की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को सांसदों को चेतावनी दी कि वे संसद भवन के किसी द्वार तथा परिसर के भीतर धरना-प्रदर्शन नहीं करें और यदि ऐसा करते हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>बिरला ने लोकसभा में यह भी कहा कि संसद की मर्यादा और गरिमा सुनिश्चित करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘माननीय सदस्यगण, मैं आपसे पुन: आग्रह करता हूं कि संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। संसद भवन के किसी भी द्वार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/112623/birla-s-warning-to-mps--appropriate-action-will-be-taken-if-they-protest-at-any-gate-of-parliament"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच ‘धक्का-मुक्की’ की घटना की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को सांसदों को चेतावनी दी कि वे संसद भवन के किसी द्वार तथा परिसर के भीतर धरना-प्रदर्शन नहीं करें और यदि ऐसा करते हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>बिरला ने लोकसभा में यह भी कहा कि संसद की मर्यादा और गरिमा सुनिश्चित करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘माननीय सदस्यगण, मैं आपसे पुन: आग्रह करता हूं कि संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। संसद भवन के किसी भी द्वार पर धरना-प्रदर्शन करना उचित नहीं है। आपको नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करना पड़ेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इसे गंभीरता से लें। किसी भी स्थिति में संसद भवन के द्वार पर और परिसर में प्रदर्शन नहीं करें, नहीं तो संसद को उचित कार्रवाई करनी पड़ेगी।’’</p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए कल विपक्षी सदस्यों ने मार्च निकाला तो भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।</p>
<p>संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए। भाजपा सासंद मुकेश राजपूत को भी चोट लगी है।</p>
<p>दूसरी तरफ, कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के सांसदों ने उसके अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई महिला सांसदों को संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की।</p>
<p>कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर राज्यसभा में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया।</p>
<p>मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया, जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं, ‘‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर...। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’’</p>
<p>दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया और यह सुनिश्चित किया कि वह चुनाव में हार जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/112623/birla-s-warning-to-mps--appropriate-action-will-be-taken-if-they-protest-at-any-gate-of-parliament</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/112623/birla-s-warning-to-mps--appropriate-action-will-be-taken-if-they-protest-at-any-gate-of-parliament</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 14:17:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/om-birla.jpg"                         length="50944"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        